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शिक्षा के साथ कौशल विकास में भी भागीदारी सुनिश्चित करें युवा : राजेश
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- घुमारवीं कॉलेज में कौशल विकास निगम ने किया कार्यशाला का आयोजन
-विद्यार्थियों को विभिन्न कोर्स के बारे दी गई जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। शिक्षा के साथ-साथ युवाओं को कौशल विकास में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि वह स्वरोजगार पाकर सम्मान पूर्वक अपना जीवन यापन कर सकें। यह बात घुमारवीं विधायक राजेश धर्माणी ने घुमारवीं कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में कही।
स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं में हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम की ओर से विद्यार्थियों को रोजगार और स्वरोजगार के लिए कौशल प्राप्ति के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। राजेश धर्माणी ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए यह उपयुक्त समय है कि वह शिक्षा के साथ स्किल भी सीखें। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही घुमारवीं में कौशल विकास निगम की स्थापना की जाएगी। इसके लिए विद्यार्थियों के सुझाव आमंत्रित हैं जिन विषयों में वह प्रशिक्षण लेना चाहते हैं। हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम की जिला समन्वयक शिखा धीमान ने निगम के उद्देश्यों, कोर्स और प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि 18 से 45 साल के युवा हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम द्वारा कृषि, आईटीआई, ब्यूटीशियन जैसे कई कोर्स में प्रशिक्षण लेने के लिए निगम की वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निगम द्वारा प्रदान किए जा रहे कार्यक्रमों का लाभ उठाने का आह्वान किया। इस दौरान गौरव तोमर ने बताया कि भारत सरकार के कौशल विकास मंत्रालय द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सेक्टर स्किल काउंसलिंग का निर्माण किया गया है, ताकि विभिन्न राज्यों और जिलों की मांग के आधार पर कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा एआई, प्लास्टिक इंजीनियरिंग, जीएसटी, पर्वतारोहण, फैशन डिजाइनिंग, वेब डेवलपर जैसे कई क्षेत्रों में कौशल प्रदान कर युवाओं को स्वावलंबी बनाया जा रहा है।
इस अवसर पर सप्तक कला मंच की ओर से विकास निगम की थीम सांग आओ युवा आओ रोजगार के मौके यहां आके पाओ प्रस्तुत किया और एक लघु नाटिका की प्रस्तुति दी। अंतरराष्ट्रीय प्रेरक और वक्ता डॉ. अरुण भारद्वाज ने एक कहानी द्वारा युवाओं को क्षमता के चारचार सूत्र सही नॉलेज, एटीट्यूड, स्किल और सही है हैबिट को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मांग पर आधारित कार्यक्रमों के साथ बाजार की मांग पर आधारित कार्यक्रमों को शामिल करना चाहिए। इस दौरान विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। इस मौके पर विकास निगम के राज्य संयोजक अतुल कड़ोहता, प्राचार्य प्रो. प्रीतम लाल, प्रो. बच्चन सिंह, डॉ. सुरेश, डॉ. रिपन और पीटीए अध्यक्ष शशिभूषण ठाकुर मौजूद रहे।
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-विद्यार्थियों को विभिन्न कोर्स के बारे दी गई जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। शिक्षा के साथ-साथ युवाओं को कौशल विकास में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि वह स्वरोजगार पाकर सम्मान पूर्वक अपना जीवन यापन कर सकें। यह बात घुमारवीं विधायक राजेश धर्माणी ने घुमारवीं कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में कही।
स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं में हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम की ओर से विद्यार्थियों को रोजगार और स्वरोजगार के लिए कौशल प्राप्ति के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। राजेश धर्माणी ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए यह उपयुक्त समय है कि वह शिक्षा के साथ स्किल भी सीखें। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही घुमारवीं में कौशल विकास निगम की स्थापना की जाएगी। इसके लिए विद्यार्थियों के सुझाव आमंत्रित हैं जिन विषयों में वह प्रशिक्षण लेना चाहते हैं। हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम की जिला समन्वयक शिखा धीमान ने निगम के उद्देश्यों, कोर्स और प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि 18 से 45 साल के युवा हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम द्वारा कृषि, आईटीआई, ब्यूटीशियन जैसे कई कोर्स में प्रशिक्षण लेने के लिए निगम की वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निगम द्वारा प्रदान किए जा रहे कार्यक्रमों का लाभ उठाने का आह्वान किया। इस दौरान गौरव तोमर ने बताया कि भारत सरकार के कौशल विकास मंत्रालय द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सेक्टर स्किल काउंसलिंग का निर्माण किया गया है, ताकि विभिन्न राज्यों और जिलों की मांग के आधार पर कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा एआई, प्लास्टिक इंजीनियरिंग, जीएसटी, पर्वतारोहण, फैशन डिजाइनिंग, वेब डेवलपर जैसे कई क्षेत्रों में कौशल प्रदान कर युवाओं को स्वावलंबी बनाया जा रहा है।
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इस अवसर पर सप्तक कला मंच की ओर से विकास निगम की थीम सांग आओ युवा आओ रोजगार के मौके यहां आके पाओ प्रस्तुत किया और एक लघु नाटिका की प्रस्तुति दी। अंतरराष्ट्रीय प्रेरक और वक्ता डॉ. अरुण भारद्वाज ने एक कहानी द्वारा युवाओं को क्षमता के चारचार सूत्र सही नॉलेज, एटीट्यूड, स्किल और सही है हैबिट को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मांग पर आधारित कार्यक्रमों के साथ बाजार की मांग पर आधारित कार्यक्रमों को शामिल करना चाहिए। इस दौरान विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। इस मौके पर विकास निगम के राज्य संयोजक अतुल कड़ोहता, प्राचार्य प्रो. प्रीतम लाल, प्रो. बच्चन सिंह, डॉ. सुरेश, डॉ. रिपन और पीटीए अध्यक्ष शशिभूषण ठाकुर मौजूद रहे।
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