{"_id":"662543015c10e6ecc9077f7b","slug":"12-schools-of-kiani-section-with-the-support-of-one-teacher-each-chamba-news-c-88-1-ssml1004-123052-2024-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: एक-एक शिक्षक के सहारे कियाणी खंड के 12 स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: एक-एक शिक्षक के सहारे कियाणी खंड के 12 स्कूल
Sun, 21 Apr 2024 10:16 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 21 Apr 2024 10:16 PM IST
विज्ञापन
चंबा। प्रदेश सरकार एक तरफ बेहतर शिक्षा देने के दावे करती है तो दूसरी ओर शिक्षा खंड कियाणी में हालात बेहद खराब हैं। खंड के तीन स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं।
दूसरी तरफ, 12 स्कूल एक-एक अध्यापक के सहारे चल रहे हैं। हैरानी की बात है जिन स्कूलों में एक भी अध्यापक नहीं हैं, वहां प्रतिनियुक्ति के सहारे शिक्षा व्यवस्था चल रही है। सरकार की ओर से स्थायी नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार की ओर अग्रसर है।
जानकारी के अनुसार शिक्षा खंड कियाणी के तहत 75 प्राथमिक पाठशालाएं हैं। इनमें तीन स्कूल ऐसे हैं, जहां अध्यापक नहीं हैं। इनमें प्राथमिक पाठशालाएं रेटा, ख्वाद और धानुई शामिल हैं। व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यहां अन्य स्कूलों से अध्यापकों की प्रतिनियुक्ति की है। 12 ऐसे स्कूल हैं, जहां बच्चों की संख्या तीस से पचास है। एक-एक अध्यापक ही इन बच्चों को संभाल रहा है और उनका भविष्य संवारने के लिए प्रयासरत है। हालांकि, इस बारे में कई बार शिक्षा विभाग को अवगत करवाया जा चुका है, मगर आज दिन तक स्थायी अध्यापकों की तैनाती नहीं हो पाई है। उधर, कार्यवाहक प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ज्ञान चंद का कहना है कि यह मामला उनके ध्यान में है। कहा कि आगामी समय में जैसे ही नियुक्तियां होंगी, स्टाफ की तैनाती कर दी जाएगी।
विज्ञापन
--
विज्ञापन
दूसरी तरफ, 12 स्कूल एक-एक अध्यापक के सहारे चल रहे हैं। हैरानी की बात है जिन स्कूलों में एक भी अध्यापक नहीं हैं, वहां प्रतिनियुक्ति के सहारे शिक्षा व्यवस्था चल रही है। सरकार की ओर से स्थायी नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार की ओर अग्रसर है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार शिक्षा खंड कियाणी के तहत 75 प्राथमिक पाठशालाएं हैं। इनमें तीन स्कूल ऐसे हैं, जहां अध्यापक नहीं हैं। इनमें प्राथमिक पाठशालाएं रेटा, ख्वाद और धानुई शामिल हैं। व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यहां अन्य स्कूलों से अध्यापकों की प्रतिनियुक्ति की है। 12 ऐसे स्कूल हैं, जहां बच्चों की संख्या तीस से पचास है। एक-एक अध्यापक ही इन बच्चों को संभाल रहा है और उनका भविष्य संवारने के लिए प्रयासरत है। हालांकि, इस बारे में कई बार शिक्षा विभाग को अवगत करवाया जा चुका है, मगर आज दिन तक स्थायी अध्यापकों की तैनाती नहीं हो पाई है। उधर, कार्यवाहक प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ज्ञान चंद का कहना है कि यह मामला उनके ध्यान में है। कहा कि आगामी समय में जैसे ही नियुक्तियां होंगी, स्टाफ की तैनाती कर दी जाएगी।
विज्ञापन