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प्रतिबंद के बद भी नहीं रूक रहे मणिमहेश जाने को
Chamba
Updated Mon, 14 Jul 2014 05:32 AM IST
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भरमौर (चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा पर 15 जुलाई तक प्रतिबंध होने के बावजूद श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। इनमें ज्यादातर उत्तरी भारत से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हर रोज पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तरांचल, राजस्थान, दिल्ली के श्रद्धालु अपने निजी वाहनों में हड़सर तक पहुंच रहे हैं। इसके बाद मणिमहेश के लिए कूच कर रहे हैं। यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से जब ‘अमर उजाला’ प्रतिनिधि ने बात की तो अधिक्तर श्रद्धालुओं का कहना था कि वह पहले भी मणिमहेश यात्रा करते रहे हैं। उन्होंने यात्रा पर प्रतिबंध के प्रशासन के फरमान को धत्ता बताते हुए जोखिम में यात्रा करने का मन बनाया। हालांकि अब तो डल झील तक लोक निर्माण ने रास्ता ठीक कर दिया है। गौरीकुंड से नीचे गलेशियर प्वाइंट पर जो बर्फ है, उसे काटकर घोड़े के लिए रास्ता बना दिया है। कुछ श्रद्धालु घोड़े के माध्यम से डल झील पहुंच रहे हैं। करीब एक दर्जन स्थानीय युवाओं द्वारा जगह-जगह पड़ावों पर यात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा खाने-पीने के लिए ढाबे भी बनाए गए हैं। इससे श्रद्धालुओं को कुछ हद तक ठहरने व खाने-पीने की सुविधा मिल रही है। इस बार मणिमहेश स्नान 17 अगस्त से दो सितंबर के बीच होना है। चंडीगढ़ से आए दिलीप, बिमल, राजीव, किशन का कहना है कि वे दूसरी बार मणिमहेश यात्रा पर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार प्रशासन ने जो प्रतिबंध लगा रखा है, इस बारे में उन्हें यहां पहुंचकर जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तरह इस बार भी वे अपने जोखिम पर भोलेनाथ के दर्शन करके लौट रहे हैं।
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