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कौशल विकास कोर्स करवाने वाले संस्थानों में लगेंगी बायोमीट्रिक मशीनें
Updated Tue, 11 Dec 2018 09:31 PM IST
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कौशल विकास के कोर्स करवाने वाले
संस्थानों में लगेंगी बायोमीट्रिक मशीनें
बायोमीट्रिक से प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति और अनुपस्थित का मिलेगा ब्योरा
जिला भर में संचालित तमाम इस तरह के संस्थानों का उपलब्ध होगा डाटाबेस
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जिला में कौशल विकास के तहत विभिन्न कोर्स करवाने वाले संस्थानों में बायोमीट्रिक मशीनें स्थापित होंगी। उपायुक्त हरिकेश मीणा ने सोमवार को जिला स्तरीय कौशल विकास समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश जारी किए।
उन्होंने कहा कि बायोमीट्रिक मशीनों की उपलब्धता से यह सुनिश्चित होगा कि कितने प्रशिक्षणार्थी संस्थान में प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसके अलावा उनकी उपस्थिति या अनुपस्थिति को लेकर भी ब्योरा लिया जा सकेगा। बैठक में यह फैसला भी लिया गया कि सभी कोर्स तय अवधि के शेड्यूल के मुताबिक ही संचालित होने चाहिए। कोर्स की शुरुआत के समय जितने प्रशिक्षणार्थी होंगे, उन्हीं के अनुरूप पूरा कोर्स संपन्न होगा। यानी कोर्स के दौरान किसी प्रशिक्षणार्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा। यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि प्रशिक्षणार्थी कोर्स के लिए निश्चित की गई पूरी अवधि के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त कर कौशल विकास में निपुणता हासिल कर सकें। इन संस्थानों को कोर्स की विषय वस्तु, कोर्स की अवधि, प्रशिक्षणार्थियों की संख्या और परीक्षाओं के आयोजन को लेकर पूरी जानकारी जिला स्तरीय कौशल विकास समिति के सदस्य सचिव एवं जिला रोजगार अधिकारी के कार्यालय को मुहैया करनी होगी।
उपायुक्त ने कहा कि जब जिले में संचालित तमाम इस तरह के संस्थानों का डाटाबेस उपलब्ध रहेगा तो न केवल इन तमाम संस्थानों की बेहतर तरीके से मॉनिटरिंग की जा सकेगी, बल्कि यह ब्योरा भी जानकारी में रहेगा कि जिले में कुल कितने प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं और संस्थान कौन-कौन से कोर्स संचालित कर रहे हैं। उपायुक्त ने जिला रोजगार अधिकारी को कहा कि अब तक जिले में जो प्रशिक्षणार्थी कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, उनका भी अलग से डाटाबेस तैयार किया जाए। उपायुक्त ने इस बात पर भी जोर दिया कि संस्थान को प्रशिक्षण की अवधि पूरी करने के बाद प्रशिक्षणार्थियों की प्लेसमेंट को लेकर भी प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, ताकि वे स्वरोजगार का एक स्थायी जरिया भी प्राप्त कर सकें। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त हेमराज बैरवा, जिला रोजगार अधिकारी अरविंद चौहान, परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण संजीव ठाकुर, प्रबंधक उद्योग विभाग विनीत कुमार के अलावा समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
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संस्थानों में लगेंगी बायोमीट्रिक मशीनें
बायोमीट्रिक से प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति और अनुपस्थित का मिलेगा ब्योरा
जिला भर में संचालित तमाम इस तरह के संस्थानों का उपलब्ध होगा डाटाबेस
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जिला में कौशल विकास के तहत विभिन्न कोर्स करवाने वाले संस्थानों में बायोमीट्रिक मशीनें स्थापित होंगी। उपायुक्त हरिकेश मीणा ने सोमवार को जिला स्तरीय कौशल विकास समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश जारी किए।
उन्होंने कहा कि बायोमीट्रिक मशीनों की उपलब्धता से यह सुनिश्चित होगा कि कितने प्रशिक्षणार्थी संस्थान में प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसके अलावा उनकी उपस्थिति या अनुपस्थिति को लेकर भी ब्योरा लिया जा सकेगा। बैठक में यह फैसला भी लिया गया कि सभी कोर्स तय अवधि के शेड्यूल के मुताबिक ही संचालित होने चाहिए। कोर्स की शुरुआत के समय जितने प्रशिक्षणार्थी होंगे, उन्हीं के अनुरूप पूरा कोर्स संपन्न होगा। यानी कोर्स के दौरान किसी प्रशिक्षणार्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा। यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि प्रशिक्षणार्थी कोर्स के लिए निश्चित की गई पूरी अवधि के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त कर कौशल विकास में निपुणता हासिल कर सकें। इन संस्थानों को कोर्स की विषय वस्तु, कोर्स की अवधि, प्रशिक्षणार्थियों की संख्या और परीक्षाओं के आयोजन को लेकर पूरी जानकारी जिला स्तरीय कौशल विकास समिति के सदस्य सचिव एवं जिला रोजगार अधिकारी के कार्यालय को मुहैया करनी होगी।
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उपायुक्त ने कहा कि जब जिले में संचालित तमाम इस तरह के संस्थानों का डाटाबेस उपलब्ध रहेगा तो न केवल इन तमाम संस्थानों की बेहतर तरीके से मॉनिटरिंग की जा सकेगी, बल्कि यह ब्योरा भी जानकारी में रहेगा कि जिले में कुल कितने प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं और संस्थान कौन-कौन से कोर्स संचालित कर रहे हैं। उपायुक्त ने जिला रोजगार अधिकारी को कहा कि अब तक जिले में जो प्रशिक्षणार्थी कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, उनका भी अलग से डाटाबेस तैयार किया जाए। उपायुक्त ने इस बात पर भी जोर दिया कि संस्थान को प्रशिक्षण की अवधि पूरी करने के बाद प्रशिक्षणार्थियों की प्लेसमेंट को लेकर भी प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, ताकि वे स्वरोजगार का एक स्थायी जरिया भी प्राप्त कर सकें। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त हेमराज बैरवा, जिला रोजगार अधिकारी अरविंद चौहान, परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण संजीव ठाकुर, प्रबंधक उद्योग विभाग विनीत कुमार के अलावा समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
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