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एनएचएआई ने दो गांव का रिकॉर्ड एक गांव में कर दिया शुमार

Wed, 18 Dec 2019 11:21 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Dec 2019 11:21 PM IST
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बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के दौरान एनएचएआई ने बड़ा कारनामा कर दिया है। एनएचएआई ने दो गांवों से गुजरने वाली सड़क को एक गांव में ही शुमार कर दिया है जिस कारण एक गांव में जमीन अधिक दिख रही है। जबकि दूसरे गांव में सड़क रिकॉर्ड में नहीं है। पूरे मामले का खुलासा आरटीआई और नकल शाखा से दी गई नकलों से हुआ है।
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फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के उपाध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा और महासचिव एवं पूर्व सैनिक मदन लाल शर्मा ने बताया कि एनएचएआई की लापरवाही से दो गांव का रिकॉर्ड एक गांव में ही दिखा दिया गया है। इस प्रकार के मामले अन्य क्षेत्रों में भी हो सकते हैं क्योंकि सरकारी रिकॉर्ड से मिली जानकारी के अनुसार बकरोआ, बागठेहड़ू और पलथी में रिकॉर्ड से साथ छेड़छाड़ की गई है। रिकॉर्ड में सामने आया है कि दो गांव का पूरा रिकॉर्ड एक गांव में ही बता दिया गया है जिससे एक गांव से सड़क का पूरा रिकॉर्ड ही गायब है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब दो गांवों का रिकॉर्ड एक गांव में बता दिया गया है तो फिर दूसरे गांव से सड़क का निर्माण किस आधार पर किया गया।
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वहीं कम हुई जमीन को कहां से पूरा किया जाएगा? वहीं एक गांव में बढ़ गई जमीन का क्या किया जाएगा? उल्लेखनीय है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण में तहसील घुमारवीं को दो गांव मौजा बागठेहड़ू तथा मौजा बकरोआ की भूमि का अधिग्रहण किया गया जिसमें दो गांवों में पड़ने वाली सड़क का भी अधिग्रहण हुआ लेकिन जब उक्त गांवों की फील्ड बुक तैयार की गई तब उक्त इकाई ने मौजा बागठेहड़ू की सड़क खसरा नंबर 123 की भूमि को मौजा बकरोंआ के नंबर खसरा 268,94,11में ही दर्ज कर दिया जोकि नियमों और कानूनों की अवहेलना है।
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इसकी पुष्टि फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति की ओर से आरटीआई पत्र संख्या एलएओ वीभूअई राउमा/2162 तथा नकल शाखा से प्राप्त नकलों का अवलोकन करने से हुई जो नकलें फारसी भाषा में अंकित थी उनका हिंदी में अनुवाद करने के बाद इस विषय का खुलासा हुआ। समिति को अंदेशा यह है कि उक्त इकाई की लापरवाही से न जाने कहां-कहां क्या किया गया जिसका खुलासा निष्पक्ष जांच से किया जा सकेगा। समिति ने पूरे मामले में उपायुक्त से हस्तक्षेप कर छानबीन की मांग की है।
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