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मौसम के तेवरों को देखते हुए जिले में अलर्ट, सेना की मदद मांगी
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जिले में मौसम के तेवरों को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं जनजातीय क्षेत्र पांगी और भरमौर समेत तीसा में भारी बर्फबारी से निपटने के लिए सेना की मदद लेने का भी फैसला किया है। इसको लेकर जिला प्रशासन ने बाकायदा प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर मदद मांगी है। इसको लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में बाकायदा सेना के साथ बैठक का आयोजन किया गया। उपायुक्त ने बताया कि मौसम विभाग ने जारी चेतावनी के मद्देनजर पांगी घाटी के अलावा भरमौर और चुराह के ऊपरी क्षेत्रों में भी हिमस्खलन की आशंका है। उन्होंने कहा कि आगामी कुछ दिनों में अगर इस तरह की परिस्थितियों बनती हैं तो सेना को भी मदद के लिए कहा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार को इस तरह के ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए छोटे हेलीकॉप्टर उपलब्ध करने के लिए आग्रह किया गया है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि डलहौजी में तैनात दोनों यूनिटें सियाचिन में कार्य करने का अनुभव रखती हैं। उन्होंने कहा कि हिमस्खलन या अन्य प्राकृतिक आपदा के अलावा मेडिकल एड के लिए सेना पूरी तरह से तैयार है। मौसम विभाग ने 19 फरवरी से लेकर 22 फरवरी तक प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग से प्राप्त सूचना के मुताबिक आगामी चार दिन जिला में मौसम खराब रहेगा। प्रशासन ने इस बारे जिला के सभी उपमंडलाधिकारियों को आदेश जारी कर दिए है। इसके साथ ही स्थानीय जन प्रतिनिधियों को भी लोगों तक सूचनाएं पहुंचाने का आह्वान किया है। अलर्ट के दौरान जिला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात हो सकता है। साथ ही निचले क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से भी आह्वान किया है कि वे बारिश व बर्फबारी के दौरान घरों से बाहर ना निकलें। ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना ना हो सके।
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चंबा। जिले में मौसम के तेवरों को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं जनजातीय क्षेत्र पांगी और भरमौर समेत तीसा में भारी बर्फबारी से निपटने के लिए सेना की मदद लेने का भी फैसला किया है। इसको लेकर जिला प्रशासन ने बाकायदा प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर मदद मांगी है। इसको लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में बाकायदा सेना के साथ बैठक का आयोजन किया गया। उपायुक्त ने बताया कि मौसम विभाग ने जारी चेतावनी के मद्देनजर पांगी घाटी के अलावा भरमौर और चुराह के ऊपरी क्षेत्रों में भी हिमस्खलन की आशंका है। उन्होंने कहा कि आगामी कुछ दिनों में अगर इस तरह की परिस्थितियों बनती हैं तो सेना को भी मदद के लिए कहा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार को इस तरह के ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए छोटे हेलीकॉप्टर उपलब्ध करने के लिए आग्रह किया गया है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि डलहौजी में तैनात दोनों यूनिटें सियाचिन में कार्य करने का अनुभव रखती हैं। उन्होंने कहा कि हिमस्खलन या अन्य प्राकृतिक आपदा के अलावा मेडिकल एड के लिए सेना पूरी तरह से तैयार है। मौसम विभाग ने 19 फरवरी से लेकर 22 फरवरी तक प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग से प्राप्त सूचना के मुताबिक आगामी चार दिन जिला में मौसम खराब रहेगा। प्रशासन ने इस बारे जिला के सभी उपमंडलाधिकारियों को आदेश जारी कर दिए है। इसके साथ ही स्थानीय जन प्रतिनिधियों को भी लोगों तक सूचनाएं पहुंचाने का आह्वान किया है। अलर्ट के दौरान जिला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात हो सकता है। साथ ही निचले क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से भी आह्वान किया है कि वे बारिश व बर्फबारी के दौरान घरों से बाहर ना निकलें। ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना ना हो सके।