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Chamba News: चंद्रभागा नदी के किनारे कल होगी महाआरती
Wed, 21 Oct 2026 10:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 21 Oct 2026 10:27 PM IST
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साच घराट में होगा धार्मिक आयोजन, हरिद्वार के गंगाघाट की तर्ज पर घाट विकसित करने का प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए 23 अक्तूबर को चंद्रभागा नदी के किनारे साच घराट में महाआरती और हवन का आयोजन किया जाएगा।
पांगी मुख्यालय किलाड़ से करीब दस किलोमीटर दूर होने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन चंद्रभागा तीर्थ सेवा समिति पांगी की ओर से किया जा रहा है।
समिति ने चंद्रभागा नदी के किनारे हरिद्वार के गंगाघाट की तर्ज पर व्यवस्थित घाट विकसित करने का प्रस्ताव भी तैयार किया है। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ठाकुर ने बताया कि चंद्रभागा नदी का पांगी के लोगों के जीवन, धार्मिक आस्था और संस्कृति से गहरा जुड़ाव है। घाटी में स्थित प्रसिद्ध मिंधल माता मंदिर में हर वर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नदी के किनारे व्यवस्थित घाट का निर्माण होने से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने बताया कि चंद्रभागा हिमाचल प्रदेश की प्रमुख नदियों में शामिल है। लाहौल के तांदी में चंद्रा और भागा नदियों का संगम होता है। इसके बाद संयुक्त धारा चंद्रभागा कहलाती है, जो जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने के बाद चिनाब के नाम से जानी जाती है। समिति का प्रयास है कि नदी के धार्मिक महत्व को संरक्षित करने के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित की जाएं। 23 अक्तूबर को होने वाला महाआरती और हवन कार्यक्रम इसी दिशा में एक पहल है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए 23 अक्तूबर को चंद्रभागा नदी के किनारे साच घराट में महाआरती और हवन का आयोजन किया जाएगा।
पांगी मुख्यालय किलाड़ से करीब दस किलोमीटर दूर होने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन चंद्रभागा तीर्थ सेवा समिति पांगी की ओर से किया जा रहा है।
समिति ने चंद्रभागा नदी के किनारे हरिद्वार के गंगाघाट की तर्ज पर व्यवस्थित घाट विकसित करने का प्रस्ताव भी तैयार किया है। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ठाकुर ने बताया कि चंद्रभागा नदी का पांगी के लोगों के जीवन, धार्मिक आस्था और संस्कृति से गहरा जुड़ाव है। घाटी में स्थित प्रसिद्ध मिंधल माता मंदिर में हर वर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नदी के किनारे व्यवस्थित घाट का निर्माण होने से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने बताया कि चंद्रभागा हिमाचल प्रदेश की प्रमुख नदियों में शामिल है। लाहौल के तांदी में चंद्रा और भागा नदियों का संगम होता है। इसके बाद संयुक्त धारा चंद्रभागा कहलाती है, जो जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने के बाद चिनाब के नाम से जानी जाती है। समिति का प्रयास है कि नदी के धार्मिक महत्व को संरक्षित करने के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित की जाएं। 23 अक्तूबर को होने वाला महाआरती और हवन कार्यक्रम इसी दिशा में एक पहल है।
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