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तीन पेयजल योजनाएं होने के बावजूद लोग प्यासे
ब्यूरो/अमर उजाला/ घुमारवीं(बिलासपुर)।
Updated Tue, 03 May 2016 10:58 PM IST
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बरठीं के मलांगन पंचायत में लोगों के साथ झंडूता के विधायक
- फोटो : अमर उजाला
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उपमंडल के ननावां पंचायत के गांव चकली, परोहा, भंडयाल और भुलातर के ग्रामीण पिछले दो महीने से पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। हालत यह है कि क्षेत्र के लिए तीन-तीन पेयजल योजनाएं होने के बावजूद भी ग्रामीणों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
इस वजह से करीब दो हजार लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। लोगों ने इस बारे में कई बार विभाग के उच्च अधिकारियों से बात भी की। लेकिन इसके बाद भी पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही पानी की आपूर्ति नहीं हुई तो वह उग्र आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।
लोक राम, ज्ञान चंद, प्रकाश, संतोष, हेमराज, हंसराज, सरस्वती, लाजवंती, लीला, चिंता, पृथ्वी देवी, प्रोमिला, मनोरमा, ऋतु, मधु, रोशनी, आशा, मधुबाला, सुरेंद्र, निशा, पवन और आशु ने बताया कि इतनी योजनाओं के बाद भी पंचायत पानी के लिए तरस रही हैं।
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उक्त लोगों का कहना है कि इस पंचायत में तीन हैंडपंप लगे हैं पर पानी सही तरीके से एक में भी नहीं आ रहा है। वही हैंडपंप में साफ पानी न होने के कारण जबल्याणा स्कूल के बच्चों के लिए पानी करीब 2 किमी दूर से ढोकर लाना पड़ रहा है।
पंप हाउस पर नहीं मिला कर्मचारी
समस्या को लेकर जब ग्रामीण के साथ पंचायत प्रधान मैहर चंद विभाग के पंप हाउस पहुंचे तो वहां दरवाजा खुला था। लेकिन मोटर चलाने वाला कोई भी नहीं था। जब ड्यूटी पर तैनात कर्मी को फोन किया तो वह घर पर था। 10 बजे फोन करने के बाद कर्मचारी करीब एक बजे मौके पर पहुंचा।
लॉग बुक पर फर्जी हस्ताक्षर
जब प्रधान ने पंप हाउस पर रखी लॉग बुक देखी तो उसने पाया कि पंप पर रखे कर्मचारी ने लॉग बुक पर पहले ही नावावां पंचायत के कुछ लोगों के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए गए थे। जबकि गांव में 50 दिनों से पानी नहीं है।
क्या कहते है अधिकारी
आईपीएच विभाग के एसडीओ कंदरौर केएस ठाकुर ने कहा कि मामला उनके ध्यान में आ गया है। जल्द ही पंचायत के पांच गांव में पानी की पेश आ रही समस्या को हल कर दिया जाएगा।
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इस वजह से करीब दो हजार लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। लोगों ने इस बारे में कई बार विभाग के उच्च अधिकारियों से बात भी की। लेकिन इसके बाद भी पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही पानी की आपूर्ति नहीं हुई तो वह उग्र आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।
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लोक राम, ज्ञान चंद, प्रकाश, संतोष, हेमराज, हंसराज, सरस्वती, लाजवंती, लीला, चिंता, पृथ्वी देवी, प्रोमिला, मनोरमा, ऋतु, मधु, रोशनी, आशा, मधुबाला, सुरेंद्र, निशा, पवन और आशु ने बताया कि इतनी योजनाओं के बाद भी पंचायत पानी के लिए तरस रही हैं।
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उक्त लोगों का कहना है कि इस पंचायत में तीन हैंडपंप लगे हैं पर पानी सही तरीके से एक में भी नहीं आ रहा है। वही हैंडपंप में साफ पानी न होने के कारण जबल्याणा स्कूल के बच्चों के लिए पानी करीब 2 किमी दूर से ढोकर लाना पड़ रहा है।
पंप हाउस पर नहीं मिला कर्मचारी
समस्या को लेकर जब ग्रामीण के साथ पंचायत प्रधान मैहर चंद विभाग के पंप हाउस पहुंचे तो वहां दरवाजा खुला था। लेकिन मोटर चलाने वाला कोई भी नहीं था। जब ड्यूटी पर तैनात कर्मी को फोन किया तो वह घर पर था। 10 बजे फोन करने के बाद कर्मचारी करीब एक बजे मौके पर पहुंचा।
लॉग बुक पर फर्जी हस्ताक्षर
जब प्रधान ने पंप हाउस पर रखी लॉग बुक देखी तो उसने पाया कि पंप पर रखे कर्मचारी ने लॉग बुक पर पहले ही नावावां पंचायत के कुछ लोगों के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए गए थे। जबकि गांव में 50 दिनों से पानी नहीं है।
क्या कहते है अधिकारी
आईपीएच विभाग के एसडीओ कंदरौर केएस ठाकुर ने कहा कि मामला उनके ध्यान में आ गया है। जल्द ही पंचायत के पांच गांव में पानी की पेश आ रही समस्या को हल कर दिया जाएगा।