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बिना वेतन कैसे जगेगी साक्षरता की लौ
Chamba
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
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चंबा। साक्षर भारत मिशन के तहत रखे गए प्रेरकों को दस माह से मानदेय की अदायगी नहीं हो पाई है। इस कारण उन्हें सेवाएं देना मुश्किल हो रहा है। जिलेभर में पांच सौ के करीब प्रेरकाें को मानदेय नहीं मिला है। मानदेय न मिलने से प्रेरकों को घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है। प्रेरकों को अब उधारी के पैसे से परिवार का खर्चा चलाना पड़ रहा है। प्रेरक दूरदराज क्षेत्रों में खोले गए साक्षर भारत मिशन के केंद्रों में जाकर असाक्षर लोगों पढ़ा रहे हैं। इसके एवज में प्रेरकों को 2 हजार के करीब मानदेय दिया जाता है, लेकिन अब दस माह से मानदेया न मिलने से उन्हें नौकरी छोड़ने की नौबत आ गई है। इस संबंध में प्रेरक अपने स्तर पर बैठकाें का आयोजन भी कर रहे हैं। बैठकाें के माध्यम से भी प्रेरक मानदेय अदागयी की मांग कर रहे हैं। मिशन के पहले चरण में प्रेरकों के प्रयासों से 50 हजार नवसाक्षराें ने परीक्षा दी थी, जो अब अगली क्लास में बैठकर पढ़ाई करेंगे।
साक्षर भारत मिशन के जिला समन्वयक सुमन मिन्हास ने कहा कि जल्द ही प्रेरकों को मानदेय दे दिया जाएगा। उहाेंने कहा कि मानदेय के लिए बजट का इंतजार किया जा रहा है। बजट मिलते ही प्रेरकों को भुगतान कर दिया जाएगा।
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साक्षर भारत मिशन के जिला समन्वयक सुमन मिन्हास ने कहा कि जल्द ही प्रेरकों को मानदेय दे दिया जाएगा। उहाेंने कहा कि मानदेय के लिए बजट का इंतजार किया जा रहा है। बजट मिलते ही प्रेरकों को भुगतान कर दिया जाएगा।
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