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Bilaspur News: हम पागल नहीं हैं भैया... गाने पर झूमे नन्हे-मुन्ने
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दादा-दादी के दिए गए संस्कारों को ग्रहण करें बच्चे : चंद्रपाल
-मिनर्वा स्कूल में मनाया गया वार्षिक समारोह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मिनर्वा स्कूल घुमारवीं में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में एलकेजी से आठवीं कक्षा के तक के विद्यार्थियों को शिक्षा, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में अव्वल रहने पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पहाड़ी नाटी, भंगड़ा और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह में डीएसपी घुमारवीं चंद्रपाल सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
मुख्यातिथि ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित करके किया। समारोह में विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, घर में पधारो गजानन, हम पागल नहीं हैं भैया, महा शिवरात्रि आई, रंग दे बसंती, शुभ दिन आयो रे, मेरा जूता है जापानी, वो किशना है, योगा, नन्हा मुन्हा राही हूं, छन-छन घंटी बाजी, लकड़ी की काठी, इतनी सी हंसी, बिंदु नीलू दो सखियां, रामचंद्र जी कह गए, गोविंदा आला रे आला, लोहड़ी स्पेशल, कोई कहे कहता रहे, चोगारा तारा, हास्य गीत, बूंद बूंद बनकर आई लहर, डमरू बजाया भोलेनाथ ने, मनवा लागे, बोल री कठपुतली एक ओंकार, पहाड़ी मिश्रित सौंग, नाटी पहाड़ी, भंगड़ा, बैसाखी मेला, कश्मीरी डांस, आरंभ है प्रचंड, अष्टमी डांस, मैं पहाड़न, पंजाबी सांग, राम लीला, किन्नौरी नाटी, रुत आ गई रे, नवरात्रि संग और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
मुख्य अतिथि ने कहा कि बच्चों की प्रस्तुतियां देखकर बड़ा हर्ष होता है। जिंदगी में सफलता की डगर पर बहुत ध्यान से चलने की जरूरत है। बच्चों को संवारने का कार्य विद्यालय ही करते हैं। इसमें अभिभावकों की भूमिका भी अहम होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दादा-दादी का रिश्ता सबसे प्यारा होता है इसलिए उनके द्वारा दिए गए संस्कारों को ग्रहण करना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों की दिन भर की गतिविधियों पर नजर जरूर रखें कि उनका बच्चा किस दिशा की ओर जा रहा है। अभिभावक बच्चों से दूरी न बनाएं। बच्चा जब भी स्कूल से घर वापिस आए तो उससे उसकी दिन भर की गतिविधियों के बारे में जाने। प्रधानाचार्य प्रवेश चंदेल ने कहा कि मिनर्वा संस्थान का हमेशा प्रयास रहता है कि बच्चों को शिक्षा के साथ अन्य गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाए। संस्थान में वर्षभर सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों का आयोजन कर बच्चों को अच्छे संस्कार दिए जाते हैं। इसमें संस्थान के सभी शिक्षक व स्टाफ अपना योगदान निभाते हैं। बच्चों को वार्षिक कार्यक्रम के माध्यम से मंच प्रदान किया जाता है ताकि बच्चों के अंदर आत्मविश्वास बढ़ सके। इस अवसर पर सभी अध्यापक, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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-मिनर्वा स्कूल में मनाया गया वार्षिक समारोह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मिनर्वा स्कूल घुमारवीं में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में एलकेजी से आठवीं कक्षा के तक के विद्यार्थियों को शिक्षा, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में अव्वल रहने पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पहाड़ी नाटी, भंगड़ा और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह में डीएसपी घुमारवीं चंद्रपाल सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
मुख्यातिथि ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित करके किया। समारोह में विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, घर में पधारो गजानन, हम पागल नहीं हैं भैया, महा शिवरात्रि आई, रंग दे बसंती, शुभ दिन आयो रे, मेरा जूता है जापानी, वो किशना है, योगा, नन्हा मुन्हा राही हूं, छन-छन घंटी बाजी, लकड़ी की काठी, इतनी सी हंसी, बिंदु नीलू दो सखियां, रामचंद्र जी कह गए, गोविंदा आला रे आला, लोहड़ी स्पेशल, कोई कहे कहता रहे, चोगारा तारा, हास्य गीत, बूंद बूंद बनकर आई लहर, डमरू बजाया भोलेनाथ ने, मनवा लागे, बोल री कठपुतली एक ओंकार, पहाड़ी मिश्रित सौंग, नाटी पहाड़ी, भंगड़ा, बैसाखी मेला, कश्मीरी डांस, आरंभ है प्रचंड, अष्टमी डांस, मैं पहाड़न, पंजाबी सांग, राम लीला, किन्नौरी नाटी, रुत आ गई रे, नवरात्रि संग और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
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मुख्य अतिथि ने कहा कि बच्चों की प्रस्तुतियां देखकर बड़ा हर्ष होता है। जिंदगी में सफलता की डगर पर बहुत ध्यान से चलने की जरूरत है। बच्चों को संवारने का कार्य विद्यालय ही करते हैं। इसमें अभिभावकों की भूमिका भी अहम होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दादा-दादी का रिश्ता सबसे प्यारा होता है इसलिए उनके द्वारा दिए गए संस्कारों को ग्रहण करना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों की दिन भर की गतिविधियों पर नजर जरूर रखें कि उनका बच्चा किस दिशा की ओर जा रहा है। अभिभावक बच्चों से दूरी न बनाएं। बच्चा जब भी स्कूल से घर वापिस आए तो उससे उसकी दिन भर की गतिविधियों के बारे में जाने। प्रधानाचार्य प्रवेश चंदेल ने कहा कि मिनर्वा संस्थान का हमेशा प्रयास रहता है कि बच्चों को शिक्षा के साथ अन्य गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाए। संस्थान में वर्षभर सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों का आयोजन कर बच्चों को अच्छे संस्कार दिए जाते हैं। इसमें संस्थान के सभी शिक्षक व स्टाफ अपना योगदान निभाते हैं। बच्चों को वार्षिक कार्यक्रम के माध्यम से मंच प्रदान किया जाता है ताकि बच्चों के अंदर आत्मविश्वास बढ़ सके। इस अवसर पर सभी अध्यापक, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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