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Chamba News: गर्मियां शुरू होते ही पहाड़ों में लौटने लगे भेड़ पालक
Sun, 22 Mar 2026 10:36 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 22 Mar 2026 10:36 PM IST
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अपने पशु धन के साथ जोत के पास पहुंचे दो भेड़पालक
भरमौर, चुराह के पहाड़ों में बिताएंगे गर्मियों का मौसम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। गर्मी के मौसम की शुरुआत होते ही भेड़पालकों ने पशुधन के साथ मैदानी इलाकों से ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों की ओर पलायन शुरू कर दिया है।
पंजाब से कई भेड़पालक पशुधन के साथ जोत पहुंच चुके हैं। वे भरमौर और चुराह की धारों में जाएंगे। सर्दी की दस्तक होने पर भेड़पालक ऊपरी धारों से उतरकर मैदानी इलाकों का रुख करते हैं।
पहाड़ों पर सर्दियों में भारी बर्फबारी होती है। ऐसे में वहां पशुओं के लिए रहना नामुमकिन हो जाता है। यही कारण है कि वे सर्दी के दौरान मैदानी ईलाकों में पलायन करते हैं। गर्मी शुरू होते ही पहाड़ों पर लौटने लगते हैं। गर्मी के मौसम में पहाड़ों पर हरियाली रहती है पशुओं के चारे की भी कमी नहीं होती। मैदानी इलाकों में इतनी अधिक गर्मी होती है जिसे मवेशियों के लिए भी सहन करना कठिन होता है। यही वजह है कि हर साल ऋतु के साथ भेड़ पालक पशु धन के साथ पलायन करते हैं। भेड़ पालकों में विश्वंभर नाथ, कैलाश चंद, प्रताप चंद, अमरो राम, लेखराज और किशन कुमार ने बताया कि भेड़ पालकों का जीवन काफी कठिन होता है। पंजाब में सर्दी का मौसम काटने गए भेड़ पालक अब पहाड़ों की तरफ लौट रहे हैं।
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भरमौर, चुराह के पहाड़ों में बिताएंगे गर्मियों का मौसम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। गर्मी के मौसम की शुरुआत होते ही भेड़पालकों ने पशुधन के साथ मैदानी इलाकों से ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों की ओर पलायन शुरू कर दिया है।
पंजाब से कई भेड़पालक पशुधन के साथ जोत पहुंच चुके हैं। वे भरमौर और चुराह की धारों में जाएंगे। सर्दी की दस्तक होने पर भेड़पालक ऊपरी धारों से उतरकर मैदानी इलाकों का रुख करते हैं।
पहाड़ों पर सर्दियों में भारी बर्फबारी होती है। ऐसे में वहां पशुओं के लिए रहना नामुमकिन हो जाता है। यही कारण है कि वे सर्दी के दौरान मैदानी ईलाकों में पलायन करते हैं। गर्मी शुरू होते ही पहाड़ों पर लौटने लगते हैं। गर्मी के मौसम में पहाड़ों पर हरियाली रहती है पशुओं के चारे की भी कमी नहीं होती। मैदानी इलाकों में इतनी अधिक गर्मी होती है जिसे मवेशियों के लिए भी सहन करना कठिन होता है। यही वजह है कि हर साल ऋतु के साथ भेड़ पालक पशु धन के साथ पलायन करते हैं। भेड़ पालकों में विश्वंभर नाथ, कैलाश चंद, प्रताप चंद, अमरो राम, लेखराज और किशन कुमार ने बताया कि भेड़ पालकों का जीवन काफी कठिन होता है। पंजाब में सर्दी का मौसम काटने गए भेड़ पालक अब पहाड़ों की तरफ लौट रहे हैं।
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