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Chamba News: आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में दस साल से चिकित्सक नहीं
Wed, 17 Jul 2024 10:31 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 17 Jul 2024 10:31 PM IST
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चुराह (चंबा)। चुराह की तीन पंचायतों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने वाली आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में दस सालों से कोई भी चिकित्सक तैनात नहीं है। पिछले 25 वर्षों से यह डिस्पेंसरी किराये के भवन में चल रही है।
आज तक इस डिस्पेंसरी को अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है। इसकी वजह से यहां जाने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आयुर्वेदिक मेडिकल अफसर का पद दस साल पहले डिस्पेंसरी में खाली हो गया था, जिसे भरने के लिए किसी भी सरकार ने आज तक जहमत नहीं उठाई। यही कारण है कि ग्राम पंचायत टिकरीगढ़, लेसुई और देहरोग में रहने वाले लोगों को बीमारी का इलाज करवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग आज भी आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से अपनी बीमारी का इलाज करवाने को प्राथमिकता देते हैं।
ग्रामीणों में जीवन कुमार, दीपक ठाकुर, रमन कुमार ओहरी, तनु ओहरी, सन्नी, संजू और कुलदीप ठाकुर ने बताया कि आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में चिकित्सक नहीं होने से मरीजों को चिकित्सीय परामर्श नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य सेवा के नाम पर उन्हें हल्की बीमारी के ईलाज की दवाई फार्मासिस्ट द्वारा दी जा रही है। जबकि चिकित्सक द्वारा उनकी बीमारी की जांच नहीं की जा रही है। उन्होंने सरकार व विभाग से मांग की है कि डिस्पेंसरी में चिकित्सक की तैनाती की जाए।
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आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में तैनात फार्मासिस्ट अधिकारी तरसेम लाल ने बताया कि चिकित्सक के रिक्त पद के बारे में उच्चाधिकारी को अवगत करवाया जा चुका है। अपना भवन नहीं होने के कारण योगा क्लासें लगाने में भी दिक्कत हो रही है।
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आज तक इस डिस्पेंसरी को अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है। इसकी वजह से यहां जाने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आयुर्वेदिक मेडिकल अफसर का पद दस साल पहले डिस्पेंसरी में खाली हो गया था, जिसे भरने के लिए किसी भी सरकार ने आज तक जहमत नहीं उठाई। यही कारण है कि ग्राम पंचायत टिकरीगढ़, लेसुई और देहरोग में रहने वाले लोगों को बीमारी का इलाज करवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग आज भी आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से अपनी बीमारी का इलाज करवाने को प्राथमिकता देते हैं।
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ग्रामीणों में जीवन कुमार, दीपक ठाकुर, रमन कुमार ओहरी, तनु ओहरी, सन्नी, संजू और कुलदीप ठाकुर ने बताया कि आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में चिकित्सक नहीं होने से मरीजों को चिकित्सीय परामर्श नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य सेवा के नाम पर उन्हें हल्की बीमारी के ईलाज की दवाई फार्मासिस्ट द्वारा दी जा रही है। जबकि चिकित्सक द्वारा उनकी बीमारी की जांच नहीं की जा रही है। उन्होंने सरकार व विभाग से मांग की है कि डिस्पेंसरी में चिकित्सक की तैनाती की जाए।
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आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में तैनात फार्मासिस्ट अधिकारी तरसेम लाल ने बताया कि चिकित्सक के रिक्त पद के बारे में उच्चाधिकारी को अवगत करवाया जा चुका है। अपना भवन नहीं होने के कारण योगा क्लासें लगाने में भी दिक्कत हो रही है।