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चंबा में स्क्रब टायफस से एक माह में 4 की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, (चंबा)
Updated Tue, 04 Oct 2016 09:54 PM IST
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स्क्रब टायफस से चंबा में एक माह के अंतराल में चार मौतें हो चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और पूरे मामले पर जांच बैठा दी है। ये सभी मौतें मेडिकल कॉलेज अस्पताल टांडा में हुई हैं लेकिन इन्हें रेफर चंबा अस्पताल से किया गया था।
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रेफर करने से पूर्व इन सभी का यहां तीन से पांच दिन तक उपचार भी किया गया लेकिन रोग पकड़ में न आने के बाद चारों मरीजों को टांडा भेजा गया और वहां उनकी मौत हो गई। इन सभी मरीजों को समय पर स्क्रब टायफस के दौरान इस्तेमाल होने वाली दवा नहीं मिल पाई। जिसकी वजह से रोग उनके शरीर में तेजी से फैल गया।
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चंबा में इन मरीजों के टेस्ट रिपोर्ट में भी स्क्रब टायफस की पुष्टि नहीं की गई थी। लेकिन बुखार 104 से ज्यादा होने और इसके लगातार बने रहने की वजह से सभी को रेफर किया गया था। लेकिन सोमवार को टांडा से इन सबके स्क्रब टायफस से पीड़ित होने की रिपोर्ट चंबा पहुंचते ही स्वास्थ्य विभाग के हाथ-पांव फूल गए हैं।
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आनन-फानन में यहां मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अगुवाई में बीएमओ की एक बैठक आयोजित की गई है जिसमें लोगों को जागरूक करने के फैसले लिए गए हैं। जिन इलाकों में स्क्रब टायफस के मरीज रह रहे थे वहां भी स्वास्थ्य विभाग ने टीम भेजने का फैसला किया है।
साथ ही चंबा अस्पताल में मरीजों को सही समय पर उपचार न मिल पाने की भी जांच बैठा दी गई है। इसके अलावा दिल्ली से भी स्क्रब टायफस की मॉनीटरिंग कर रही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम भी इन मामलों की जांच करने चंबा आ रही है।
स्क्रब टायफस से चंबा में अब तक मरने वालों में कमला देवी निवासी अंद्रेणा सलूणी, चेला देवी निवासी मंजीर गांव पतांह, रीता देवी निवासी चरड़ा व लता देवी निवासी चरड़ा के रूप में हुई है। इन सभी का उपचार टांडा में चल रहा था। लेकिन हालत स्थिर न होने की वजह से सबकी मौत हो गई। इस बारे में टांडा से चंबा स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेजी गई है।