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Bilaspur News: राम नाटक में कुंभकरण वध का दृश्य मंचित
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राम नाटक के नौवें दिन मेघनाद वध के बाद सुलोचना के कक्ष का दृश्य। संवाद
मंदोदरी ने रावण से किया सीता को वापस लौटाने का निवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के डियारा सेक्टर में राम नाटक के नौवें दिन कुंभकरण और मेघनाद वध के दृश्य मंचित किए गए। प्रथम दृश्य में कुंभकरण का वध दिखाया गया। उसकी भुजा, धड़ और सिर अलग-अलग दिशाओं में जाते हुए देख दर्शक अचंभित हो गए। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों की हौसलाअफजाही की।
दूसरे दृश्य में लक्ष्मण ने मेघनाद का वध और तीसरे दृश्य में उसकी पत्नी सुलोचना की पीड़ा ने पूरे वातावरण को गमगीन कर दिया। चौथे दृश्य में मंदोदरी ने रावण से सीता को लौटाने का आग्रह किया, लेकिन रावण अपने हठ पर अडिग रहा। अंतिम दृश्य में लक्ष्मण ने मेघनाद का सिर सुलोचना को सौंपा, जिससे दर्शक भावुक हो उठे।
संध्या के मुख्य अतिथि चेतना संस्था के सचिव हरीश नड्डा रहे। उन्होंने समिति को 31,000 रुपये दान स्वरूप दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। दर्शकों ने पूरे नाटक की अद्भुत प्रस्तुति की जमकर सराहना की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के डियारा सेक्टर में राम नाटक के नौवें दिन कुंभकरण और मेघनाद वध के दृश्य मंचित किए गए। प्रथम दृश्य में कुंभकरण का वध दिखाया गया। उसकी भुजा, धड़ और सिर अलग-अलग दिशाओं में जाते हुए देख दर्शक अचंभित हो गए। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों की हौसलाअफजाही की।
दूसरे दृश्य में लक्ष्मण ने मेघनाद का वध और तीसरे दृश्य में उसकी पत्नी सुलोचना की पीड़ा ने पूरे वातावरण को गमगीन कर दिया। चौथे दृश्य में मंदोदरी ने रावण से सीता को लौटाने का आग्रह किया, लेकिन रावण अपने हठ पर अडिग रहा। अंतिम दृश्य में लक्ष्मण ने मेघनाद का सिर सुलोचना को सौंपा, जिससे दर्शक भावुक हो उठे।
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संध्या के मुख्य अतिथि चेतना संस्था के सचिव हरीश नड्डा रहे। उन्होंने समिति को 31,000 रुपये दान स्वरूप दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। दर्शकों ने पूरे नाटक की अद्भुत प्रस्तुति की जमकर सराहना की।
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