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Chamba News: सांसों को सहारा चाहिए... सिस्टम को रफ्तार
Fri, 10 Jul 2026 10:39 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 10 Jul 2026 10:39 PM IST
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मेडिकल कॉलेज चंबा में नेबुलाइजर मास्क, पेंटॉप और रेबीज इंजेक्शन का स्टॉक खत्म
लोगों को अस्पताल से बाहर महंगे दामों पर खरीदकर लाना पड़ रहा है सामान
चंबा, चुराह, भरमौर-पांगी, भटियात, डलहौजी के लोग यहां लेते है स्वास्थ्य लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में इलाज से पहले जरूरी चिकित्सा सामग्री का इंतजाम करना मरीजों की मजबूरी बन गया है।
पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज में नेबुलाइजर मास्क, पेंटॉप और रेबीज इंजेक्शन का स्टॉक खत्म होने से मरीजों की सांसें और परिजनों की जेब दोनों पर दबाव बढ़ गया है। हालत यह है कि जीवनरक्षक उपचार के लिए भी लोगों को अस्पताल से बाहर महंगे दामों पर सामान खरीदकर लाना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन टेंडर कर आवश्यक दवाइयां और चिकित्सा सामग्री मंगवाने की बात कह रहा है।
मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से जरूरी दवाओं और चिकित्सा सामग्री की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। अस्पताल में नेबुलाइजर मास्क उपलब्ध न होने से सांस संबंधी मरीजों के उपचार में दिक्कतें आ रही हैं। पेंटॉप इंजेक्शन का भी स्टॉक खत्म होने से मरीजों और उनके परिजनों को बाहर मेडिकल स्टोरों से महंगे दामों पर इन्हें खरीदना पड़ रहा है।
विधानसभा क्षेत्र चंबा, चुराह, भरमौर, पांगी, भटियात और डलहौजी जैसे दूरदराज क्षेत्रों से रोजाना सैकड़ों मरीज उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं। मरीजों-तीमारदारों में जोगेंद्र शर्मा, अमित कुमार, केशव चंद, दलीप कुमार का कहना है कि मेडिकल कॉलेज चंबा में नेबुलाइजर मास्क और पेंटॉप इंजेक्शन के अभाव में बाजार से महंगे दाम पर सामान खरीद कर लाना पड़ रहा है। प्रबंधन भी इसकी सुध नहीं ले रहा है। प्रबुद्धजनों में सुरेश कश्मीरी, शादी लाल शर्मा, डॉ. डीके सोनी, योगराज का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त या रियायती उपचार की उम्मीद लेकर आने के बावजूद जरूरी दवाएं और उपकरण बाहर से खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। आकांक्षी जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में इस तरह की कमी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उधर, मेडिकल कॉलेज चंबा के प्रवक्ता मानिक सहगल ने बताया कि चिकित्सा सामग्री के लिए टेंडर किए गए हैं। जल्द सामान पहुंचने की उम्मीद है।
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लोगों को अस्पताल से बाहर महंगे दामों पर खरीदकर लाना पड़ रहा है सामान
चंबा, चुराह, भरमौर-पांगी, भटियात, डलहौजी के लोग यहां लेते है स्वास्थ्य लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में इलाज से पहले जरूरी चिकित्सा सामग्री का इंतजाम करना मरीजों की मजबूरी बन गया है।
पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज में नेबुलाइजर मास्क, पेंटॉप और रेबीज इंजेक्शन का स्टॉक खत्म होने से मरीजों की सांसें और परिजनों की जेब दोनों पर दबाव बढ़ गया है। हालत यह है कि जीवनरक्षक उपचार के लिए भी लोगों को अस्पताल से बाहर महंगे दामों पर सामान खरीदकर लाना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन टेंडर कर आवश्यक दवाइयां और चिकित्सा सामग्री मंगवाने की बात कह रहा है।
मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से जरूरी दवाओं और चिकित्सा सामग्री की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। अस्पताल में नेबुलाइजर मास्क उपलब्ध न होने से सांस संबंधी मरीजों के उपचार में दिक्कतें आ रही हैं। पेंटॉप इंजेक्शन का भी स्टॉक खत्म होने से मरीजों और उनके परिजनों को बाहर मेडिकल स्टोरों से महंगे दामों पर इन्हें खरीदना पड़ रहा है।
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विधानसभा क्षेत्र चंबा, चुराह, भरमौर, पांगी, भटियात और डलहौजी जैसे दूरदराज क्षेत्रों से रोजाना सैकड़ों मरीज उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं। मरीजों-तीमारदारों में जोगेंद्र शर्मा, अमित कुमार, केशव चंद, दलीप कुमार का कहना है कि मेडिकल कॉलेज चंबा में नेबुलाइजर मास्क और पेंटॉप इंजेक्शन के अभाव में बाजार से महंगे दाम पर सामान खरीद कर लाना पड़ रहा है। प्रबंधन भी इसकी सुध नहीं ले रहा है। प्रबुद्धजनों में सुरेश कश्मीरी, शादी लाल शर्मा, डॉ. डीके सोनी, योगराज का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त या रियायती उपचार की उम्मीद लेकर आने के बावजूद जरूरी दवाएं और उपकरण बाहर से खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। आकांक्षी जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में इस तरह की कमी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उधर, मेडिकल कॉलेज चंबा के प्रवक्ता मानिक सहगल ने बताया कि चिकित्सा सामग्री के लिए टेंडर किए गए हैं। जल्द सामान पहुंचने की उम्मीद है।
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