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बूंदाबांदी से खेतों में भीगी गेहूं की फसल
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बिलासपुर में हुई हल्की बूंदाबांदी। बादल छाने से दिन में ही अंधेरा हो गया।
- फोटो : BILASPUR
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भराड़ी (बिलासपुर)। जिले में बूंदाबांदी ने मौसम खुशनुमा कर दिया, लेकिन खेतों में काटकर रखी गेहूं की फसल भीग गई है। इससे किसान मायूस हो गए हैं। शुक्रवार को एकाएक मौसम ने करवट बदली। तेज हवाएं चलने के साथ बूंदाबांदी हुई। पहले ही सूखे के चलते जिले के कई क्षेत्रों में गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। जो फसल बची थी वह भी अब बूंदाबांदी होने से खेतों में भीग गई है।
जिले में करीब पांच माह से बारिश नहीं हुई है। किसानों सुरेंद्र, सोहन, राजकुमार, मदन, जगरनाथ, पवन, राजेश आदि ने बताया कि फसल बर्बाद हो चुकी है। महंगा बीज और बुआई के दाम चुकाकर खेतों में गेहूं की फसल लगाई थी। लेकिन समय पर बारिश न होने के कारण बीज के पैसे भी पूरे नहीं हो पाएंगे। जो थोड़ी बहुत फसल बची थी वह भी बूंदाबांदी और तेज हवाओं के चलते खराब हो गई है। फसल को काटकर पशुओं के लिए चारे के रूप में प्रयोग करने को मजबूर हैं।
किसानों ने बताया कि बारिश न होने और तेज हवाओं के कारण फसल बर्बाद हो गई है। किसानों की मेहनत बर्बाद हो गई है। अब बूंदाबांदी के कारण पशुओं के लिए तूड़ी भी नहीं मिल पाएगी। इस कारण आने वाले समय में पशुओं के चारे की समस्या खड़ी हो जाएगी।
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जिले में करीब पांच माह से बारिश नहीं हुई है। किसानों सुरेंद्र, सोहन, राजकुमार, मदन, जगरनाथ, पवन, राजेश आदि ने बताया कि फसल बर्बाद हो चुकी है। महंगा बीज और बुआई के दाम चुकाकर खेतों में गेहूं की फसल लगाई थी। लेकिन समय पर बारिश न होने के कारण बीज के पैसे भी पूरे नहीं हो पाएंगे। जो थोड़ी बहुत फसल बची थी वह भी बूंदाबांदी और तेज हवाओं के चलते खराब हो गई है। फसल को काटकर पशुओं के लिए चारे के रूप में प्रयोग करने को मजबूर हैं।
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किसानों ने बताया कि बारिश न होने और तेज हवाओं के कारण फसल बर्बाद हो गई है। किसानों की मेहनत बर्बाद हो गई है। अब बूंदाबांदी के कारण पशुओं के लिए तूड़ी भी नहीं मिल पाएगी। इस कारण आने वाले समय में पशुओं के चारे की समस्या खड़ी हो जाएगी।
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