{"_id":"664a2b07479ae0705e01ca53","slug":"bus-left-half-an-hour-late-lights-went-off-on-the-way-reached-delhi-with-fog-lights-chamba-news-c-88-1-ssml1004-125272-2024-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: आधा घंटे देर से चली बस, रास्ते में ही बुझ गई रोशनी, फॉग लाइट से पहुंचाई लिल्ह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: आधा घंटे देर से चली बस, रास्ते में ही बुझ गई रोशनी, फॉग लाइट से पहुंचाई लिल्ह
Sun, 19 May 2024 10:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 19 May 2024 10:08 PM IST
विज्ञापन
चंबा-लिल्ह मार्ग पर हेड लाइट खराब होने पर फॉग लाइट के सहारे रोशनी का जुगाड़ कर जाती बस। स्त्रोत-
चंबा। बस स्टैंड चंबा से लिल्ह रूट पर निकली बस की बीच रास्ते में लाइटें बंद हो गईं। अड्डे से यह बस बीते शनिवार शाम को पहले ही आधा घंटा देरी से चली।
इसका चलने का समय साढ़े छह बजे था, लेकिन सात बजे इसे रवाना किया गया। बस में 42 सवारियां थीं। अंधेरा होते ही बस की लाइटें भी बंद हो गईं। चालक को फॉग लाइट का सहारा लेना पड़ा। बीच-बीच में बस खराब होती रही। चालक और परिचालक बस को सड़क किनारे खड़ा करने के बाद इससे उतरकर पंप मारकर स्टार्ट करते रहे। ऐसा एक-दो नहीं, बल्कि कई बार हुआ। ढाई घंटे बाद रात करीब साढ़े नौ बजे एचआरटीसी की बस लिल्ह पहुंची, जबकि इसका लिल्ह पहुंचने का समय आठ बजे का है। इसमें सफर कर रहीं सवारियों को परेशान होना पड़ा। कई लोग तो रात को 12 बजे के बाद ही घर पहुंच पाए। इस दौरान यात्री परिवहन निगम की लचर सेवाओं को कोसते नजर आए। यात्रियों ने मुख्यमंत्री संकल्प सेवा पर भी इसकी शिकायत की है।
यात्रियों चतरो राम, मनख राम, भीमसेन, कांता देवी, मचलू राम, कर्म सिंह, देवराज, महिंद्र कुमार, आशा देवी, कौशल्या देवी, पिंकी देवी और रेखा ने कहा कि बस में करीब 25 सवारियां तो लिल्ह की थीं। लिल्ह, बग्गा, बकाणी, मैहला, चमेरा, जांघी, कलसुई, चूड़ी पुल के लोग भी थे। बस सात बजे बस स्टैंड चंबा से रवाना हुई। इसकी मुख्य लाइट बंद होने पर परिचालक ने फॉग लाइट के सहारे ही इसे आगे बढ़ाया। बस रात को साढ़े नौ बजे लिल्ह पहुंची। यहां से दो घंटों का सफर तय कर सेरी, सकरेला, कुण, ज्योटी, ठकेड़, गाण, कलमला की सवारियां देर रात 12 बजे घर पहुंच पाईं। उधर, एचआरटीसी चंबा डिपो के आरएम चंबा शुगल सिंह ने बताया कि तकनीकी खराबी के चलते ऐसी समस्या आई थी। समस्या का समाधान करवा दिया गया है।
--
विज्ञापन
इसका चलने का समय साढ़े छह बजे था, लेकिन सात बजे इसे रवाना किया गया। बस में 42 सवारियां थीं। अंधेरा होते ही बस की लाइटें भी बंद हो गईं। चालक को फॉग लाइट का सहारा लेना पड़ा। बीच-बीच में बस खराब होती रही। चालक और परिचालक बस को सड़क किनारे खड़ा करने के बाद इससे उतरकर पंप मारकर स्टार्ट करते रहे। ऐसा एक-दो नहीं, बल्कि कई बार हुआ। ढाई घंटे बाद रात करीब साढ़े नौ बजे एचआरटीसी की बस लिल्ह पहुंची, जबकि इसका लिल्ह पहुंचने का समय आठ बजे का है। इसमें सफर कर रहीं सवारियों को परेशान होना पड़ा। कई लोग तो रात को 12 बजे के बाद ही घर पहुंच पाए। इस दौरान यात्री परिवहन निगम की लचर सेवाओं को कोसते नजर आए। यात्रियों ने मुख्यमंत्री संकल्प सेवा पर भी इसकी शिकायत की है।
यात्रियों चतरो राम, मनख राम, भीमसेन, कांता देवी, मचलू राम, कर्म सिंह, देवराज, महिंद्र कुमार, आशा देवी, कौशल्या देवी, पिंकी देवी और रेखा ने कहा कि बस में करीब 25 सवारियां तो लिल्ह की थीं। लिल्ह, बग्गा, बकाणी, मैहला, चमेरा, जांघी, कलसुई, चूड़ी पुल के लोग भी थे। बस सात बजे बस स्टैंड चंबा से रवाना हुई। इसकी मुख्य लाइट बंद होने पर परिचालक ने फॉग लाइट के सहारे ही इसे आगे बढ़ाया। बस रात को साढ़े नौ बजे लिल्ह पहुंची। यहां से दो घंटों का सफर तय कर सेरी, सकरेला, कुण, ज्योटी, ठकेड़, गाण, कलमला की सवारियां देर रात 12 बजे घर पहुंच पाईं। उधर, एचआरटीसी चंबा डिपो के आरएम चंबा शुगल सिंह ने बताया कि तकनीकी खराबी के चलते ऐसी समस्या आई थी। समस्या का समाधान करवा दिया गया है।
विज्ञापन