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Chamba News: पेयजल टैंक में ही नहला दिए मवेशी, लोग भड़के, विभाग को भेजा वीडियो
Wed, 02 Oct 2024 10:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 02 Oct 2024 10:08 PM IST
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चंबा की सुंडला पंचायत के ऐरवां के पेयजल टैंक में पड़ी गंदगी। स्त्रोत जागरूक पाठक
सलूणी (चंबा)। सुंडला पंचायत के लोगों को पीने के लिए गंदा पानी दिया जा रहा है। इसका पता लोगों को उस समय लगा, जब पंचायत के कुछ लोग पेयजल भंडारण टैंक की जांच करने के लिए ऐरवां गांव पहुंचे।
उन्होंने देखा कि कुछ लोग मवेशियों को पेयजल टैंक में नहला रहे हैं। इतना ही नहीं, मवेशियों का मल मूत्र भी इसी टैंक में फेंका जा रहा है। इस पेयजल टैंक से पंचायत के आधा दर्जन गांवों में पीने के पानी की आपूर्ति की जाती है। इससे लोग भड़क गए हैं। इसको लेकर लोगों ने वीडियो भी बनाया है। इसे लोगों ने जल शक्ति विभाग के अधिकारी को भी भेजा है। साथ ही पीने के पानी को गंदा करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि उनके घरों में लगे नलकों में कुछ दिन से पानी गंदा आ रहा था। वे यही सोचते रहे कि शायद पहाड़ों पर बारिश होने के कारण ऐसा हो रहा है, लेकिन जब उन्होंने ऐरवां में जाकर देखा तो पता चला कि पानी को जानबूझकर गंदा किया जा रहा है। मवेशियों को दिन भर पानी के टैंक में नहलाया जा रहा है। जहां मवेशी बांधे जाते हैं, वहां से गोबर उठाकर पानी के टैंक में डाला जा रहा है। अब ग्रामीण इस पानी को पीने से इंकार कर रहे हैं। लोग जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। पेयजल भंडारण टैंक की विभाग की तरफ से नियमित सुध नहीं ली जा रही है। इसके परिणाम स्वरूप ये हालात पैदा हुए। उधर, जल शक्ति विभाग के सुपरवाइजर पवन कुमार ने बताया कि उन्होंने संबंधित फिटर को जांच करने के लिए भेजा गया है।
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उन्होंने देखा कि कुछ लोग मवेशियों को पेयजल टैंक में नहला रहे हैं। इतना ही नहीं, मवेशियों का मल मूत्र भी इसी टैंक में फेंका जा रहा है। इस पेयजल टैंक से पंचायत के आधा दर्जन गांवों में पीने के पानी की आपूर्ति की जाती है। इससे लोग भड़क गए हैं। इसको लेकर लोगों ने वीडियो भी बनाया है। इसे लोगों ने जल शक्ति विभाग के अधिकारी को भी भेजा है। साथ ही पीने के पानी को गंदा करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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ग्रामीणों का कहना है कि उनके घरों में लगे नलकों में कुछ दिन से पानी गंदा आ रहा था। वे यही सोचते रहे कि शायद पहाड़ों पर बारिश होने के कारण ऐसा हो रहा है, लेकिन जब उन्होंने ऐरवां में जाकर देखा तो पता चला कि पानी को जानबूझकर गंदा किया जा रहा है। मवेशियों को दिन भर पानी के टैंक में नहलाया जा रहा है। जहां मवेशी बांधे जाते हैं, वहां से गोबर उठाकर पानी के टैंक में डाला जा रहा है। अब ग्रामीण इस पानी को पीने से इंकार कर रहे हैं। लोग जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। पेयजल भंडारण टैंक की विभाग की तरफ से नियमित सुध नहीं ली जा रही है। इसके परिणाम स्वरूप ये हालात पैदा हुए। उधर, जल शक्ति विभाग के सुपरवाइजर पवन कुमार ने बताया कि उन्होंने संबंधित फिटर को जांच करने के लिए भेजा गया है।
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