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अंदवास प्रभावितों को सुरक्षित ठिकाना देने में प्रशासन विफल
Updated Tue, 25 Jul 2017 11:02 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
तीसा (चंबा)। अंदवास गांव के 25 परिवारों से छतेें छिनने के सात दिन बाद भी प्रशासन प्रभावितों को एक अदद सुरक्षित ठिकाना मुहैया करवाने में सफल नहीं हो पाया है। आज भी प्रभावित परिवार खुले में ही रहने को मजबूर हैं। प्रशासन ने महज सहायता के रूप में टेंट प्रदान किए हैं। मंगली पंचायत के अंदवास गांव के पास पहाड़ी से होने वाले भूस्खलन ने 25 परिवारों के सिरों से छत छीन ली है। भूस्खलन के चलते प्रशासन ने गांव को खाली कर प्रभावितों को मदद के नाम पर मात्र टेंट ही प्रदान किए। इसके बाद प्रशासन इनकी तरफ ध्यान देना ही भूल गया है। सोमवार को पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें गांव में गिरीं। इससे आलम राम का घर जमींदोज हो गया है। घर में रखा सामान भी दब गया। अन्य घरों में दरारें पड़ी हैं। ग्रामीणों को टेंट में लकड़ी का चूल्हा जलाकर खाना बनाना पड़ रहा है। दिन भर ग्रामीण गांव के साथ लगते जंगल में जाकर लकड़ियां इकट्ठे करते हैं। परिवारों ने गांव छोड़ अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण लेना शुरू कर दिया है। पहाड़ी से पत्थर व चट्टानें गिरने से घरों में रहना खतरनाक साबित हो सकता है। प्रभावित परिवारों में मान सिंह, चुहडू राम, बालकू राम, नारद, महाराज, चुनी लाल, रूप सिंह और देवी सिंह ने सरकार व प्रशासन से गुहार लगाई है कि गांव के पास सुरक्षा दीवार बनाई जाए।
....
बनाई जाएगी सुरक्षा दीवार
एसडीएम हितेश आजाद ने बताया कि अंदवास गांव के लोगों को घरों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। मौसम खराब होने से पहाड़ी में बार-बार भूस्खलन हो रहा है। स्थिति सामान्य होने पर गांव के पास सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। ताकि गांव को पैदा हुए खतरे से बचाया जा सके।
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तीसा (चंबा)। अंदवास गांव के 25 परिवारों से छतेें छिनने के सात दिन बाद भी प्रशासन प्रभावितों को एक अदद सुरक्षित ठिकाना मुहैया करवाने में सफल नहीं हो पाया है। आज भी प्रभावित परिवार खुले में ही रहने को मजबूर हैं। प्रशासन ने महज सहायता के रूप में टेंट प्रदान किए हैं। मंगली पंचायत के अंदवास गांव के पास पहाड़ी से होने वाले भूस्खलन ने 25 परिवारों के सिरों से छत छीन ली है। भूस्खलन के चलते प्रशासन ने गांव को खाली कर प्रभावितों को मदद के नाम पर मात्र टेंट ही प्रदान किए। इसके बाद प्रशासन इनकी तरफ ध्यान देना ही भूल गया है। सोमवार को पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें गांव में गिरीं। इससे आलम राम का घर जमींदोज हो गया है। घर में रखा सामान भी दब गया। अन्य घरों में दरारें पड़ी हैं। ग्रामीणों को टेंट में लकड़ी का चूल्हा जलाकर खाना बनाना पड़ रहा है। दिन भर ग्रामीण गांव के साथ लगते जंगल में जाकर लकड़ियां इकट्ठे करते हैं। परिवारों ने गांव छोड़ अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण लेना शुरू कर दिया है। पहाड़ी से पत्थर व चट्टानें गिरने से घरों में रहना खतरनाक साबित हो सकता है। प्रभावित परिवारों में मान सिंह, चुहडू राम, बालकू राम, नारद, महाराज, चुनी लाल, रूप सिंह और देवी सिंह ने सरकार व प्रशासन से गुहार लगाई है कि गांव के पास सुरक्षा दीवार बनाई जाए।
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बनाई जाएगी सुरक्षा दीवार
एसडीएम हितेश आजाद ने बताया कि अंदवास गांव के लोगों को घरों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। मौसम खराब होने से पहाड़ी में बार-बार भूस्खलन हो रहा है। स्थिति सामान्य होने पर गांव के पास सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। ताकि गांव को पैदा हुए खतरे से बचाया जा सके।
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