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Bilaspur News: सीर खड्ड में स्टोन क्रशर लगाने का ग्रामीणों ने किया विरोध
Tue, 13 May 2025 11:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Tue, 13 May 2025 11:41 PM IST
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-बोले, सिंचाई योजनाओं व करोड़ों की लागत से बने पुल को खतरा
-ग्रामीण जल्द उपायुक्त से मिलकर क्रशर न लगाने के लिए सौंपेंगे ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विधानसभा क्षेत्र झंडूता के अंतर्गत ग्राम पंचायत बलोह व मलांगन पंचायत के बीच स्थित सीर खड्ड में प्रस्तावित स्टोन क्रशर लगाने को लेकर विरोध शुरू हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि इस क्रशर के लगने से इलाके की तीन अहम सिंचाई योजनाओं पर खतरा पैदा हो जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि स्टोन क्रशर लगाने से खड्ड में अवैध खनन बढ़ेगा जिससे पर्यावरणीय असंतुलन पैदा होगा और जल स्रोत भी प्रभावित होंगे। साथ ही क्षेत्र की तीन प्रमुख उठाऊ सिंचाई योजनाओं जायका की डोल लसावा योजना, एचपी शिवा की फगोग योजना और जल शक्ति विभाग की पराहु बलघाड़ योजना पर संकट आएगा। बलोह पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने इस विषय पर उपायुक्त बिलासपुर से मिलने का फैसला लिया है। प्रतिनिधिमंडल में कृषक विकास संगठन के पदाधिकारी महेंद्र सिंह, एचआर शर्मा, रूपलाल, राजेंद्र सिंह, हेमराज, विवेक शर्मा, रणजीत सिंह और मनसाराम सहित कई ग्रामीण शामिल होंगे। इन लोगों का कहना है कि स्टोन क्रशर लगाने के लिए जिस स्थान का चयन किया गया है, वह पिपलू घाट पुल से महज 50 मीटर की दूरी पर है। यह पुल करोड़ों रुपए की लागत से बना है जो ग्राम पंचायत बरठीं, बड़गांव, बलोह समेत कई पंचायतों को झंडूता मुख्यालय से जोड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि क्रशर लगने से पुल की स्थायित्व पर भी असर पड़ेगा और भविष्य में यह किसी बड़ी क्षति का कारण बन सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि समय रहते इस क्रशर के लिए प्रस्तावित स्थान को निरस्त किया जाए और पर्यावरण, सिंचाई योजनाओं तथा पुल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
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-ग्रामीण जल्द उपायुक्त से मिलकर क्रशर न लगाने के लिए सौंपेंगे ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विधानसभा क्षेत्र झंडूता के अंतर्गत ग्राम पंचायत बलोह व मलांगन पंचायत के बीच स्थित सीर खड्ड में प्रस्तावित स्टोन क्रशर लगाने को लेकर विरोध शुरू हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि इस क्रशर के लगने से इलाके की तीन अहम सिंचाई योजनाओं पर खतरा पैदा हो जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि स्टोन क्रशर लगाने से खड्ड में अवैध खनन बढ़ेगा जिससे पर्यावरणीय असंतुलन पैदा होगा और जल स्रोत भी प्रभावित होंगे। साथ ही क्षेत्र की तीन प्रमुख उठाऊ सिंचाई योजनाओं जायका की डोल लसावा योजना, एचपी शिवा की फगोग योजना और जल शक्ति विभाग की पराहु बलघाड़ योजना पर संकट आएगा। बलोह पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने इस विषय पर उपायुक्त बिलासपुर से मिलने का फैसला लिया है। प्रतिनिधिमंडल में कृषक विकास संगठन के पदाधिकारी महेंद्र सिंह, एचआर शर्मा, रूपलाल, राजेंद्र सिंह, हेमराज, विवेक शर्मा, रणजीत सिंह और मनसाराम सहित कई ग्रामीण शामिल होंगे। इन लोगों का कहना है कि स्टोन क्रशर लगाने के लिए जिस स्थान का चयन किया गया है, वह पिपलू घाट पुल से महज 50 मीटर की दूरी पर है। यह पुल करोड़ों रुपए की लागत से बना है जो ग्राम पंचायत बरठीं, बड़गांव, बलोह समेत कई पंचायतों को झंडूता मुख्यालय से जोड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि क्रशर लगने से पुल की स्थायित्व पर भी असर पड़ेगा और भविष्य में यह किसी बड़ी क्षति का कारण बन सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि समय रहते इस क्रशर के लिए प्रस्तावित स्थान को निरस्त किया जाए और पर्यावरण, सिंचाई योजनाओं तथा पुल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
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