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Bilaspur News: जिले में 267 बच्चों में पाए गए निमोनिया के लक्षण
Wed, 04 Dec 2024 11:01 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 04 Dec 2024 11:01 PM IST
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-स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान के तहत बच्चों को दिया ओआरएस और जिंक
-बच्चों को दवा देने घर-घर पहुंचीं 550 आशा वर्कर, जांचा स्वास्थ्य
-दो सप्ताह में जिले के 26 हजार बच्चों को किया गया आच्छादित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में चलाए गए विशेष अभियान को पूरा कर लिया है। दो सप्ताह तक चले इस अभियान में बच्चों में निमोनिया, दस्त के लक्षणों की जांच की गई। साथ ही उन्हें उपचार उपलब्ध कराया गया। जिले में 267 बच्चों में निमोनिया के लक्षण पाए गए।
इस अभियान के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से 550 आशा वर्करों को तैनात किया गया था। इन आशा वर्करों ने घर-घर जाकर 26,627 बच्चों को ओआरएस व जिंक की गोलियां दीं। आशा वर्करों ने 21,698 घरों में संपर्क किया। इस अभियान के तहत बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इसमें 55 बच्चों में दस्त की समस्या पाई गई जिन्हें मौके पर दवा उपलब्ध कराई गई। 267 बच्चों में निमोनिया के लक्षण पाए गए। निमोनिया के लक्षण सामने आने पर बच्चों को एक डोज दवा देने के बाद तुरंत अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
बता दें कि विभाग ने लक्ष्य को पूरा कर लिया लिया है। अभियान के तहत आशा वर्कर ने पांच साल तक के बच्चों वाले घरों में पहुंचकर दो ओआरएस के पैकेट और 14 जिंक की गोलियां बांटी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिंक बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है और दस्त से बचाव करता है। यह अभियान 18 नवंबर से शुरू हुआ था जो 2 दिसंबर को पूरा हुआ। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान की रिपोर्ट सरकार को प्रेषित कर दी गई है।
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कोट
जिले में अभियान पूरा हो चुका है। 26,627 बच्चों को ओआरएस व जिंक की गोलियां बांटी गई हैं। अभियान में आशा वर्करों की अहम भूमिका रही। उन्हें बीमारियों की पहचान और दवाओं के वितरण का जिम्मा दिया गया था। उन्होंने घर-घर जाकर परिवारों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। निर्धारित समय में लक्ष्य को पूरा किया गया है।
डॉक्टर परविंद्र, एमओएच बिलासपुर
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-बच्चों को दवा देने घर-घर पहुंचीं 550 आशा वर्कर, जांचा स्वास्थ्य
-दो सप्ताह में जिले के 26 हजार बच्चों को किया गया आच्छादित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में चलाए गए विशेष अभियान को पूरा कर लिया है। दो सप्ताह तक चले इस अभियान में बच्चों में निमोनिया, दस्त के लक्षणों की जांच की गई। साथ ही उन्हें उपचार उपलब्ध कराया गया। जिले में 267 बच्चों में निमोनिया के लक्षण पाए गए।
इस अभियान के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से 550 आशा वर्करों को तैनात किया गया था। इन आशा वर्करों ने घर-घर जाकर 26,627 बच्चों को ओआरएस व जिंक की गोलियां दीं। आशा वर्करों ने 21,698 घरों में संपर्क किया। इस अभियान के तहत बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इसमें 55 बच्चों में दस्त की समस्या पाई गई जिन्हें मौके पर दवा उपलब्ध कराई गई। 267 बच्चों में निमोनिया के लक्षण पाए गए। निमोनिया के लक्षण सामने आने पर बच्चों को एक डोज दवा देने के बाद तुरंत अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
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बता दें कि विभाग ने लक्ष्य को पूरा कर लिया लिया है। अभियान के तहत आशा वर्कर ने पांच साल तक के बच्चों वाले घरों में पहुंचकर दो ओआरएस के पैकेट और 14 जिंक की गोलियां बांटी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिंक बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है और दस्त से बचाव करता है। यह अभियान 18 नवंबर से शुरू हुआ था जो 2 दिसंबर को पूरा हुआ। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान की रिपोर्ट सरकार को प्रेषित कर दी गई है।
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जिले में अभियान पूरा हो चुका है। 26,627 बच्चों को ओआरएस व जिंक की गोलियां बांटी गई हैं। अभियान में आशा वर्करों की अहम भूमिका रही। उन्हें बीमारियों की पहचान और दवाओं के वितरण का जिम्मा दिया गया था। उन्होंने घर-घर जाकर परिवारों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। निर्धारित समय में लक्ष्य को पूरा किया गया है।
डॉक्टर परविंद्र, एमओएच बिलासपुर