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सफाई कर्मचारी समाज का अहम स्तंभ, सुविधाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : धीमान
Fri, 17 Apr 2026 11:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 17 Apr 2026 11:03 PM IST
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नगर परिषद कार्यालय, बिलासपुर में सफाई कर्मचारियों के उत्थान एवं कल्याण से संबंधित विभिन्न विषयो
समीक्षा बैठक में सुरक्षा उपकरण, वेतन और आवास योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
-स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने और आधुनिक उपकरण अपनाने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग, जो प्रदेश सफाई कर्मचारी आयोग के रूप में भी कार्य कर रहा है, ने शुक्रवार को नगर परिषद कार्यालय बिलासपुर में सफाई कर्मचारियों के कल्याण एवं उत्थान को लेकर समीक्षा बैठक की। आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न विभागों और संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में नगर निकायों, एम्स बिलासपुर, जवाहर नवोदय विद्यालय, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के अंतर्गत कार्यरत सफाई कर्मचारियों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले में नगर निकायों में 129, एम्स बिलासपुर में 288, सीएमओ के अधीन 88, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में 6 और जवाहर नवोदय विद्यालय में 7 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। अध्यक्ष धीमान ने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज का एक महत्वपूर्ण वर्ग हैं, जो शहरों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों जैसे सेफ्टी उपकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच, वर्दी, वेतन और कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जैसी सुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारियों के हित सुरक्षित रह सकें। साथ ही उन्होंने महर्षि वाल्मिकी कामगार आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत सफाई कर्मचारियों को आवास निर्माण के लिए तीन लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने इस योजना के प्रति अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने पर जोर दिया, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर इसका लाभ मिल सके। धीमान ने सफाई कर्मचारियों से भी अपील की कि यदि उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है तो वे सीधे आयोग को अवगत कराएं, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सफाई कार्यों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके। बैठक के दौरान नगर परिषद बिलासपुर के सफाई कर्मचारियों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की गई। इस अवसर पर एसडीएम डॉ. राजदीप सिंह, सदस्य सचिव विनय मोदी, सीएमओ डॉ. शशि दत्त शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल, एम्स प्रतिनिधि डॉ. दिनेश, नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी वर्षा चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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-स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने और आधुनिक उपकरण अपनाने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग, जो प्रदेश सफाई कर्मचारी आयोग के रूप में भी कार्य कर रहा है, ने शुक्रवार को नगर परिषद कार्यालय बिलासपुर में सफाई कर्मचारियों के कल्याण एवं उत्थान को लेकर समीक्षा बैठक की। आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न विभागों और संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में नगर निकायों, एम्स बिलासपुर, जवाहर नवोदय विद्यालय, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के अंतर्गत कार्यरत सफाई कर्मचारियों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले में नगर निकायों में 129, एम्स बिलासपुर में 288, सीएमओ के अधीन 88, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में 6 और जवाहर नवोदय विद्यालय में 7 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। अध्यक्ष धीमान ने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज का एक महत्वपूर्ण वर्ग हैं, जो शहरों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों जैसे सेफ्टी उपकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच, वर्दी, वेतन और कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जैसी सुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारियों के हित सुरक्षित रह सकें। साथ ही उन्होंने महर्षि वाल्मिकी कामगार आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत सफाई कर्मचारियों को आवास निर्माण के लिए तीन लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने इस योजना के प्रति अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने पर जोर दिया, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर इसका लाभ मिल सके। धीमान ने सफाई कर्मचारियों से भी अपील की कि यदि उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है तो वे सीधे आयोग को अवगत कराएं, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सफाई कार्यों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके। बैठक के दौरान नगर परिषद बिलासपुर के सफाई कर्मचारियों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की गई। इस अवसर पर एसडीएम डॉ. राजदीप सिंह, सदस्य सचिव विनय मोदी, सीएमओ डॉ. शशि दत्त शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल, एम्स प्रतिनिधि डॉ. दिनेश, नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी वर्षा चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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