फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   valmiki community person not get certificate.

जमीन न होने से प्रमाण-पत्रों से वंचित वाल्मीकि समुदाय

Mon, 23 Nov 2015 06:39 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर Updated Mon, 23 Nov 2015 06:39 PM IST
विज्ञापन
valmiki community person not get certificate.

50 सालों से अस्थाई जमीन पर गुजर बसर रहे वाल्मीकि समुदाय की जमीन नियमित न होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इतने अर्से के बावजूद भी उनकी जमीन नियमित न होने से प्रशासन उन्हें रेवन्यू रिकार्ड में शामिल नहीं कर रहा है।

विज्ञापन


इसके चलते न तो समुदाय के लोगों का जाति प्रमाण-पत्र और न ही हिमाचली प्रमाण-पत्र बनाए जा रहे है। इसका खामियाजा समुदाय के बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।

सरकारी नौकरियों में परीक्षा पास करने के बाद जब उनसे जाति और प्रमाण-पत्र मांगे जाते हैं, तो उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। इतना ही नहीं समुदाय के लोगों के आशियानों की जमीन स्थाई न होने पर उन्हें बिजली और पानी के रेगुलर कनेक्शन भी नहीं मिल रहे हैं। महज अस्थाई कनेक्शनों के सहारे उन्हें जीवन यापन करना पड़ रहा है।  
विज्ञापन


जमीन को नियमित करने के लिए समुदाय का एक प्रतिनिधिमंडल 20 सूत्रीय कार्यक्रम के अध्यक्ष राम लाल ठाकुर से बिलासपुर में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राम लाल ठाकुर को समस्याएं सुनाते हुए बताया कि लोअर निहाल और डियारा सेक्टर में वाल्मीकि समुदाय के लगभग 45 परिवार अस्थाई जमीन पर रह रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्ष 2013 में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बिलासपुर में उनकी जमीन को नियमित करने की घोषणा की थी। लेकिन, अभी तक फाइल दफ्तरों की धूल फांक रही है। इस मांग को लेकर समुदाय के लोग कई बार जनप्रतिनिधियों के दरबार में फरियाद लगाने और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने के बावजूद उन्हें आज तक आश्वासन ही मिले हैं।

इसके चलते अब समुदाय के जरूरतमंद लोगों में सरकारी तंत्र से जहां विश्वास उठने लगा है, वहीं उनमें आक्रोश की चिंगारी सुलगने लगी है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल आशीष, महेंद्र कुमार, रितेश, दिनेश, विद्या सागर, ओम प्रकाश, मुनीष, सोनू, विपिन, नितिन, कृष्ण पाल, ममता देवी और राजकुमार सहित अन्यों ने बताया कि वह बीते 50 सालों से यहां रह रहे हैं।


लेकिन, अभी तक उनकी जमीन नियमित न होने पर प्रशासन उन्हें राजस्व रिकार्ड में शामिल नहीं कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने चेताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक उनकी जमीन शीघ्र नियमित नहीं हुई, तो समुदाय के लोग सड़कों पर उतरने और भूख हड़ताल करने से भी परहेज नहीं करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed