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Bilaspur News: फोरलेन किनारे निर्माण पर किया सवाल

Mon, 25 May 2026 11:02 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 25 May 2026 11:02 PM IST
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Question raised on construction along the four lane
समिति ने सड़क किनारे बने भवनों के डिस्टेंस प्रमाण पत्र मांगे
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भगेड़ से औहर तक बने होटल, दुकान, पार्किंग की निशानदेही की मांग
विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने तहसीलदार घुमारवीं, झंडूता, सदर को भेजा स्मरण पत्र
एक्वायर्ड व कंट्रोल विड्थ में निर्माण होने का जताया अंदेशा

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना के अंतर्गत भगेड़ फ्लाईओवर से औहर तक सड़क किनारे बने भवनों को लेकर विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने डिस्टेंस प्रमाण पत्र मांगे। समिति ने आरोप लगाया है कि फोरलेन के दोनों ओर मकान, दुकान, होटल, रेहड़ी-फड़ी, फूड वैन, शौचालय, पार्किंग, पक्के फर्श, होर्डिंग्स और अन्य बहुमंजिला संरचनाएं फोरलेन के बेहद करीब बनाई जा रही हैं। इनमें से कई सड़क की एक्वायर्ड और कंट्रोल विड्थ के भीतर हो सकती हैं।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने तहसीलदार घुमारवीं, झंडूता और सदर को स्मरण पत्र भेजकर निशानदेही कर डिस्टेंस प्रमाण पत्र देने की मांग की। इस मामले में तहसीलदार घुमारवीं ने संबंधित पटवार सर्कलों अमरपुर, बकरोआ, रोहित और मल्यावर को कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
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समिति का कहना है कि तहसील झंडूता के धराड़सानी, छत, मेहराइयां, बैहलग, कोठी, बैहना जट्टां और कल्लर क्षेत्रों में कुछ बहुमंजिला होटलों और अन्य निर्माणों के हिस्से फोरलेन की एक्वायर्ड विड्थ में हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर पार्किंग, बड़े होर्डिंग्स और विद्युत रोशनी की व्यवस्थाएं भी सड़क सीमा के भीतर स्थापित की गई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है।
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समिति ने बताया कि भगेड़ फ्लाईओवर क्षेत्र में एक ओर सर्विस रोड सही बनी है, जबकि दूसरी ओर पुराने लिंक रोड को ही सर्विस रोड के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह हिस्सा स्लाइडिंग जोन में आता है और यहां बड़े-बड़े गड्ढों के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

समिति ने मांग की है कि यह जांच की जाए कि निर्माणाधीन संरचनाएं सरकारी भूमि में हैं या निजी भूमि में। इसके अलावा समिति ने एनएचएआई द्वारा मौके पर नाले की दिशा और दशा बदलकर बनाए गए पुल की भी जांच की मांग उठाई है। समिति का आरोप है कि यह पुल उपयोगिता से अधिक शोपीस बनकर रह गया है।
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