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हड़सर से डल झील तक जगह के हिसाब से बिकेंगे प्लॉट
Updated Sat, 21 Jul 2018 11:33 PM IST
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- फोटो : manimahesh
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अमर उजाला ब्यूरो
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भरमौर (चंबा)। इस बार पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान हड़सर से लेकर डल झील तक जो भी लंगर और अस्थायी दुकानें लगेंगी, उन्हें प्रशासन जगह के हिसाब से आवंटित करेगा। इससे पहले ऐसा नहीं होता था। यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों को अस्थायी दुकानें लगाने के लिए एक हजार और दो हजार रुपये में प्लॉट दिया जाता था। जबकि लंगर समितियों को 12 हजार रुपये में लंगर लगाने के लिए स्थान मुहैया करवाया जाता था। मगर अब ऐसा नहीं होगा। इस बार प्रशासन ने राजस्व की टीम को भेजा जाएगा। यह लंगर वाले स्थान और अस्थायी दुकानों की जगह को देखेगी। इसी के हिसाब से लंगर समितियों और दुकानदारों से पैसे लिए जाएंगे। इससे मणिमहेश न्यास की आय में बढ़ोतरी होगी।
मणिमहेश न्यास से हड़सर से डल झील तक लगने वाले अस्थाई दुकानों और लंगरों के प्लॉटों की गणना वन विभाग ने करवा ली है। वन विभाग के सर्वे के अनुसार 450 के करीब लंगर और अस्थायी दुकानें हड़सर और डल झील के बीच में लगेंगी। इसके लिए प्लॉट का चयन शुरू किया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि हड़सर से लेकर डल झील तक आने वाले वन विभाग और वाइल्ड लाइफ एरिया को ज्यादा नुकसान न हो। यात्रा में पर्यावरण और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अकसर मणिमहेश यात्रा समाप्त होने के बाद हड़सर से डलझील तक काफी मात्रा में कूड़ा कर्कट नजर आता है। जो इस बार नजर नहीं आएगा। लंगर समितियों को लंगर लगाते समय सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा। एडीएम पृथी पाल सिंह ने बताया कि पर्यावरण और स्वच्छता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यात्रा के दौरान लंगर समिति और दुकानदार गंदगी फैलाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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