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Chamba News: राजस्व अधिनियम में संशोधन नहीं होगा बर्दाश्त
Wed, 27 Sep 2023 10:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 27 Sep 2023 10:26 PM IST
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चुवाड़ी (चंबा)। राजस्व अधिनियम में संशोधन के माध्यम से राजस्व कार्यों को निपटाने के लिए बनाई गई समय सीमा पर संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ ने असहमति जताई है।
महासंघ ने सरकार को चेताया है कि यदि कार्यकारिणी से चर्चा के बिना इसे थोपने की कोशिश की गई तो महासंघ आंदोलन करने से गुरेज नहीं करेगा। संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष जसविंदर सिंह और महासचिव नवीन थापा ने कहा कि लोगों को समय पर सुविधा मिले, इसका महासंघ स्वागत करता है। यह केवल कानून बनाने से ही नहीं होगा, बल्कि धरातल पर आवश्यक सुधार करने होंगे। वर्तमान में पटवारी, कानूनगो, नायब तहसीलदार, तहसीलदार स्तर तक के लगभग 25 से 70 प्रतिशत पद खाली हैं। इसके अलावा पटवारी, कानूनगो को अपने राजस्व कार्य करने का समय ही नहीं मिलता है।
हर रोज विभिन्न प्रमाण पत्रों की रिपोर्ट, फोन से भिन्न-भिन्न सूचनाएं तैयार कर भेजना, पीएम किसान, स्वामित्व योजना, संकल्प शिकायत विवरणी के निपटारे, राहत कार्य, गिरदावरी, निर्वाचन कार्य, लोक निर्माण, वन, खनन, उद्योग आदि कई परियोजनाओं के मौका कार्य एवं संयुक्त निरीक्षण के अलावा इंतकाल दर्ज करना, उच्च अधिकारियों तथा माननीयों के भ्रमण में हाजिर होना, विभिन्न न्यायालय में पेशियों व रिकॉर्ड पेश करने को लेकर हाजिर होना होता है। राजस्व अभिलेख अपडेट करने समेत जमाबंदी की नकलें सत्यापित करना, 2000 से पहले का जो रिकॉर्ड कंप्यूटरीकृत नहीं हुआ है, इसकी लिखित नकल तैयार करना, मौका पर प्रतिमा तैयार करना, टीआरएस, गिरदावरी करना आरएमएस पोर्टल उपडेट करना पड़ता है।
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माह के अंत में प्रोग्रेस निशानदेही और तकसीम मांगी जाती है। एक कानूनगो ज्यादा से ज्यादा 5-7 निशानदेही के मामले एक महीने से निपटा सकता है, जबकि उसके पास निशानदेही के प्रति माह 30 से 40 मामले आते हैं। जिला चंबा में सभी तहसील व उप तहसील में लगभग हर पटवारी के पास दो, तीन पटवार वृत्त का अतिरिक्त कार्यभार है। महासंघ ने मांग की है कि पटवारी, कानूनगो को इस बिल में कोई आपत्ति नहीं है। एक माह में पटवारी-कानूनगो कौन-कौन से कार्य करेगा, इस बारे एक बिल लाने की जरूरत है।
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महासंघ ने सरकार को चेताया है कि यदि कार्यकारिणी से चर्चा के बिना इसे थोपने की कोशिश की गई तो महासंघ आंदोलन करने से गुरेज नहीं करेगा। संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष जसविंदर सिंह और महासचिव नवीन थापा ने कहा कि लोगों को समय पर सुविधा मिले, इसका महासंघ स्वागत करता है। यह केवल कानून बनाने से ही नहीं होगा, बल्कि धरातल पर आवश्यक सुधार करने होंगे। वर्तमान में पटवारी, कानूनगो, नायब तहसीलदार, तहसीलदार स्तर तक के लगभग 25 से 70 प्रतिशत पद खाली हैं। इसके अलावा पटवारी, कानूनगो को अपने राजस्व कार्य करने का समय ही नहीं मिलता है।
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हर रोज विभिन्न प्रमाण पत्रों की रिपोर्ट, फोन से भिन्न-भिन्न सूचनाएं तैयार कर भेजना, पीएम किसान, स्वामित्व योजना, संकल्प शिकायत विवरणी के निपटारे, राहत कार्य, गिरदावरी, निर्वाचन कार्य, लोक निर्माण, वन, खनन, उद्योग आदि कई परियोजनाओं के मौका कार्य एवं संयुक्त निरीक्षण के अलावा इंतकाल दर्ज करना, उच्च अधिकारियों तथा माननीयों के भ्रमण में हाजिर होना, विभिन्न न्यायालय में पेशियों व रिकॉर्ड पेश करने को लेकर हाजिर होना होता है। राजस्व अभिलेख अपडेट करने समेत जमाबंदी की नकलें सत्यापित करना, 2000 से पहले का जो रिकॉर्ड कंप्यूटरीकृत नहीं हुआ है, इसकी लिखित नकल तैयार करना, मौका पर प्रतिमा तैयार करना, टीआरएस, गिरदावरी करना आरएमएस पोर्टल उपडेट करना पड़ता है।
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माह के अंत में प्रोग्रेस निशानदेही और तकसीम मांगी जाती है। एक कानूनगो ज्यादा से ज्यादा 5-7 निशानदेही के मामले एक महीने से निपटा सकता है, जबकि उसके पास निशानदेही के प्रति माह 30 से 40 मामले आते हैं। जिला चंबा में सभी तहसील व उप तहसील में लगभग हर पटवारी के पास दो, तीन पटवार वृत्त का अतिरिक्त कार्यभार है। महासंघ ने मांग की है कि पटवारी, कानूनगो को इस बिल में कोई आपत्ति नहीं है। एक माह में पटवारी-कानूनगो कौन-कौन से कार्य करेगा, इस बारे एक बिल लाने की जरूरत है।