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Chamba News: सड़क हादसे के मामले में आरोपी बरी, अभियोजन आरोप साबित नहीं कर पाया
Mon, 21 Sep 2026 10:24 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 21 Sep 2026 10:24 PM IST
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तीसा अदालत ने धारा 279, 337, 338 और 304-ए के तहत दर्ज मामले में सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
तीसा (चंबा)। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तीसा की अदालत ने वर्ष 2019 के सड़क हादसे के मामले में आरोपी को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को उचित संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुमित ठाकुर ने खुले न्यायालय में मामले का फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार तीन अगस्त 2019 को दोपहर करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच डुमास पनिहार के पास आरोपी ऑल्टो कार नंबर एचपी-44-3015 चला रहा था। आरोप था कि तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद कार सड़क से करीब 200 मीटर नीचे जा गिरी। हादसे में राकेश कुमार, विनय और वीरेंद्र कुमार घायल हुए थे, जबकि गोविंद की मौत हो गई थी।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। राकेश कुमार का बयान दर्ज करने के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू की। मृतक गोविंद के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चालान तैयार कर अदालत में पेश किया।
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मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों के समर्थन में 18 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। वहीं, आरोपी ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत अपने ऊपर लगे आरोपों से इन्कार करते हुए खुद को निर्दोष बताया। आरोपी की ओर से बचाव में कोई साक्ष्य पेश नहीं किया गया।
सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने आरोपी को दोषी ठहराने की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि अभियोजन आरोपों को साबित करने में विफल रहा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी को धारा 279, 337, 338 और 304-ए के तहत लगाए गए सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने मामले की फाइल रिकॉर्ड रूम में जमा करवाने के निर्देश भी दिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तीसा (चंबा)। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तीसा की अदालत ने वर्ष 2019 के सड़क हादसे के मामले में आरोपी को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को उचित संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुमित ठाकुर ने खुले न्यायालय में मामले का फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार तीन अगस्त 2019 को दोपहर करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच डुमास पनिहार के पास आरोपी ऑल्टो कार नंबर एचपी-44-3015 चला रहा था। आरोप था कि तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद कार सड़क से करीब 200 मीटर नीचे जा गिरी। हादसे में राकेश कुमार, विनय और वीरेंद्र कुमार घायल हुए थे, जबकि गोविंद की मौत हो गई थी।
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हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। राकेश कुमार का बयान दर्ज करने के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू की। मृतक गोविंद के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चालान तैयार कर अदालत में पेश किया।
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मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों के समर्थन में 18 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। वहीं, आरोपी ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत अपने ऊपर लगे आरोपों से इन्कार करते हुए खुद को निर्दोष बताया। आरोपी की ओर से बचाव में कोई साक्ष्य पेश नहीं किया गया।
सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने आरोपी को दोषी ठहराने की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि अभियोजन आरोपों को साबित करने में विफल रहा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी को धारा 279, 337, 338 और 304-ए के तहत लगाए गए सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने मामले की फाइल रिकॉर्ड रूम में जमा करवाने के निर्देश भी दिए।