{"_id":"583f121d4f1c1bb61fde6e07","slug":"wild-life-announce-leopard-danger-for-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन विभाग ने तेंदुए को आदमखोर किया घोषित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वन विभाग ने तेंदुए को आदमखोर किया घोषित
ब्यूरो/ अमर उजाला, भराड़ी(बिलासपुर)।
Updated Wed, 30 Nov 2016 11:23 PM IST
विज्ञापन
गुलदार
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भराड़ी क्षेत्र के गांव भड़ोलीकलां के तिलकराज का मौत के घाट उतारने वाले तेंदुए को वन विभाग ने आदमखोर घोषित कर दिया है। इसके साथ ही जांच में पता चला है कि तेंदुए का एक पांव जख्मी है। बुधवार को भी जंगल में तेंदुए के ताजा निशाना पाए गए हैं। विभाग की टीम बुधवार सुबह भी तेंदुए की तलाश में जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया।
विज्ञापन
मगर देर शाम तक भी टीम के हाथ खाली रहे। हालांकि विभाग को कई स्थानों में तेंदुए के पैरों से निशान मिले हैं। जांच में यह भी पता चला है कि उक्त तेंदुआ घायल है। तेंदुए के हमले में मारे गए तिलकराज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ चुकी है। इसमें साफ बताया गया है कि उसकी मौत गले में हुए गहरे जख्मों से हुई है। वहीं जंगल में भी विभाग ने कैमरे स्थापित कर दिए हैं।
विज्ञापन
इससे अब रात को भी तेंदुए की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। उल्लेखनीय है कि गत रोज पहले तिलकराज की तेंदुए के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद तेंदुए को पकड़ने के लिए विभाग की टीम लगातार तलाश में जुटी है। अगर तेंदुआ पकड़ में आता तो उसे ट्रेंकुलाइजर गन से बेहोश किया जाएगा। डीएफओ बिलासपुर सीवी ताशीलदार खुद क्षेत्र में रहकर हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।
विज्ञापन
बताया कि मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाने से यह पुष्टि हो चुकी है कि मृतक के गले में दांतों के गहरे जख्म होने के कारण ही तिलक राज की मौत हुई है। वाइल्ड लाइफ ने भी इस तेंदुए को आदमखोर घोषित कर दिया है।
आदमखोर तेंदुए के पैरों के निशान बुधवार को भी मिले हैं। पैरों के निशान से पता चला है कि तेंदुए की एक टांग जख्मी है। वाइल्ड लाइफ के सदस्यों ने जंगल में कैमरा ट्रैप भी लगा दिए हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए एक्सपर्ट टीम के 6 सदस्यों सहित वाइल्ड लाइफ के सदस्य और डीएफओ बिलासपुर क्षेत्र में डटे हुए हैं।