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एक साल में चंबा में सामने आए चालीस बाल विवाह के मामले
Updated Mon, 11 Dec 2017 10:53 PM IST
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एक साल में चंबा में सामने आए चालीस बाल विवाह के मामले
डीसीपीयू ने 12 बाल विवाह रुकवाए, दो मामलों में करवाई एफआईआर दर्ज
चाइल्ड लाइन चंबा ने जिला में रुकवाए 28 मामले
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। प्रदेश सरकार के जागरूकता अभियानों के बावजूद जिला में पिछले एक साल में 40 बाल विवाह के मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि इन मामलों को रोकने में चाइल्ड लाइन और जिला बाल संरक्षण इकाई कामयाब हुई है। समय पर सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन और जिला बाल संरक्षण इकाई की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बाल विवाहों को रुकवाया है। इसमें नाबालिग के परिजनों को भी जागरूक किया जाता है कि बेटी का विवाह 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही करें। इनमें से 28 मामले जहां चाइल्ड लाइन चंबा ने रुकवाए तो वहीं जिला बाल संरक्षण इकाई चंबा ने भी 12 बाल विवाह के मामलों को रुकवाया है।
जिला बाल संरक्षण इकाई ने 12 में दो मामलों में एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। सितंबर 2016 से जिला में सिलसिलेवार बाल विवाह के मामले सामने आते रहे हैं। इसकी सूचना जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड लाइन को मिलती रही और अग्रिम कार्रवाई करते हुए इन बाल विवाहों को रुकवाया। गौरतलब है कि जिला चंबा में सितंबर 2016 में पहला बाल विवाह का मामला प्रकाश में आया। इसके बाद सिलसिलेवार हर माह दो से तीन बाल विवाह के मामले सामने आए। लगातार सामने आ रहे बाल विवाह के मामलों की रोकने के लिए जिला प्रशासन ने जिला के हर क्षेत्र में बाल विवाह को लेकर जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश दिए। इन शिविरों के माध्यम से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह के बारे में चाइल्ड लाइन टीम और जिला बाल संरक्षण इकाई ने जागरूक किया। हाल ही में जहां जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम ने चुवाड़ी में बाल विवाह रुकवाया तो वहीं चाइल्ड लाइन टीम ने तीसा क्षेत्र में बाल विवाह रुकवाने में सफलता हासिल की। ज्यादातर मामलों में सामने आया है कि ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में साफ है कि जागरूकता के अभाव में लोग बेटियों की 18 वर्ष से पहले शादी करवा देते हैं। जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि इकाई ने करीब 12 बाल विवाह के मामले एक साल में रुकवाए हैं। इनमें से दो मामलों में एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। चाइल्ड लाइन समन्वयक कपिल शर्मा ने बताया कि बीते एक साल में 28 बाल विवाह रुकवाने में टीम को कामयाबी मिली है। उन्होंने कहा कि टीम बाल विवाह के मामलों पर रोक लगाने के लिए भरसक प्रयास कर रही है। लोगों को इस संबंध में जागरूक करने की जरूरत है।
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डीसीपीयू ने 12 बाल विवाह रुकवाए, दो मामलों में करवाई एफआईआर दर्ज
चाइल्ड लाइन चंबा ने जिला में रुकवाए 28 मामले
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। प्रदेश सरकार के जागरूकता अभियानों के बावजूद जिला में पिछले एक साल में 40 बाल विवाह के मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि इन मामलों को रोकने में चाइल्ड लाइन और जिला बाल संरक्षण इकाई कामयाब हुई है। समय पर सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन और जिला बाल संरक्षण इकाई की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बाल विवाहों को रुकवाया है। इसमें नाबालिग के परिजनों को भी जागरूक किया जाता है कि बेटी का विवाह 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही करें। इनमें से 28 मामले जहां चाइल्ड लाइन चंबा ने रुकवाए तो वहीं जिला बाल संरक्षण इकाई चंबा ने भी 12 बाल विवाह के मामलों को रुकवाया है।
जिला बाल संरक्षण इकाई ने 12 में दो मामलों में एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। सितंबर 2016 से जिला में सिलसिलेवार बाल विवाह के मामले सामने आते रहे हैं। इसकी सूचना जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड लाइन को मिलती रही और अग्रिम कार्रवाई करते हुए इन बाल विवाहों को रुकवाया। गौरतलब है कि जिला चंबा में सितंबर 2016 में पहला बाल विवाह का मामला प्रकाश में आया। इसके बाद सिलसिलेवार हर माह दो से तीन बाल विवाह के मामले सामने आए। लगातार सामने आ रहे बाल विवाह के मामलों की रोकने के लिए जिला प्रशासन ने जिला के हर क्षेत्र में बाल विवाह को लेकर जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश दिए। इन शिविरों के माध्यम से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह के बारे में चाइल्ड लाइन टीम और जिला बाल संरक्षण इकाई ने जागरूक किया। हाल ही में जहां जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम ने चुवाड़ी में बाल विवाह रुकवाया तो वहीं चाइल्ड लाइन टीम ने तीसा क्षेत्र में बाल विवाह रुकवाने में सफलता हासिल की। ज्यादातर मामलों में सामने आया है कि ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में साफ है कि जागरूकता के अभाव में लोग बेटियों की 18 वर्ष से पहले शादी करवा देते हैं। जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि इकाई ने करीब 12 बाल विवाह के मामले एक साल में रुकवाए हैं। इनमें से दो मामलों में एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। चाइल्ड लाइन समन्वयक कपिल शर्मा ने बताया कि बीते एक साल में 28 बाल विवाह रुकवाने में टीम को कामयाबी मिली है। उन्होंने कहा कि टीम बाल विवाह के मामलों पर रोक लगाने के लिए भरसक प्रयास कर रही है। लोगों को इस संबंध में जागरूक करने की जरूरत है।
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