{"_id":"5cbdc37ebdec2214204764ac","slug":"181555940222-chamba-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क के लिए काट डाले आधा दर्जन हरे-भरे पेड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क के लिए काट डाले आधा दर्जन हरे-भरे पेड़
विज्ञापन
Tree Cuttting
- फोटो : फाइल फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
डलहौजी (चंबा)। नगर परिषद डलहौजी के वार्ड नंबर छह कथलग में वन विभाग की जमीन पर अवैध रूप से बनाई जा रही सड़क के लिए आधा दर्जन के करीब हरे-भरे चीड़ के पेड़ काट डाले। इस स्थान से कई पेड़ों को जमीदोंज भी किया गया है। हैरानी की बात तो यह है कि इस पूरे मामले के बारे में नप डलहौजी और न ही वन विभाग को भनक लगी। मामला प्रकाश में आने के बाद अब सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। एसडीएम डलहौजी ने राजस्व विभाग को मामले के बारे में निष्पक्ष जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं, वन विभाग ने नप डलहौजी को निर्देश जारी करते हुए अपने स्तर पर मामले की जांच कर उन्हें सूचित करने की बात कही है।
गौरतलब है कि पर्यटन नगरी डलहौजी की सुंदरता हरे-भरे दरख्तों पर ही निर्भर करती है। ऐसे में डलहौजी में बिना अनुमति के वन विभाग की भूमि पर हरे-भरे दरख्तों की दी जाने वाली बलि सरकारी महकमों पर भी सवालिया निशान खड़े करती है। डलहौजी नप के तहत आते वार्ड नंबर-छह कथलग में अवैध रूप से बनाई जा रही सड़क की भेंट आधा दर्जन हरे-भरे दरख्त चढ़ाए गए हैं। पूरी तरह से गोपनीय तरीके से इस कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा था। बिना अनुमति के चल रहे इस कार्य की सुगबुगाहट ने अब डलहौजी प्रशासन, नप डलहौजी और वन विभाग में पूरी तरह से हड़कंप मचा दिया है। सूत्रों के मुताबिक हरे-भरे चीड़ के दरख्तों को बारिश में गिरना दर्शाया जा रहा है, साथ ही पूरे मामले को दबाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इससे पहले भी पर्यटन नगरी डलहौजी में कई बार इस प्रकार के मामले सामने आ चुके हैं। हर मर्तबा हरे-भरे दरख्तों को बारिश में गिरना दर्शा कर विभागीय अधिकारी भी अपना पल्लूझाड़ लेते हैं। ऐसे में यहां सवाल उठता है कि विभाग किसे लाभ देने की कोशिश में रहता है, साथ ही यह सड़क कहां के लिए बनाई जा रही थी, यह भी जांच का विषय है। बहरहाल, वन विभाग के डीएफओ ने कड़े शब्दों में नप डलहौजी को चिट्टी लिख कर जांच करने और वन विभाग को अवगत करवाने की बात कही है। नप डलहौजी और राजस्व विभाग की टीमें सोमवार को उक्त स्थान पर मौके के लिए भेजी गई हैं।
हिमाचल प्रदेश म्यूनिसिपल एक्ट 221 के तहत गलत खुदाई कर पेड़ों को गिराना भी उतना ही अपराध है, जितना हरे-भरे पेड़ काटना।
डीएफओ राकेश कटोच का कहना है कि ऐसा मामला उनके ध्यान में आया है। इसके बारे में नप डलहौजी को निर्देश जारी किए हैं कि इस बारे जांच कर वन विभाग को सूचित किया जाए।
विज्ञापन
नप कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल ने बताया कि उन्हें इसके बारे में जानकारी मिली है। नप डलहौजी की टीम को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि एसडीएम के निर्देशानुसार राजस्व विभाग की टीम को भी मौके पर भेजा गया है।
विज्ञापन
डलहौजी (चंबा)। नगर परिषद डलहौजी के वार्ड नंबर छह कथलग में वन विभाग की जमीन पर अवैध रूप से बनाई जा रही सड़क के लिए आधा दर्जन के करीब हरे-भरे चीड़ के पेड़ काट डाले। इस स्थान से कई पेड़ों को जमीदोंज भी किया गया है। हैरानी की बात तो यह है कि इस पूरे मामले के बारे में नप डलहौजी और न ही वन विभाग को भनक लगी। मामला प्रकाश में आने के बाद अब सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। एसडीएम डलहौजी ने राजस्व विभाग को मामले के बारे में निष्पक्ष जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं, वन विभाग ने नप डलहौजी को निर्देश जारी करते हुए अपने स्तर पर मामले की जांच कर उन्हें सूचित करने की बात कही है।
गौरतलब है कि पर्यटन नगरी डलहौजी की सुंदरता हरे-भरे दरख्तों पर ही निर्भर करती है। ऐसे में डलहौजी में बिना अनुमति के वन विभाग की भूमि पर हरे-भरे दरख्तों की दी जाने वाली बलि सरकारी महकमों पर भी सवालिया निशान खड़े करती है। डलहौजी नप के तहत आते वार्ड नंबर-छह कथलग में अवैध रूप से बनाई जा रही सड़क की भेंट आधा दर्जन हरे-भरे दरख्त चढ़ाए गए हैं। पूरी तरह से गोपनीय तरीके से इस कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा था। बिना अनुमति के चल रहे इस कार्य की सुगबुगाहट ने अब डलहौजी प्रशासन, नप डलहौजी और वन विभाग में पूरी तरह से हड़कंप मचा दिया है। सूत्रों के मुताबिक हरे-भरे चीड़ के दरख्तों को बारिश में गिरना दर्शाया जा रहा है, साथ ही पूरे मामले को दबाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इससे पहले भी पर्यटन नगरी डलहौजी में कई बार इस प्रकार के मामले सामने आ चुके हैं। हर मर्तबा हरे-भरे दरख्तों को बारिश में गिरना दर्शा कर विभागीय अधिकारी भी अपना पल्लूझाड़ लेते हैं। ऐसे में यहां सवाल उठता है कि विभाग किसे लाभ देने की कोशिश में रहता है, साथ ही यह सड़क कहां के लिए बनाई जा रही थी, यह भी जांच का विषय है। बहरहाल, वन विभाग के डीएफओ ने कड़े शब्दों में नप डलहौजी को चिट्टी लिख कर जांच करने और वन विभाग को अवगत करवाने की बात कही है। नप डलहौजी और राजस्व विभाग की टीमें सोमवार को उक्त स्थान पर मौके के लिए भेजी गई हैं।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश म्यूनिसिपल एक्ट 221 के तहत गलत खुदाई कर पेड़ों को गिराना भी उतना ही अपराध है, जितना हरे-भरे पेड़ काटना।
डीएफओ राकेश कटोच का कहना है कि ऐसा मामला उनके ध्यान में आया है। इसके बारे में नप डलहौजी को निर्देश जारी किए हैं कि इस बारे जांच कर वन विभाग को सूचित किया जाए।
विज्ञापन
नप कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल ने बताया कि उन्हें इसके बारे में जानकारी मिली है। नप डलहौजी की टीम को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि एसडीएम के निर्देशानुसार राजस्व विभाग की टीम को भी मौके पर भेजा गया है।