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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Centre seeks status report on Himachal seven polluted rivers; monitoring committee meeting scheduled for Octob

पर्यावरण: हिमाचल की सात प्रदूषित नदियों का केंद्र ने मांगा हिसाब, निगरानी समिति की बैठक में उठेगा मामला

Thu, 01 Oct 2026 05:30 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 01 Oct 2026 05:30 AM IST
सार

राष्ट्रीय हरित अधिकरण से जुड़े एक मामले में केंद्रीय निगरानी समिति की 22वीं बैठक 9 अक्तूबर को होगी। प्रदेश की ओर से पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जल शक्ति विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल होंगे। बैठक सुबह 11:00 बजे से शाम पांच बजे तक होगी।

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Centre seeks status report on Himachal seven polluted rivers; monitoring committee meeting scheduled for Octob
ब्यास नदी(फाइल)। - फोटो : संवाद

विस्तार

 हिमाचल की सात प्रदूषित नदियों में प्रदूषण रोकने के लिए अब तक क्या किया गया और नदी जल की स्थिति में कितना सुधार हुआ, इसका केंद्र हिसाब लेगा। राष्ट्रीय हरित अधिकरण से जुड़े एक मामले में केंद्रीय निगरानी समिति की 22वीं बैठक 9 अक्तूबर को होगी। प्रदेश की ओर से पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जल शक्ति विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल होंगे। बैठक सुबह 11:00 बजे से शाम पांच बजे तक होगी।

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एनजीटी के इस मामले में हिमाचल के सात प्रदूषित नदी खंड चिह्नित किए गए हैं। इनमें सुखाना, मारकंडा, सिरसा, अश्वनी, ब्यास, गिरि और पब्बर शामिल हैं। वर्ष 2018 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पहचान के बाद इन नदी खंडों के पुनर्जीवन के लिए राज्य स्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई थी। हिमाचल में कुल सात प्रदूषित नदी खंड दर्ज होने की पुष्टि एनजीटी मामले से संबंधित रिकॉर्ड में भी है।

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प्रदूषण रोकने के लिए क्या हुआ, देना होगा ब्योरा
केंद्रीय निगरानी समिति की बैठक में राज्य की ओर से इन नदी खंडों में प्रदूषण कम करने के लिए किए गए कार्यों की प्रगति बताई जाएगी। इसमें सीवेज का उपचार, प्रदूषित पानी को नदी में जाने से रोकने, सीवेज शोधन संयंत्रों की स्थिति, औद्योगिक अपशिष्ट पर नियंत्रण और नदी जल की गुणवत्ता में सुधार जैसे विषय शामिल हैं। एनजीटी ने राज्यों को स्वीकृत कार्ययोजनाओं को लागू करने और प्रदूषित नदी खंडों को निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों तक लाने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय स्तर पर इस मामले की नियमित निगरानी के लिए केंद्रीय निगरानी समिति बनाई गई है। इसकी बैठकों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से तैयार कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाती है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की वेबसाइट पर ओए 673/2018 के तहत केंद्रीय निगरानी समिति की बैठकों के साथ राज्यों की मासिक प्रगति रिपोर्ट और समिति की तिमाही रिपोर्ट भी दर्ज की जाती हैं।

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पहले भी हिमाचल से मांगी गई है रिपोर्ट
इस मामले में हिमाचल से पहले भी नदी पुनर्जीवन की प्रगति रिपोर्ट मांगी जाती रही है। केंद्रीय निगरानी समिति की 18वीं बैठक 11 जनवरी 2024 को हुई थी और उसकी प्रोसीडिंग की प्रति हिमाचल के मुख्य सचिव सहित संबंधित राज्यों के अधिकारियों को भेजी गई थी। अब 22वीं बैठक में हिमाचल के सात प्रदूषित नदी खंडों को लेकर राज्य की मौजूदा स्थिति और कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी सामने आएगी। खासतौर पर यह देखा जाएगा कि जिन नदी खंडों को प्रदूषित के रूप में चिह्नित किया गया था, वहां प्रदूषण कम करने के लिए किए गए उपायों का नदी की जल गुणवत्ता पर कितना असर पड़ा है।

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