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Bilaspur News: मक्की की फसल पर मंडरा रहा फॉल आर्मी वर्म का खतरा
Sat, 19 Jul 2025 11:46 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 19 Jul 2025 11:46 PM IST
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कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं ने जारी की किसानों को चेतावनी
किसानों को कीटनाशकों के छिड़काव की दी सलाह
जिला टास्क फोर्स गठित, फील्ड में जाकर दी जा रही जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। मक्की की फसल पर फॉल आर्मी वर्म के हमले की आशंका को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। केंद्र की प्रभारी डॉ. सीमा शाह ने कहा कि यह कीट अगर फैल गया, तो मक्की की पूरी फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि समय रहते कीटनाशकों का छिड़काव करें और खेतों की नियमित निगरानी करें। डॉ. शाह ने बताया कि फॉल आर्मी वर्म के लार्वा मक्की की पत्तियों पर गोल और आयताकार छेद करते हैं और अपशिष्ट छोड़ते हैं। इसके अंडे घूसरा-भूरे रंग के होते हैं और बालों से ढके होते हैं। किसान इन लक्षणों से कीट की पहचान कर सकते हैं। फसल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसमें कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर से डॉ. गौरव, जिला कृषि अधिकारी डॉ. नरेश कुमार, डॉ. रितेश गुप्ता, आत्मा परियोजना निदेशक व कृषि विभाग के विषय विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। यह टीम जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर किसानों को जागरूक कर रही है। डॉ. शाह ने किसानों को सुझाव दिया है कि फसल की बुआई केवल निर्धारित समय पर करें और खेत में नियमित रूप से जाकर कीट के अंडों को पहचान कर नष्ट करें। इससे नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।
इनसेट
ये कीटनाशक करें छिड़काव
मक्की की फसल को फॉल आर्मी वर्म से बचाने के लिए निम्न दवाइयों के छिड़काव की सलाह दी गई है। क्लोरेंट्राप्रोएल 18.5 एससी (कोराजेन): 0.4 मि.ली. प्रति लीटर, स्पिनेटोरम 11.7 एससी (डेलीगेट): 0.5 मि.ली. प्रति लीटर, एमामेक्टिन बेंजोएट 5 एसजी (मिसाइल): 0.4 ग्राम प्रति लीटर। प्रति बीघा 60 लीटर पानी में इन दवाओं का छिड़काव करना प्रभावी रहेगा। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस एडवाइजरी का पालन करें और अपनी फसल को समय रहते सुरक्षित बनाएं।
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किसानों को कीटनाशकों के छिड़काव की दी सलाह
जिला टास्क फोर्स गठित, फील्ड में जाकर दी जा रही जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। मक्की की फसल पर फॉल आर्मी वर्म के हमले की आशंका को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। केंद्र की प्रभारी डॉ. सीमा शाह ने कहा कि यह कीट अगर फैल गया, तो मक्की की पूरी फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि समय रहते कीटनाशकों का छिड़काव करें और खेतों की नियमित निगरानी करें। डॉ. शाह ने बताया कि फॉल आर्मी वर्म के लार्वा मक्की की पत्तियों पर गोल और आयताकार छेद करते हैं और अपशिष्ट छोड़ते हैं। इसके अंडे घूसरा-भूरे रंग के होते हैं और बालों से ढके होते हैं। किसान इन लक्षणों से कीट की पहचान कर सकते हैं। फसल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसमें कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर से डॉ. गौरव, जिला कृषि अधिकारी डॉ. नरेश कुमार, डॉ. रितेश गुप्ता, आत्मा परियोजना निदेशक व कृषि विभाग के विषय विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। यह टीम जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर किसानों को जागरूक कर रही है। डॉ. शाह ने किसानों को सुझाव दिया है कि फसल की बुआई केवल निर्धारित समय पर करें और खेत में नियमित रूप से जाकर कीट के अंडों को पहचान कर नष्ट करें। इससे नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।
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ये कीटनाशक करें छिड़काव
मक्की की फसल को फॉल आर्मी वर्म से बचाने के लिए निम्न दवाइयों के छिड़काव की सलाह दी गई है। क्लोरेंट्राप्रोएल 18.5 एससी (कोराजेन): 0.4 मि.ली. प्रति लीटर, स्पिनेटोरम 11.7 एससी (डेलीगेट): 0.5 मि.ली. प्रति लीटर, एमामेक्टिन बेंजोएट 5 एसजी (मिसाइल): 0.4 ग्राम प्रति लीटर। प्रति बीघा 60 लीटर पानी में इन दवाओं का छिड़काव करना प्रभावी रहेगा। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस एडवाइजरी का पालन करें और अपनी फसल को समय रहते सुरक्षित बनाएं।
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