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बसों की हालत खस्ता, अस्पतालों में स्टाफ नहीं : गोस्वामी
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बसों की हालत खस्ता, अस्पतालों में स्टाफ नहीं : गोस्वामी
चंबा वेलफेयर एसोसिएशन ने घेरी सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में परिवहन निगम की बसों का रास्ते में खराब होने का सिलसिला लगातार जारी है। यही वजह है कि लोग अब एचआरटीसी की बसों में सफर करने से कतराने लगे हैं। चंबा वेलफेयर एसोसिएशन चंबा की मासिक बैठक के दौरान एसोसिएशन के प्रधान ओम प्रकाश गोस्वामी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि निगम की करीब सभी बसें खटारा हो चुकी हैं। उनकी मरम्मत और रखरखाव के लिए न तो पर्याप्त तकनीकी स्टाफ है न ही कलपुर्जे उपलब्ध हैं। बसें महज 50 मीटर चलने के बाद हांफ रही हैं। रात के सन्नाटे में कई बार बसों के खराब होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ रही है। न्यू बस स्टैंड को बने आठ वर्ष हो चुके हैं लेकिन, 2009 में प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव और चंबा के सामाजिक संगठनों के साथ हुए करार को आज तक सरकार और प्रशासन पूरा नहीं कर पाया है। नए से पुराने बस स्टैंड के बीच पूरे समय के लिए न तो शटल बस सेवा शुरू हुई न ही लिफ्ट लगाई गई है। यही नहीं एक्सलेटर भी स्थापित नहीं हो पाया है। नए बस स्टैंड को बनाने में महज चंबा की ऐतिहासिक जेल की दीवारों को ही तोड़ा और वर्कशॉप अभी भी नहीं तोड़ी है। आनन-फानन में महज एक सुविधाविहीन अंतरराष्ट्रीय बस स्टैंड बना कर चालू कर दिया है। यहां पर शौचालय और प्रतीक्षा कक्ष की उचित व्यवस्था नहीं है। चालकों के लिए विश्राम गृह नहीं है। निजी बसों के रात्रि ठहराव के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। न ही टैक्सियों को ठहराने और बसों के अलग से अंदर जाने और बाहर निकलने की व्यवस्था है। इसके बारे में उपमुख्यमंत्री, सदर विधायक, विधानसभा अध्यक्ष, उपायुक्त और निगम प्रबंधक को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन, समस्या जस की तस है। जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से चरमरा गई हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा में स्टाफ और जरूरी सुविधाओं के अभाव में मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा है। सरकार और प्रशासन की उदासीनता के कारण आकांक्षी जिले को गंभीरता से नहीं लिया गया है। मेडिकल कॉलेज में जानलेवा कैंसर और ह्दयरोग से संबंधित इलाज की कोई उचित व्यवस्था नही है। बैठक में ईश्वरी प्रसाद शर्मा, सुरेश कश्मीरी, सत्य प्रसाद वैद, प्रेम सिंह सरदार, राम चंद धीमान आदि मौजूद रहे।
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चंबा वेलफेयर एसोसिएशन ने घेरी सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में परिवहन निगम की बसों का रास्ते में खराब होने का सिलसिला लगातार जारी है। यही वजह है कि लोग अब एचआरटीसी की बसों में सफर करने से कतराने लगे हैं। चंबा वेलफेयर एसोसिएशन चंबा की मासिक बैठक के दौरान एसोसिएशन के प्रधान ओम प्रकाश गोस्वामी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि निगम की करीब सभी बसें खटारा हो चुकी हैं। उनकी मरम्मत और रखरखाव के लिए न तो पर्याप्त तकनीकी स्टाफ है न ही कलपुर्जे उपलब्ध हैं। बसें महज 50 मीटर चलने के बाद हांफ रही हैं। रात के सन्नाटे में कई बार बसों के खराब होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ रही है। न्यू बस स्टैंड को बने आठ वर्ष हो चुके हैं लेकिन, 2009 में प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव और चंबा के सामाजिक संगठनों के साथ हुए करार को आज तक सरकार और प्रशासन पूरा नहीं कर पाया है। नए से पुराने बस स्टैंड के बीच पूरे समय के लिए न तो शटल बस सेवा शुरू हुई न ही लिफ्ट लगाई गई है। यही नहीं एक्सलेटर भी स्थापित नहीं हो पाया है। नए बस स्टैंड को बनाने में महज चंबा की ऐतिहासिक जेल की दीवारों को ही तोड़ा और वर्कशॉप अभी भी नहीं तोड़ी है। आनन-फानन में महज एक सुविधाविहीन अंतरराष्ट्रीय बस स्टैंड बना कर चालू कर दिया है। यहां पर शौचालय और प्रतीक्षा कक्ष की उचित व्यवस्था नहीं है। चालकों के लिए विश्राम गृह नहीं है। निजी बसों के रात्रि ठहराव के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। न ही टैक्सियों को ठहराने और बसों के अलग से अंदर जाने और बाहर निकलने की व्यवस्था है। इसके बारे में उपमुख्यमंत्री, सदर विधायक, विधानसभा अध्यक्ष, उपायुक्त और निगम प्रबंधक को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन, समस्या जस की तस है। जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से चरमरा गई हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा में स्टाफ और जरूरी सुविधाओं के अभाव में मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा है। सरकार और प्रशासन की उदासीनता के कारण आकांक्षी जिले को गंभीरता से नहीं लिया गया है। मेडिकल कॉलेज में जानलेवा कैंसर और ह्दयरोग से संबंधित इलाज की कोई उचित व्यवस्था नही है। बैठक में ईश्वरी प्रसाद शर्मा, सुरेश कश्मीरी, सत्य प्रसाद वैद, प्रेम सिंह सरदार, राम चंद धीमान आदि मौजूद रहे।