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Bilaspur News: गुग्गा जाहरवीर की गाथा गाने निकलीं मंडलियां
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बामटा पंचायत क्षेत्र में शनिवार से गुग्गा जाहरवीर की गाथा गाने वाली मंडलियां घर-घर पहुंचना शुरू हो गई हैं। नोग टिक्कर की सरवन एंड पार्टी ने शनिवार को बध्यात गांव में पहुंचकर गुग्गा गाथा का गायन किया। छह-सात सदस्यों की यह टोली नंगे पैर घर-घर जाकर गुग्गा जाहरवीर की गाथा सुना रही है।
मंडली के मुखिया सरवन कुमार ने बताया कि उनकी पार्टी पिछले करीब 25 वर्षों से इस परंपरा को निभा रही है। रक्षाबंधन से लेकर गुग्गा नवमी तक नौ दिनों के दौरान मंडली नंगे पैर आसपास की पांच-छह पंचायतों के गांवों में जाकर गुग्गा जाहरवीर की गाथा सुनाती है। ग्रामीण भी श्रद्धा और आस्था के साथ मंडली का स्वागत करते हुए गाथा सुनते हैं। गुग्गा जाहरवीर के नाम पर ग्रामीण मंडली को वस्त्र, अनाज और धन अर्पित करते हैं। सरवन कुमार ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और मंडली के सदस्य पूरी श्रद्धा के साथ इसका निर्वहन कर रहे हैं। गुग्गा नवमी के दिन सभी मंडलियां एकत्र होकर गुग्गा मंदिर पहुंचेंगी। यहां पूजा-अर्चना और गुग्गा आरती का गायन करने के बाद नौ दिवसीय गुग्गा गाथा गायन का समापन होगा।
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बिलासपुर। बामटा पंचायत क्षेत्र में शनिवार से गुग्गा जाहरवीर की गाथा गाने वाली मंडलियां घर-घर पहुंचना शुरू हो गई हैं। नोग टिक्कर की सरवन एंड पार्टी ने शनिवार को बध्यात गांव में पहुंचकर गुग्गा गाथा का गायन किया। छह-सात सदस्यों की यह टोली नंगे पैर घर-घर जाकर गुग्गा जाहरवीर की गाथा सुना रही है।
मंडली के मुखिया सरवन कुमार ने बताया कि उनकी पार्टी पिछले करीब 25 वर्षों से इस परंपरा को निभा रही है। रक्षाबंधन से लेकर गुग्गा नवमी तक नौ दिनों के दौरान मंडली नंगे पैर आसपास की पांच-छह पंचायतों के गांवों में जाकर गुग्गा जाहरवीर की गाथा सुनाती है। ग्रामीण भी श्रद्धा और आस्था के साथ मंडली का स्वागत करते हुए गाथा सुनते हैं। गुग्गा जाहरवीर के नाम पर ग्रामीण मंडली को वस्त्र, अनाज और धन अर्पित करते हैं। सरवन कुमार ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और मंडली के सदस्य पूरी श्रद्धा के साथ इसका निर्वहन कर रहे हैं। गुग्गा नवमी के दिन सभी मंडलियां एकत्र होकर गुग्गा मंदिर पहुंचेंगी। यहां पूजा-अर्चना और गुग्गा आरती का गायन करने के बाद नौ दिवसीय गुग्गा गाथा गायन का समापन होगा।
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