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विधायक को मिंजर मेला बैठक में देख खुश हुए भाजपा कार्यकर्ता
Updated Fri, 18 May 2018 07:36 PM IST
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विधायक को बैठक में देख भाजपा कार्यकर्त्ता खुश
चंबा। मिंजर मेले की तैयारियों को लेकर आयोजित पहली बैठक ने भाजपा कार्यकर्त्ताओं के चेहरे खिला दिए। बैठक में कुछ ऐसा हुआ जो काफी साल बाद भाजपा कार्यकर्त्ताओं को देखने को मिला। भाजपा के सदर विधायक बैठक में उपायुक्त के साथ बैठे थे। इसकी चमक बैठक में मौजूद भाजपा कार्यकर्त्ताओं के चेहरे पर साफ झलक रही थी। हालांकि बैठक में कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया। लेकिन आगामी मिंजर मेले की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में सदर विधायक पवन नैयर भी मौजूद रहे। हालांकि, वर्ष 2007 और 2012 का विधानसभा चुनाव भी भाजपा के विधायक जीते लेकिन वर्ष 2012 के चुनावों में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई। पांच साल भाजपा की मिंजर मेले की बैठक में आवाजाही काफी कम रही लेकिन शुक्रवार की बैठक में जब भाजपा विधायक पवन नैयर की मौजूदगी रही तो भाजपा कार्यकर्त्ता गदगद हो गए। बताया जा रहा है कि मिंजर मेला समिति में मौजूद गैर सरकारी सदस्यों में अब छंटनी भी हो सकती है। मिंजर मेला समिति में कुछेक कांग्रेसी नेता भी हैं। माना जा रहा है कि इनमें से कुछेक कांग्रेसियों को बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में मिंजर मेले की पहली बैठक में जमकर हंगामा हुआ था। वजह प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और सदर विस में भाजपा के विधायक चुनाव थे। ऐसे में मिंजर मेले में सियासत भी चल रही थी। इसको लेकर काफी देर तक हंगामा हुआ था। यहां तक की नारेबाजी भी हो गई थी। कुल मिलाकर लंबे समय के बाद यह बदलाव देख भाजपाई कार्यकर्त्ता बेहद खुश हैं।
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चंबा। मिंजर मेले की तैयारियों को लेकर आयोजित पहली बैठक ने भाजपा कार्यकर्त्ताओं के चेहरे खिला दिए। बैठक में कुछ ऐसा हुआ जो काफी साल बाद भाजपा कार्यकर्त्ताओं को देखने को मिला। भाजपा के सदर विधायक बैठक में उपायुक्त के साथ बैठे थे। इसकी चमक बैठक में मौजूद भाजपा कार्यकर्त्ताओं के चेहरे पर साफ झलक रही थी। हालांकि बैठक में कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया। लेकिन आगामी मिंजर मेले की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में सदर विधायक पवन नैयर भी मौजूद रहे। हालांकि, वर्ष 2007 और 2012 का विधानसभा चुनाव भी भाजपा के विधायक जीते लेकिन वर्ष 2012 के चुनावों में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई। पांच साल भाजपा की मिंजर मेले की बैठक में आवाजाही काफी कम रही लेकिन शुक्रवार की बैठक में जब भाजपा विधायक पवन नैयर की मौजूदगी रही तो भाजपा कार्यकर्त्ता गदगद हो गए। बताया जा रहा है कि मिंजर मेला समिति में मौजूद गैर सरकारी सदस्यों में अब छंटनी भी हो सकती है। मिंजर मेला समिति में कुछेक कांग्रेसी नेता भी हैं। माना जा रहा है कि इनमें से कुछेक कांग्रेसियों को बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में मिंजर मेले की पहली बैठक में जमकर हंगामा हुआ था। वजह प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और सदर विस में भाजपा के विधायक चुनाव थे। ऐसे में मिंजर मेले में सियासत भी चल रही थी। इसको लेकर काफी देर तक हंगामा हुआ था। यहां तक की नारेबाजी भी हो गई थी। कुल मिलाकर लंबे समय के बाद यह बदलाव देख भाजपाई कार्यकर्त्ता बेहद खुश हैं।