बिलासपुर। माघी समागम में विभिन्न जत्थों ने शबद-कीर्तन कर मुक्तसर के शहीदों को याद कर संगत को निहाल किया। कथावाचक ज्ञानी देवेंद्र सिंह ने मुक्तसर के शहीदों पर प्रकाश डाला। कमेटी के लोगों ने सेवादारों को सरोपे भेंट किए और गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने भी मत्था टेककर श्री गुरु महाराज का आशीर्वाद लिया।
तराई के प्रसिद्ध नगर के माठखेड़ा रोड स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में गुरुवार की सुबह तीन दिन पूर्व शहीदों की याद में रखे गए अखंड पाठ का भोग डाला गया। स्थानीय जत्थों ने शबद कीर्तन किया। इसके बाद श्री गुरु महाराज की पालकी पंडाल में पहुंची। दीवान हाल में भाई खजान सिंह का हजूरी रागी जत्था, जालंधर पंजाब से आए भाई दिलबाग सिंह के कविशरी जत्थे, पंजाब के ही भाई गुरप्रताप सिंह सुम्मा के ढाडी जत्थे ने शबद कीर्तन कर संगत को घंटों निहाल किया और संगत को शहीदों का इतिहास सुनाया। कथावाचक ज्ञानी देवेंद्र सिंह ने भी कथा के माध्यम से शहीदों का इतिहास सुनाया। दीवान हाल पहुंचे राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने मत्था टेककर गुरु महाराज का आशीर्वाद लिया। कमेटी के तारा सिंह चंदी, बलवीर सिंह चौहान, तीरथ सिंह, कुलदीप सिंह पुरी, अर्जुन सिंह गिल आदि ने राज्यमंत्री और अन्य सेवादारों को सरोपे देकर सम्मानित किया। शाम चार बजे दीवान का अरदास के बाद समापन किया गया। संचालन तीरथ सिंह ने किया। गुरु का अटूट लंगर भी पूरे दिन बरताया गया। व्यवस्था में बलवीर सिंह चौहान, तीरथ सिंह, तारा सिंह चंदी, कुलदीप सिंह पुरी, डॉ. कुलविंद्र सिंह बाजवा, परमजीत कौर भोला, खुशपाल कौर, अर्जुन सिंह गिल, मान सिंह, संदीप सिंह पुरी, बलवीर सिंह आदि मुख्य थे।