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अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना विधिक साक्षरता का उद्देश्य : ज्योत्सना

Sun, 04 Jan 2026 11:55 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 04 Jan 2026 11:55 PM IST
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The aim of legal literacy is to ensure access to justice to the last person: Jyotsna
घुमारवीं में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में मौजूद लोग। स्रोत: आयोजक
घुमारवीं में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से लगाया गया शिविर
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कानूनी सहायता, लोक अदालत, महिला एवं बाल संरक्षण कानून के बारे में किया जागरूक

संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के सहयोग से रविवार को उपमंडलीय न्यायालय परिसर घुमारवीं में विशाल विधिक साक्षरता शिविर गया। शिविर का उद्देश्य आमजन को उनके कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक करना रहा।
शिविर की मुख्यातिथि जिला एवं सत्र न्यायाधीश और अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर ज्योत्सना सुमंत डढवाल रहीं। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश घुमारवीं डॉ. मोहित बंसल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यातिथि ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि विधिक साक्षरता शिविरों का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने निशुल्क कानूनी सहायता, लोक अदालत, महिला एवं बाल संरक्षण कानून, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और आपदा पीड़ितों के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जानकारी को समय की आवश्यकता बताया और लोगों से विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं का अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
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बार एसोसिएशन घुमारवीं के प्रधान अधिवक्ता एलआर नड्डा ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। उन्होंने प्लास्टिक के प्रयोग को कम करने, जल स्रोतों के संरक्षण और पौधरोपण को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। अधिवक्ता निधि रतन ने महिला सशक्तीकरण पर प्रकाश डालते हुए घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज निषेध कानून और कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान ने आपदा पीड़ित पुनर्वास विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। उन्होंने आपदा के समय प्रशासन की ओर से दी जाने वाली राहत, पुनर्वास योजनाओं और मुआवजा प्रक्रिया के बारे में बताया। अधिवक्ता पवन कुमार शर्मा ने नशा मुक्त समाज के निर्माण पर जोर देते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। वहीं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव रंजीत सिंह ठाकुर ने प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। शिविर में निशुल्क कानूनी सलाह, पत्रक वितरण और विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों के माध्यम से जागरूकता सामग्री उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम के अंत में उपमंडल विधिक सेवा प्राधिकरण घुमारवीं की कार्यवाहक अध्यक्ष स्वाति बरवाल ने आभार जताया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

घुमारवीं में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में मौजूद लोग। स्रोत: आयोजक

घुमारवीं में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में मौजूद लोग। स्रोत: आयोजक

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