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सूर्यग्रहण के दौरान बिलासपुर बाजार में रहा सन्नाटा
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बिलासपुर मे ग्रहण के दौरान एक्स रे फिल्म से सूर्य को देखती महिलाएं।
- फोटो : BILASPUR
बिलासपुर। रविवार को हुई दुर्लभ खगोलीय घटना का बिलासपुर में भी असर दिखाई दिया। अधिकतम सूर्य ग्रहण का प्रभाव 12 बजकर 10 मिनट पर देखा गया। इस दौरान सूर्य के प्रकाश में कमी आ गई। लोगों ने सूर्य का चूड़ा मणि के आकार में दर्शन किया। इस खगोलीय घटना के बारे में स्कूली बच्चों व लोगों में खासा उत्साह देखा गया।
आषाढ़ मास के अमावस्या की तिथि पर पड़ने वाले इस सूर्य ग्रहण के दिन में काफी उत्साह था। बच्चों और लोगों ने सोलर फिल्टर के माध्यम से सूर्य ग्रहण देखा। इस दौरान सोलर फिल्टर के रूप में जहां एक्स-रे सीट का प्रयोग किया तो वहीं, दूसरी तरफ पानी में भी सूर्य का दर्शन किया। शनिवार को शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रमुखों के माध्यम से बच्चों को बेबिनार के माध्यम से इस खगोलीय घटना के विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया गया। बिलासपुर में सूर्यग्रहण के दौरान बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। अधिकतर लोग ग्रहण के दौरान सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक घरों के अंदर रहे।
जिला में 12 बजकर 10 मिनट पर पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखा। सूर्यग्रहण के दौरान यह पहली बार हुआ कि लोगों ने ग्रहण के बाद घरों में ही स्नान कर पूजा पाठ किया। जबकि लोग ग्रहण के बाद ऋषि मारकंडेय मंदिर में स्नान कर पूजा करते थे। लोग आस्था की नजर से ग्रहण को खासी अहमियत देते हैं। लेकिन इस बार कोरेाना वायरस के चलते मारकंडेय मंदिर बंद है। जिसके कारण लोगों ने घर पर ही पूजा पाठ किया। सूर्य ग्रहण की घटना के बाद विद्यार्थियों को अपने अनुभव साझा किया।
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आषाढ़ मास के अमावस्या की तिथि पर पड़ने वाले इस सूर्य ग्रहण के दिन में काफी उत्साह था। बच्चों और लोगों ने सोलर फिल्टर के माध्यम से सूर्य ग्रहण देखा। इस दौरान सोलर फिल्टर के रूप में जहां एक्स-रे सीट का प्रयोग किया तो वहीं, दूसरी तरफ पानी में भी सूर्य का दर्शन किया। शनिवार को शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रमुखों के माध्यम से बच्चों को बेबिनार के माध्यम से इस खगोलीय घटना के विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया गया। बिलासपुर में सूर्यग्रहण के दौरान बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। अधिकतर लोग ग्रहण के दौरान सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक घरों के अंदर रहे।
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जिला में 12 बजकर 10 मिनट पर पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखा। सूर्यग्रहण के दौरान यह पहली बार हुआ कि लोगों ने ग्रहण के बाद घरों में ही स्नान कर पूजा पाठ किया। जबकि लोग ग्रहण के बाद ऋषि मारकंडेय मंदिर में स्नान कर पूजा करते थे। लोग आस्था की नजर से ग्रहण को खासी अहमियत देते हैं। लेकिन इस बार कोरेाना वायरस के चलते मारकंडेय मंदिर बंद है। जिसके कारण लोगों ने घर पर ही पूजा पाठ किया। सूर्य ग्रहण की घटना के बाद विद्यार्थियों को अपने अनुभव साझा किया।
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