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ओलावृष्टि से बंद और फूलगोभी की 80 फीसदी फसल तबाह
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साहो (चंबा)। विकास खंड मैहला के तहत रजिंडू, कीड़ी और अठलुई पंचायतों में बुधवार को एक घंटे की बारिश ने खूब तबाही मचाई। मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से बंद और फूलगोभी की 80 फीसदी फसल तबाह हो गई है। वहीं, खेतों में लहलहा रही मक्की की फसल भी ढह गई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। मूसलाधार बारिश ने ग्रामीणों को राहत देने की बजाय उनका मर्ज बढ़ा दिया है।
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत रजिंडू, कीड़ी और अठलुई की अधिकांश आबादी खेतीबाड़ी कर ही परिवारों का पालन-पोषण करती है। ग्रामीण क्षेत्रों के किसान मौसम पर ही पूरी तरह निर्भर हैं। ऐसे में बुधवार शाम चार से पांच बजे तक हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की परेशानियों को बढ़ा दिया। एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की खेतों में लहलहा रही बंदगोभी और फूलगोभी की फसल नष्ट हो गई। अब किसानों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है।
कीड़ी के कृषक संजीव कुमार, धर्मचंद, अजय कुमार, नरेंद्र कुमार, किरपा राम, प्रकाश चंद, आत्मा राम आदि ने कहा कि बुधवार शाम एक घंटे की बारिश से खेतों में बीजी गई बंदगोभी, फूलगोभी और मक्की की फसल तबाह हो गई है।
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कहा कि एक तरफ कोरोना की मार और उस पर मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। उन्होंने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है प्राथमिकता के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाए। कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलदीप धीमान ने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि से जिन पंचायतों में नुकसान हुआ है, वहां नुकसान का आकलन तैयार करने के लिए विभागीय कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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गौरतलब है कि ग्राम पंचायत रजिंडू, कीड़ी और अठलुई की अधिकांश आबादी खेतीबाड़ी कर ही परिवारों का पालन-पोषण करती है। ग्रामीण क्षेत्रों के किसान मौसम पर ही पूरी तरह निर्भर हैं। ऐसे में बुधवार शाम चार से पांच बजे तक हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की परेशानियों को बढ़ा दिया। एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की खेतों में लहलहा रही बंदगोभी और फूलगोभी की फसल नष्ट हो गई। अब किसानों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है।
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कीड़ी के कृषक संजीव कुमार, धर्मचंद, अजय कुमार, नरेंद्र कुमार, किरपा राम, प्रकाश चंद, आत्मा राम आदि ने कहा कि बुधवार शाम एक घंटे की बारिश से खेतों में बीजी गई बंदगोभी, फूलगोभी और मक्की की फसल तबाह हो गई है।
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कहा कि एक तरफ कोरोना की मार और उस पर मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। उन्होंने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है प्राथमिकता के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाए। कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलदीप धीमान ने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि से जिन पंचायतों में नुकसान हुआ है, वहां नुकसान का आकलन तैयार करने के लिए विभागीय कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।