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आजादी के बाद भी वैली पंचायत के गांव सड़क सुविधा से महरूम
Updated Tue, 24 Oct 2017 11:35 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। ग्राम पंचायत वैली के आधा दर्जन गांव आजादी के बाद भी आज तक सड़क सुविधा से महरूम हैं। हालांकि गांव के लिए वर्ष 2007 से सड़क स्वीकृत है। मगर अभी तक यह सड़क नहीं बन पाई। ठेकेदार ने सिर्फ 700 मीटर सड़क बनाने के बाद निर्माण कार्य बंद कर दिया गया। इसके बाद दोबारा कभी भी सड़क का कार्य शुरू नहीं हो पाया। इससे क्षेत्र के लोगों में सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भारी रोष है। हालत यह है कि सड़क न होने के कारण इस पंचायत के लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ती है। अगर यहां कोई शख्स बीमार हो जाए तो उसे पालकी और कंधे पर उठाकर की मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी किसी गर्भवती को अस्पताल पहुंचाने में होती है।
इस वजह से क्षेत्र की जनता को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ता है। सड़क न बनने से पंचायत के वैली, बटैणी, चुहाड़ी, द्रुणी नाली, कोली व लुणू गांव की 800 आबादी परेशानियां झेल रही है। मगर सरकार और प्रशासन ग्रामीणों की इस मांग को पूरा नहीं कर पाए। हालांकि चुनाव के दौरान गांव को सड़क से जोड़ने को लेकर काफी जोर-शोर से मुद्दा उठाया जाता है। प्रत्याशी ग्रामीणों को सड़क सुविधा से जोड़ने का लालच देकर वोट तो ऐंठ लेते हैं। मगर चुनाव होने के बाद वापिस मुड़कर नहीं देखते। यही वजह है कि इस पंचायत में आज दिन तक सड़क से नहीं पहुंच पाई है।
काम शुरू होने के दस साल में भी नहीं बनी सड़क
लोगों के अनुसार वर्ष 2007 में यहां सड़क बनाने का कार्य शुरू हुआ। मगर महज 700 मीटर सड़क बनने के बाद ठेकेदार ने सड़क बनाने का कार्य बंद कर दिया। कार्य शुरू करने के लिए लोगों ने कई बार विभाग को ज्ञापन भी सौंपे। मगर सड़क का कार्य दस साल बितने के बाद भी शुरू नहीं हो पाया। इसको लेकर लोगों में विभाग के प्रति गहरा रोष है।
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पंचायत को सड़क से जोड़ने वाले प्रत्याशी को देंगे वोट
किशन कुमार, किरपा राम, रत्न सिंह, जर्म सिंह, शिव कुमार, राजू, रंजीत, पपू, राकेश, सतीश, शिशु, विपन कुमार, राकेश और चंद राम ने बताया कि सरकार और प्रशासन से बार-बार मांग करने पर भी गांव को सड़क से नहीं जोड़ा जा रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 100 आबादी वाले गांव को सड़क से जोड़ने का प्रावधान है। विस चुनाव में लोग गांव को सड़क से जोड़ने का वादा करने वाले प्रत्याशी को ही वोट डालेंगे। इसके लिए ग्रामीणों में आपस में बैठक कर रणनीति भी बना ली है। ऐसे में प्रत्याशी को लोगों से झूठा वादा नहीं करना पड़ेगा।
जल्द बनाई जाएगी गांव के लिए सड़क
पवन नैयर ने बताया कि उपरोक्त गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए कई बार विभाग को चेताया गया। विभाग ने सड़क का कार्य अवार्ड कर दिया था। ठेकेदार की लापरवाही से सड़क का कार्य बंद हुआ। इसको दोबारा शुरू करवाया जाएगा।
कांग्रेस की वजह से नहीं बन पाई सड़क
सदर विधायक बीके चौहान ने बताया कि उन्होंने रजेरा वैली सड़क को लेकर कई बार सरकार से मांग की। मगर कांग्रेस सरकार ने उनकी मांग को अनसुना करते हुए नकार दिया। इसकी वजह से गांव सड़क से नहीं जुड़ पाए।
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चंबा। ग्राम पंचायत वैली के आधा दर्जन गांव आजादी के बाद भी आज तक सड़क सुविधा से महरूम हैं। हालांकि गांव के लिए वर्ष 2007 से सड़क स्वीकृत है। मगर अभी तक यह सड़क नहीं बन पाई। ठेकेदार ने सिर्फ 700 मीटर सड़क बनाने के बाद निर्माण कार्य बंद कर दिया गया। इसके बाद दोबारा कभी भी सड़क का कार्य शुरू नहीं हो पाया। इससे क्षेत्र के लोगों में सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भारी रोष है। हालत यह है कि सड़क न होने के कारण इस पंचायत के लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ती है। अगर यहां कोई शख्स बीमार हो जाए तो उसे पालकी और कंधे पर उठाकर की मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी किसी गर्भवती को अस्पताल पहुंचाने में होती है।
इस वजह से क्षेत्र की जनता को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ता है। सड़क न बनने से पंचायत के वैली, बटैणी, चुहाड़ी, द्रुणी नाली, कोली व लुणू गांव की 800 आबादी परेशानियां झेल रही है। मगर सरकार और प्रशासन ग्रामीणों की इस मांग को पूरा नहीं कर पाए। हालांकि चुनाव के दौरान गांव को सड़क से जोड़ने को लेकर काफी जोर-शोर से मुद्दा उठाया जाता है। प्रत्याशी ग्रामीणों को सड़क सुविधा से जोड़ने का लालच देकर वोट तो ऐंठ लेते हैं। मगर चुनाव होने के बाद वापिस मुड़कर नहीं देखते। यही वजह है कि इस पंचायत में आज दिन तक सड़क से नहीं पहुंच पाई है।
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काम शुरू होने के दस साल में भी नहीं बनी सड़क
लोगों के अनुसार वर्ष 2007 में यहां सड़क बनाने का कार्य शुरू हुआ। मगर महज 700 मीटर सड़क बनने के बाद ठेकेदार ने सड़क बनाने का कार्य बंद कर दिया। कार्य शुरू करने के लिए लोगों ने कई बार विभाग को ज्ञापन भी सौंपे। मगर सड़क का कार्य दस साल बितने के बाद भी शुरू नहीं हो पाया। इसको लेकर लोगों में विभाग के प्रति गहरा रोष है।
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पंचायत को सड़क से जोड़ने वाले प्रत्याशी को देंगे वोट
किशन कुमार, किरपा राम, रत्न सिंह, जर्म सिंह, शिव कुमार, राजू, रंजीत, पपू, राकेश, सतीश, शिशु, विपन कुमार, राकेश और चंद राम ने बताया कि सरकार और प्रशासन से बार-बार मांग करने पर भी गांव को सड़क से नहीं जोड़ा जा रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 100 आबादी वाले गांव को सड़क से जोड़ने का प्रावधान है। विस चुनाव में लोग गांव को सड़क से जोड़ने का वादा करने वाले प्रत्याशी को ही वोट डालेंगे। इसके लिए ग्रामीणों में आपस में बैठक कर रणनीति भी बना ली है। ऐसे में प्रत्याशी को लोगों से झूठा वादा नहीं करना पड़ेगा।
जल्द बनाई जाएगी गांव के लिए सड़क
पवन नैयर ने बताया कि उपरोक्त गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए कई बार विभाग को चेताया गया। विभाग ने सड़क का कार्य अवार्ड कर दिया था। ठेकेदार की लापरवाही से सड़क का कार्य बंद हुआ। इसको दोबारा शुरू करवाया जाएगा।
कांग्रेस की वजह से नहीं बन पाई सड़क
सदर विधायक बीके चौहान ने बताया कि उन्होंने रजेरा वैली सड़क को लेकर कई बार सरकार से मांग की। मगर कांग्रेस सरकार ने उनकी मांग को अनसुना करते हुए नकार दिया। इसकी वजह से गांव सड़क से नहीं जुड़ पाए।