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Chamba News: खेतों में फसल तैयार... सुविधा पर ताला
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सलूणी (चंबा)। खेतों में फसल तैयार होने वाली है लेकिन किसानों को उसकी बिक्री से पहले उसे सुरक्षित रखने की चिंता सताने लगी है। सलूणी में किसानों की सुविधा के लिए बनाया गया कोल्ड स्टोर वर्षों से बंद पड़ा है। स्टोर के मुख्य द्वार पर लटका ताला क्षेत्र की करीब 25 पंचायतों के किसानों की परेशानी को बयां कर रहा है। क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फसल उत्पादन होने के बावजूद उपज के सुरक्षित भंडारण की सुविधा किसानों को नहीं मिल पा रही है।
वर्ष 2010 में शुरू हुए इस कोल्ड स्टोर से करीब छह साल तक किसानों को सुविधा मिली। किसान अपनी उपज और अनाज को यहां सुरक्षित रखते थे। इससे फसल को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद मिलती थी और किसानों को उसे खराब होने से बचाने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता था लेकिन वर्ष 2016 के बाद यह सुविधा बंद हो गई।
किसानों तेज सिंह, महिंद्र कुमार, धारो राम, देवराज शर्मा, कर्म चंद, बिहारी लाल, मोहन कुमार आदि ने बताया कि सलूणी में बड़ी संख्या में किसान कृषि पर निर्भर हैं। फसल तैयार होने के बाद उचित भंडारण की व्यवस्था नहीं होने से किसानों को अपनी उपज घरों या अन्य स्थानों पर रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि लंबे समय तक सुरक्षित भंडारण न मिलने से फसल खराब होने का खतरा रहता है, जिससे उनकी मेहनत और कमाई दोनों प्रभावित हो सकती हैं। जब कोल्ड स्टोर संचालित था तो उन्हें काफी राहत मिलती थी। किसानों ने कई बार संबंधित विभाग को समस्या से अवगत करवाया लेकिन अभी तक कोल्ड स्टोर को दोबारा शुरू नहीं किया गया। कोल्ड स्टोर खोलने की मांग अब प्रशासन तक पहुंच चुकी है। किसान इस संबंध में एसडीएम सलूणी से भी मिल चुके हैं।
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सलूणी के एसडीएम सुरेंद्र कुमार कटोच ने कहा कि कोल्ड स्टोर बंद होने का मामला उनके ध्यान में लाया गया है। किसानों को इसका लाभ मिल सके, इसके लिए संबंधित विभाग को कोल्ड स्टोर खोलने के निर्देश दिए जाएंगे।
20 हजार किसानों को मिलता था लाभ
कोल्ड स्टोर में सेब, आलू, मटर, फ्रासबीन सहित अन्य बेमौसमी सब्जियों को सुरक्षित रखा जाता था। इससे क्षेत्र की करीब 25 पंचायतों के 20 हजार किसानों को लाभ मिलता था। कोल्ड स्टोर बंद होने से अब किसानों के सामने फसल को सुरक्षित रखने की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं, मजबूरी में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारी किसानों से उनकी फसल मनमाने दाम पर खरीदते हैं, जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है।
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वर्ष 2010 में शुरू हुए इस कोल्ड स्टोर से करीब छह साल तक किसानों को सुविधा मिली। किसान अपनी उपज और अनाज को यहां सुरक्षित रखते थे। इससे फसल को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद मिलती थी और किसानों को उसे खराब होने से बचाने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता था लेकिन वर्ष 2016 के बाद यह सुविधा बंद हो गई।
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किसानों तेज सिंह, महिंद्र कुमार, धारो राम, देवराज शर्मा, कर्म चंद, बिहारी लाल, मोहन कुमार आदि ने बताया कि सलूणी में बड़ी संख्या में किसान कृषि पर निर्भर हैं। फसल तैयार होने के बाद उचित भंडारण की व्यवस्था नहीं होने से किसानों को अपनी उपज घरों या अन्य स्थानों पर रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि लंबे समय तक सुरक्षित भंडारण न मिलने से फसल खराब होने का खतरा रहता है, जिससे उनकी मेहनत और कमाई दोनों प्रभावित हो सकती हैं। जब कोल्ड स्टोर संचालित था तो उन्हें काफी राहत मिलती थी। किसानों ने कई बार संबंधित विभाग को समस्या से अवगत करवाया लेकिन अभी तक कोल्ड स्टोर को दोबारा शुरू नहीं किया गया। कोल्ड स्टोर खोलने की मांग अब प्रशासन तक पहुंच चुकी है। किसान इस संबंध में एसडीएम सलूणी से भी मिल चुके हैं।
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सलूणी के एसडीएम सुरेंद्र कुमार कटोच ने कहा कि कोल्ड स्टोर बंद होने का मामला उनके ध्यान में लाया गया है। किसानों को इसका लाभ मिल सके, इसके लिए संबंधित विभाग को कोल्ड स्टोर खोलने के निर्देश दिए जाएंगे।
20 हजार किसानों को मिलता था लाभ
कोल्ड स्टोर में सेब, आलू, मटर, फ्रासबीन सहित अन्य बेमौसमी सब्जियों को सुरक्षित रखा जाता था। इससे क्षेत्र की करीब 25 पंचायतों के 20 हजार किसानों को लाभ मिलता था। कोल्ड स्टोर बंद होने से अब किसानों के सामने फसल को सुरक्षित रखने की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं, मजबूरी में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारी किसानों से उनकी फसल मनमाने दाम पर खरीदते हैं, जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है।