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पत्थर लगने से चार घायल
Chamba
Updated Fri, 11 Apr 2014 05:31 AM IST
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पत्थर लगने से चार घायल
चंबा। होली-बजोली प्रोजेक्ट का विरोध कर रही महिलाओं के आंदोलन को दबाने के लिए कुछ ठेकेदारों ने कंप्रेशर का तेज प्रेशर छोड़ दिया। इससे कंप्रेशर की पाइप अनियंत्रित होकर उछलने लगी और इस भगदड़ में तीन महिलाएं घायल हो गईं। इनमें से एक महिला को गंभीर चोटें लगने के कारण जिला अस्पताल रेफर किया गया है। गंभीर घायल महिला के सिर, मुंह और पेट में चोटें आई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरवार को अपने आंदोलन को जारी रखते हुए महिलाएं कीनाला में बैठी हुई थीं। उनके आंदोलन को समर्थन देने के लिए पालमपुर और हमीरपुर से इंडिया अंगेस्ट क्रप्शन व एक अन्य एनजीओ के लोग भी यहां पहुंचे हुए हैं। इस बीच शाम को चार बजे के करीब जब कंपनी के प्रतिनिधियों की पुलिस की मौजूदगी मेें महिलाओें से आंदोलन को समाप्त करने को लेकर चर्चा चल रही थी, तो अचानक वहां खड़े ठेकेदारों में से किसी ने धरना स्थल पर पड़ी चट्टानों को तोड़ने के कंप्रेशर की हवा रिलीज कर दी। इससे कंप्रेशर की पाइप तेजी से उछलने लगी। इससे आसपास से पत्थर गिरने लगे और वहां मौजूद महिलाओं में भगदड़ मच गई। इससे महिलाएं इधर-उधर, भागने के कारण पत्थरों में गिरने लगीं और चार महिलाएं घायल हो गईं। पत्थर लगने से बदामु देवी पत्नी जयकरण निवासी गुसाल गंभीर रूप से घायल हो गईं। उसे जिला अस्पताल चंबा रेफर किया गया है। इसके अलावा रचना देवी पत्नी विक्रम निवासी सुटकर, पिपलो देवी गांव मझारन व सरोज देवी निवासी सुटकर भी पत्थर लगने से घायल हुई हैं।
मौके पर मौजूद महिलाओं ने बताया कि जिस ठेकेदार ने साजिश के तहत कंप्रेशर मशीन को चालू किया, उसने शराब पी रखी थी और वे महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार कर रहा था। इसके अलावा वीरवार को धरने के समीप ठेकेदारों ने जबरन काम शुरू कर दिया। महिलाएं ठेकेदारों से काम बंद करने का आग्रह करने लगी तो ठेकेदार बदतमीजी पर उतर आए। ठेकेदारों ने उनके साथ धक्का-मुक्की भी की। इस दौरान पुलिस खड़ी तमाशा देखती रही।
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उधर, डीएसपी हेडक्वार्टर जितेंद्र चौधरी ने बताया कि महिलाएं जानबूझ कर कंपनी के कार्यस्थल पर जाकर जान को जोखिम में डाल रही हैं। कीनाला में कंपनी का काम चला हुआ है। ऐसे में जब महिलाएं वहां विरोध करने जबरन पहुंची तो कंप्रेशर की पाइप लीक होने से उछल पड़ी। यह हादसा किसी सार्वजनिक स्थल पर नहीं हुआ है, लिहाजा कोई मामला नहीं बनता है।
आरोपी ठेकेदारों को पुलिस ने छोड़ा घर
आंदोलन में शामिल महिलाओं पिंकी देवी और वचना देवी ने बताया कि जिन शराबी ठेकेदारों द्वारा की गई साजिश के कारण महिलाएं घायल हुईं, उन पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उन्हें अपनी गाड़ी में बिठाया और उनको घर छोड़ कर आई। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर रोष जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने शरारत करने वाले ठेकेदारों का मेडिकल करवाने की मांग की तो उनकी बात नहीं सुनी गई।
एक्टिविस्ट को जान से मारने की धमकी
इंडिया अंगेस्ट क्रप्शन की एक्टिविस्ट अनुपमा के अनुसार कंपनी के ठेकेदारों ने जान से मारने की धमकी दी है और उसे तुरंत होली से वापस जाने की बात कही है। इस बात को लेकर महिलाओं ने विरोध किया तो ठेकेदारों ने महिलाओं और अनुपमा के साथ दुर्व्यवहार किया।
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चंबा। होली-बजोली प्रोजेक्ट का विरोध कर रही महिलाओं के आंदोलन को दबाने के लिए कुछ ठेकेदारों ने कंप्रेशर का तेज प्रेशर छोड़ दिया। इससे कंप्रेशर की पाइप अनियंत्रित होकर उछलने लगी और इस भगदड़ में तीन महिलाएं घायल हो गईं। इनमें से एक महिला को गंभीर चोटें लगने के कारण जिला अस्पताल रेफर किया गया है। गंभीर घायल महिला के सिर, मुंह और पेट में चोटें आई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरवार को अपने आंदोलन को जारी रखते हुए महिलाएं कीनाला में बैठी हुई थीं। उनके आंदोलन को समर्थन देने के लिए पालमपुर और हमीरपुर से इंडिया अंगेस्ट क्रप्शन व एक अन्य एनजीओ के लोग भी यहां पहुंचे हुए हैं। इस बीच शाम को चार बजे के करीब जब कंपनी के प्रतिनिधियों की पुलिस की मौजूदगी मेें महिलाओें से आंदोलन को समाप्त करने को लेकर चर्चा चल रही थी, तो अचानक वहां खड़े ठेकेदारों में से किसी ने धरना स्थल पर पड़ी चट्टानों को तोड़ने के कंप्रेशर की हवा रिलीज कर दी। इससे कंप्रेशर की पाइप तेजी से उछलने लगी। इससे आसपास से पत्थर गिरने लगे और वहां मौजूद महिलाओं में भगदड़ मच गई। इससे महिलाएं इधर-उधर, भागने के कारण पत्थरों में गिरने लगीं और चार महिलाएं घायल हो गईं। पत्थर लगने से बदामु देवी पत्नी जयकरण निवासी गुसाल गंभीर रूप से घायल हो गईं। उसे जिला अस्पताल चंबा रेफर किया गया है। इसके अलावा रचना देवी पत्नी विक्रम निवासी सुटकर, पिपलो देवी गांव मझारन व सरोज देवी निवासी सुटकर भी पत्थर लगने से घायल हुई हैं।
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मौके पर मौजूद महिलाओं ने बताया कि जिस ठेकेदार ने साजिश के तहत कंप्रेशर मशीन को चालू किया, उसने शराब पी रखी थी और वे महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार कर रहा था। इसके अलावा वीरवार को धरने के समीप ठेकेदारों ने जबरन काम शुरू कर दिया। महिलाएं ठेकेदारों से काम बंद करने का आग्रह करने लगी तो ठेकेदार बदतमीजी पर उतर आए। ठेकेदारों ने उनके साथ धक्का-मुक्की भी की। इस दौरान पुलिस खड़ी तमाशा देखती रही।
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उधर, डीएसपी हेडक्वार्टर जितेंद्र चौधरी ने बताया कि महिलाएं जानबूझ कर कंपनी के कार्यस्थल पर जाकर जान को जोखिम में डाल रही हैं। कीनाला में कंपनी का काम चला हुआ है। ऐसे में जब महिलाएं वहां विरोध करने जबरन पहुंची तो कंप्रेशर की पाइप लीक होने से उछल पड़ी। यह हादसा किसी सार्वजनिक स्थल पर नहीं हुआ है, लिहाजा कोई मामला नहीं बनता है।
आरोपी ठेकेदारों को पुलिस ने छोड़ा घर
आंदोलन में शामिल महिलाओं पिंकी देवी और वचना देवी ने बताया कि जिन शराबी ठेकेदारों द्वारा की गई साजिश के कारण महिलाएं घायल हुईं, उन पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उन्हें अपनी गाड़ी में बिठाया और उनको घर छोड़ कर आई। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर रोष जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने शरारत करने वाले ठेकेदारों का मेडिकल करवाने की मांग की तो उनकी बात नहीं सुनी गई।
एक्टिविस्ट को जान से मारने की धमकी
इंडिया अंगेस्ट क्रप्शन की एक्टिविस्ट अनुपमा के अनुसार कंपनी के ठेकेदारों ने जान से मारने की धमकी दी है और उसे तुरंत होली से वापस जाने की बात कही है। इस बात को लेकर महिलाओं ने विरोध किया तो ठेकेदारों ने महिलाओं और अनुपमा के साथ दुर्व्यवहार किया।