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एक साल से इंस्टॉल नहीं हुए वेंटिलेटर, मरीज किए जा रहे रेफर
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बिलासपुर। जिले में कोरोना मरीजों को वेंटिलेटर की सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेज नेरचौक और आईजीएमसी रेफर करना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि जिला स्वास्थ्य विभाग के पास वेंटिलेटर नहीं हैं। विभाग के पास 13 वेंटिलेटर हैं, लेकिन इन्हें इंस्टॉल नहीं किया गया है। इसका कारण यह है कि जिले स्वास्थ्य विभाग के पास न तो वेंटिलेटर ऑपरेट करने वाला विशेषज्ञ स्टाफ है और न ही अन्य जरूरी स्पोर्ट सिस्टम है। इसके कारण इन वेंटिलेटरों को एक साल से उपयोग में नहीं लाया जा रहा है।
साल 2020 में कोरोना काल शुरू होने के बाद प्रदेश सरकार ने बिलासपुर को 13 ऑक्सीजन वेंटिलेटर दिए थे। लेकिन उन्हें अभी तक इंस्टॉल नहीं किया गया है। आरएच बिलासपुर, सीएच मार्कंडेय, सीएच घुमारवीं और घवांडल में वेंटिलेटर लगने हैं। लेकिन अभी तक न ही इन वेंटिलेटरों को चलाने के लिए स्टाफ की नियुक्ति हुई है और न हीे अन्य स्पोर्ट सिस्टम मुहैया करवाया गया है।
सीएमओ बिलासपुर डॉ. प्रकाश दड़ोच ने बताया कि वेंटिलेटर चलाने के लिए विशेषज्ञ स्टाफ होता है। लेकिन यहां पर उपलब्ध नहीं है। इसके चलते इन्हें इंस्टॉल नहीं किया गया है। अगर कोई आपात स्थिति होती है तो मरीज को नेरचौक और आइजीएमसी रेफर किया जाता है। कहा कि वेंटिलेटर ऑपरेट करने वाला स्टाफ मेडिकल कॉलेजों में नियुक्त है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से सरकार को अवगत करवा दिया गया है।
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साल 2020 में कोरोना काल शुरू होने के बाद प्रदेश सरकार ने बिलासपुर को 13 ऑक्सीजन वेंटिलेटर दिए थे। लेकिन उन्हें अभी तक इंस्टॉल नहीं किया गया है। आरएच बिलासपुर, सीएच मार्कंडेय, सीएच घुमारवीं और घवांडल में वेंटिलेटर लगने हैं। लेकिन अभी तक न ही इन वेंटिलेटरों को चलाने के लिए स्टाफ की नियुक्ति हुई है और न हीे अन्य स्पोर्ट सिस्टम मुहैया करवाया गया है।
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सीएमओ बिलासपुर डॉ. प्रकाश दड़ोच ने बताया कि वेंटिलेटर चलाने के लिए विशेषज्ञ स्टाफ होता है। लेकिन यहां पर उपलब्ध नहीं है। इसके चलते इन्हें इंस्टॉल नहीं किया गया है। अगर कोई आपात स्थिति होती है तो मरीज को नेरचौक और आइजीएमसी रेफर किया जाता है। कहा कि वेंटिलेटर ऑपरेट करने वाला स्टाफ मेडिकल कॉलेजों में नियुक्त है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से सरकार को अवगत करवा दिया गया है।
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