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Bilaspur News: बरठीं बाजार में पार्किंग नाम की कोई चीज नहीं
Sat, 30 Nov 2024 11:25 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 30 Nov 2024 11:25 PM IST
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पार्किंग का संकट
करीब 500 वाहन हर समय सड़कों पर खड़े रहते हैं बेतरतीव
बाजार में पूरे दिन बनी रहती है जाम की स्थिति, होती है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता के बरठीं कस्बे में दिनों दिन यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। वाहनों की संख्या भी काफी है, लेकिन वाहनों के खड़े होने के लिए पार्किंग जैसी कोई चीज नहीं है। ऐसे में लोग बाजार की सड़कों पर वाहन आड़े-तिरछे खड़े करते हैं। इससे राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और जाम की स्थिति बनती है वह अलग।
टैक्सी ऑपरेटर और लोग लगातार सरकार से अड्डे और पार्किंग की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन यह मांग पूरी नहीं हो पा रही है। इस कारण बरठीं बाजार में हर दिन बढ़ती वाहनों की संख्या और पार्किंग का अभाव लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया है। बरठीं बाजार की सड़कों पर रोजाना करीब 500 वाहनों खड़े रहते हैं, जिनमें बसें, टैक्सियां, दो पहिया, कार आदि वाहन शामिल हैं। टैक्सी स्टैंड और पार्किंग नहीं होने की वजह से लोगों को हर दिन जाम का सामना करना पड़ता है। बरठीं बाजार में मुख्य चौक से मोदी चौक और सरगल चौक तक सड़क के दोनों और खड़े वाहनों की कतार लगी रहती है। बरठीं और आस-पास की पंचायतों में लगभग 2,000 छोटे-बड़े वाहन हैं। लेकिन दशकों बाद भी अभी तक किसी भी तरह की पार्किंग सुविधा नहीं दी गई है। देव भूमि टैक्सी ऑपरेटर यूनियन बरठीं के उप प्रधान अनूप जमवाल, रमन ठाकुर, सुरेंद्र राणा, विनोद कुमार, रमन ठाकुर ने बताया कि बाजार में निजी वाहन भी खड़े रहते हैं, जिनके लिए भी पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है। टैक्सी सहित निजी वाहनों का जमावड़ा दिन भर सड़क पर लगा रहता है। इस कारण राहगीरों का चलना भी मुश्किल हो जाता है। बरठीं बाजार में लगभग 25 पंचायत के लोगों का आना-जाना लगा रहता है, जिस कारण रोजाना बरठीं की सड़कों पर हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती रहती है। पार्किंग के लिए जगह नहीं रहने के कारण लोगों को सड़क पर ही वाहन खड़े करने पड़ते हैं। इस कारण जाम की स्थिति बन जाती है। प्रशासन को नो पार्किंग के बोर्ड लगाकर पार्किंग के लिए मार्किंग करनी चाहिए। प्रशासन चालान करने के लिए तो आ जाता है, लेकिन पार्किंग व्यवस्था करना भूल गया है। सरकार की बेरुखी और प्रशासन की लापरवाही के कारण पूरा बाजार यातायात अव्यवस्था का शिकार होकर रह गया है।
कोट
लोक निर्माण विभाग, पुलिस विभाग, टैक्सी यूनियन, व्यापारियों और बस ऑपरेटरों के साथ बैठक कर बरठीं बाजार में पार्किंग का स्थायी हल निकाला जाएगा।
योगराज धीमान, एसडीएम झंडूता
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करीब 500 वाहन हर समय सड़कों पर खड़े रहते हैं बेतरतीव
बाजार में पूरे दिन बनी रहती है जाम की स्थिति, होती है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता के बरठीं कस्बे में दिनों दिन यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। वाहनों की संख्या भी काफी है, लेकिन वाहनों के खड़े होने के लिए पार्किंग जैसी कोई चीज नहीं है। ऐसे में लोग बाजार की सड़कों पर वाहन आड़े-तिरछे खड़े करते हैं। इससे राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और जाम की स्थिति बनती है वह अलग।
टैक्सी ऑपरेटर और लोग लगातार सरकार से अड्डे और पार्किंग की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन यह मांग पूरी नहीं हो पा रही है। इस कारण बरठीं बाजार में हर दिन बढ़ती वाहनों की संख्या और पार्किंग का अभाव लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया है। बरठीं बाजार की सड़कों पर रोजाना करीब 500 वाहनों खड़े रहते हैं, जिनमें बसें, टैक्सियां, दो पहिया, कार आदि वाहन शामिल हैं। टैक्सी स्टैंड और पार्किंग नहीं होने की वजह से लोगों को हर दिन जाम का सामना करना पड़ता है। बरठीं बाजार में मुख्य चौक से मोदी चौक और सरगल चौक तक सड़क के दोनों और खड़े वाहनों की कतार लगी रहती है। बरठीं और आस-पास की पंचायतों में लगभग 2,000 छोटे-बड़े वाहन हैं। लेकिन दशकों बाद भी अभी तक किसी भी तरह की पार्किंग सुविधा नहीं दी गई है। देव भूमि टैक्सी ऑपरेटर यूनियन बरठीं के उप प्रधान अनूप जमवाल, रमन ठाकुर, सुरेंद्र राणा, विनोद कुमार, रमन ठाकुर ने बताया कि बाजार में निजी वाहन भी खड़े रहते हैं, जिनके लिए भी पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है। टैक्सी सहित निजी वाहनों का जमावड़ा दिन भर सड़क पर लगा रहता है। इस कारण राहगीरों का चलना भी मुश्किल हो जाता है। बरठीं बाजार में लगभग 25 पंचायत के लोगों का आना-जाना लगा रहता है, जिस कारण रोजाना बरठीं की सड़कों पर हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती रहती है। पार्किंग के लिए जगह नहीं रहने के कारण लोगों को सड़क पर ही वाहन खड़े करने पड़ते हैं। इस कारण जाम की स्थिति बन जाती है। प्रशासन को नो पार्किंग के बोर्ड लगाकर पार्किंग के लिए मार्किंग करनी चाहिए। प्रशासन चालान करने के लिए तो आ जाता है, लेकिन पार्किंग व्यवस्था करना भूल गया है। सरकार की बेरुखी और प्रशासन की लापरवाही के कारण पूरा बाजार यातायात अव्यवस्था का शिकार होकर रह गया है।
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कोट
लोक निर्माण विभाग, पुलिस विभाग, टैक्सी यूनियन, व्यापारियों और बस ऑपरेटरों के साथ बैठक कर बरठीं बाजार में पार्किंग का स्थायी हल निकाला जाएगा।
योगराज धीमान, एसडीएम झंडूता