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Chamba News: बर्फ में फंसी रही एंबुलेंस, पांच घंटे दर्द से कराहती रही गर्भवती
Wed, 01 Jan 2025 11:20 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 01 Jan 2025 11:20 PM IST
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चंबा के पांगी अस्पताल से गर्भवती महिला को किश्तवाड़ लेकर जाती एंबुलेंस। संवाद
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी में एंबुलेंस के बर्फ के बीच फंसने के कारण पांच घंटे तक गर्भवती दर्द से कराहती रही। मंगलवार आधी रात प्रशासन हरकत में आया और बर्फ को हटाकर एंबुलेंस को पार्किंग से निकाला। इसके बाद उसे किलाड़ अस्पताल से किश्तवाड़ भेजा गया। जानकारी के अनुसार दीपा कुमारी पत्नी राजिंद्र निवासी करयास गत शनिवार को प्रसव के लिए किलाड़ अस्पताल में भर्ती हुई थीं। मंगलवार को उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई।
इसके चलते किलाड़ अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल की एंबुलेंस एक पार्किंग स्थल पर लगाई थी और वहां बर्फ के कारण उसे निकालना मुश्किल था। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को महिला को निजी वाहन से ले जाने का परामर्श दिया। इस दौरान कुमार पंचायत के उपप्रधान को इस घटना का पता चला तो उन्होंने आवासीय आयुक्त को इस बारे में बताया। उसके उपरांत प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए और एंबुलेंस को वहां से निकाला।
विभाग और अस्पताल प्रबंधन पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग की लापरवाही देखने को मिली। क्योंकि जब उन्होंने किलाड़ मुख्यालय को आवाजाही के लिए बहाल करवाया तो एंबुलेंस को पार्किंग से क्यों नहीं निकाला। वहीं, उन्होंने सवाल किया कि अस्पताल प्रबंधन ने पार्किंग में एंबुलेंस क्यों लगाई। प्रबंधन को अस्पताल के आसपास ही एंबुलेंस पार्क करनी चाहिए थी।
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मामले की सूचना मिली तो लोक निर्माण विभाग को आदेश देकर एंबुलेंस को पार्किंग से निकाला। इसके बाद गर्भवती को अन्य अस्पताल भेजा। अस्पताल स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में एंबुलेंस अस्पताल के पास ही खड़ा किया जाए।
रमन घरसंगी, आवासीय आयुक्त पांगी
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इसके चलते किलाड़ अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल की एंबुलेंस एक पार्किंग स्थल पर लगाई थी और वहां बर्फ के कारण उसे निकालना मुश्किल था। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को महिला को निजी वाहन से ले जाने का परामर्श दिया। इस दौरान कुमार पंचायत के उपप्रधान को इस घटना का पता चला तो उन्होंने आवासीय आयुक्त को इस बारे में बताया। उसके उपरांत प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए और एंबुलेंस को वहां से निकाला।
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विभाग और अस्पताल प्रबंधन पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग की लापरवाही देखने को मिली। क्योंकि जब उन्होंने किलाड़ मुख्यालय को आवाजाही के लिए बहाल करवाया तो एंबुलेंस को पार्किंग से क्यों नहीं निकाला। वहीं, उन्होंने सवाल किया कि अस्पताल प्रबंधन ने पार्किंग में एंबुलेंस क्यों लगाई। प्रबंधन को अस्पताल के आसपास ही एंबुलेंस पार्क करनी चाहिए थी।
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मामले की सूचना मिली तो लोक निर्माण विभाग को आदेश देकर एंबुलेंस को पार्किंग से निकाला। इसके बाद गर्भवती को अन्य अस्पताल भेजा। अस्पताल स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में एंबुलेंस अस्पताल के पास ही खड़ा किया जाए।
रमन घरसंगी, आवासीय आयुक्त पांगी