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शहरवासियों के कल्याण के लिए त्रैमासिक हो बैठक : रामकृष्ण
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-बोले-सुचारू रूप नहीं होता समस्याओं का निराकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय गैर शिक्षक संगठन के पूर्व प्रधान रामकृष्ण शर्मा ने प्रशासन से शहरवासियों के कल्याण, सुधार के लिए त्रैमासिक बैठक के आयोजन की व्यवस्था करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि सुचारू रूप से समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है।
प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि नगर परिषद बिलासपुर में 20 से 25 कर्मचारी कार्यरत रहते हैं। शहर को 11 वार्डों में विभाजित किया गया है, ताकि इनकी की देखभाल सुचारू रूप से होती रहे। हर वार्ड से एक सदस्य निर्वाचित होता है जिनका कर्तव्य वार्ड के लोगों की समस्याओं को सुनना व उनका निराकरण करना है, लेकिन ऐसा होता नहीं है। नालियों में गंदा पानी, गली सड़ी वस्तुओं की भरमार से इन नालियों का अस्तित्व ही समाप्त होता चला जा रहा है। वहीं इनसे जल जनित रोगों का फैलना स्वाभाविक ही है। उन्होंने कहा कि घर-घर से गीला-सूखा कूड़ा उठाने वालों का कोई दिन अथवा समय निर्धारित नहीं होता है। इससे शहरवासी, दुकानदार व कर्मचारी आदि असमंजस में रहते हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से आग्रह किया कि इस प्रकार की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया जाना चाहिए, जिसमें सामूहिक निर्णय लेकर जनहित के लिए कार्य किया जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय गैर शिक्षक संगठन के पूर्व प्रधान रामकृष्ण शर्मा ने प्रशासन से शहरवासियों के कल्याण, सुधार के लिए त्रैमासिक बैठक के आयोजन की व्यवस्था करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि सुचारू रूप से समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है।
प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि नगर परिषद बिलासपुर में 20 से 25 कर्मचारी कार्यरत रहते हैं। शहर को 11 वार्डों में विभाजित किया गया है, ताकि इनकी की देखभाल सुचारू रूप से होती रहे। हर वार्ड से एक सदस्य निर्वाचित होता है जिनका कर्तव्य वार्ड के लोगों की समस्याओं को सुनना व उनका निराकरण करना है, लेकिन ऐसा होता नहीं है। नालियों में गंदा पानी, गली सड़ी वस्तुओं की भरमार से इन नालियों का अस्तित्व ही समाप्त होता चला जा रहा है। वहीं इनसे जल जनित रोगों का फैलना स्वाभाविक ही है। उन्होंने कहा कि घर-घर से गीला-सूखा कूड़ा उठाने वालों का कोई दिन अथवा समय निर्धारित नहीं होता है। इससे शहरवासी, दुकानदार व कर्मचारी आदि असमंजस में रहते हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से आग्रह किया कि इस प्रकार की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया जाना चाहिए, जिसमें सामूहिक निर्णय लेकर जनहित के लिए कार्य किया जाए।
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