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Bilaspur News: तीन साल पहले क्षतिग्रस्त हुई सड़क की आज तक नहीं हुई मरम्मत

Thu, 04 Sep 2025 11:49 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 04 Sep 2025 11:49 PM IST
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The road that was damaged three years ago has not been repaired till date
ग्राम पंचायत बड़गांव के री गांव में क्षतिग्रस्त हुई सड़क। संवाद
बाढ़ के दौरान री गांव में 42 परिवारों का टूटा था संपर्क
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खड्ड किनारे लगना है 20 मीटर डंगा, लोगों में रोष

संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकासखंड झंडूता की ग्राम पंचायत बड़गांव के गांव री में तीन साल पहले आई बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़क आज तक नहीं सुधर पाई है। इस कारण ग्रामीणों का गुस्सा सरकार व विभाग के प्रति गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गत वर्ष सरकार व विभाग की उदासीनता को देखते हुए उन्होंने खुद रास्ते की मरम्मत कर वाहन चलने योग्य बनाया था, लेकिन गत दिवस आई बाढ़ के कारण वह सड़क भी पूरी तरह से टूट गई है जिस कारण गांव के 42 परिवारों का बाकी दुनिया से संपर्क पूरी तरह से कट चुका है।
बता दें कि जुलाई 2022 की भारी बारिश और बाढ़ के कारण गांव की सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। करीब तीन साल बीत जाने के बावजूद लोक निर्माण विभाग सड़क की मरम्मत नहीं कर सका। खासकर सीर खड्ड के किनारे 20 मीटर डंगा न लगने की वजह से ग्रामीणों के अपने छोटे वाहन व परिवहन निगम की बस गांव तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण शमशेर सिंह, बिशन सिंह, रणजीत सिंह, ओंकार सिंह, बलवीर सिंह, जंग बहादुर, सुखदेव, बलदेव, अनिल कुमार, विजय कुमार और चंदन सहित अन्य लोगों ने बताया कि सड़क टूटने के एक साल बाद तक विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। मजबूर होकर ग्रामीणों ने खुद सड़क को अस्थायी तौर पर ठीक करने का प्रयास किया, लेकिन डंगे के अभाव में बस सेवा आज भी बाधित है। गांव री के 42 परिवारों के बच्चे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बड़गांव और बरठीं में पढ़ने के लिए जाते हैं। लेकिन अब बस व अन्य छोटी गाड़ियां गांव तक न पहुंचने के कारण उन्हें रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा, नौकरीपेशा लोगों को भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उनका समय और श्रम दोनों बर्बाद हो रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उन्हें कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के चलते उन्हें तीन साल से परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सरकार और विभाग को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सड़क के किनारे डंगा नहीं लगाया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने कहा कि वे धरना-प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे और अगर जरूरत पड़ी तो प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तर के बाहर भी प्रदर्शन किया जाएगा।
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कोट

डंगे का प्राक्कलन तैयार कर सरकार को भेज दिया गया है। अब इसकी स्वीकृति सरकार पर निर्भर है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी इस डंगे का काम शुरू कर दिया जाएगा। वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था के लिए उन्होंने सहायक अभियंता को मौका पर भेज दिया है। -राकेश शर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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