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नशे के दलदल में युवाओं को धकेलना दुश्मन देश की सुनियोजित साजिश : विशाल
Sat, 28 Feb 2026 11:00 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 28 Feb 2026 11:00 PM IST
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घुमारवीं कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते डीएसपी घुमारवीं
पुलिस की पाठशाला
इंजेक्शन से नशा लेने से होती है हेपेटाइटिस और एचआईवी जैसी घातक बीमारियां
कहा, पुलिस का लक्ष्य युवाओं को नशे के दलदल से बाहर लाना
घुमारवीं कॉलेज में हुआ पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। स्वामी विवेकानंद राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय घुमारवीं में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम हुआ, जिसमें एसपी घुमारवीं विशाल वर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे और प्राचार्य प्रो. प्रीतम लाल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए डीएसपी विशाल वर्मा ने कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान यह भलीभांति जानता है कि वह भारत को सीधे युद्ध में पराजित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि हिमाचल और पंजाब जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होकर देश सेवा करते हैं। ऐसे में इन प्रदेशों के युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने की सुनियोजित साजिश रची जा रही है, ताकि देश को भीतर से कमजोर किया जा सके। बताया कि चिट्टा (सिंथेटिक ड्रग) प्रदेश में तैयार नहीं होता, बल्कि बाहरी क्षेत्रों से तस्करी के जरिए यहां पहुंचाया जाता है। यह नशा शरीर और दिमाग दोनों को खोखला कर देता है। निर्णय क्षमता, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन पर इसका गहरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर सिर्फ एक बार से होती है, लेकिन यही प्रयोग धीरे-धीरे जानलेवा लत में बदल जाता है। नशे के स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए डीएसपी ने कहा कि इंजेक्शन के माध्यम से नशा लेने वाले युवाओं में एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी घातक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। एक ही सुई का साझा उपयोग न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। उन्होंने जानकारी दी कि नशे के मामले में एनडीपीएस के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है। सरकार ने नशा तस्करों की सूचना देने वालों का नाम पूरी तरह गोपनीय रखने की व्यवस्था की है। साथ ही सूचना देने पर 10 हजार से 5 लाख रुपये तक का इनाम भी घोषित किया गया है। डीएसपी ने कहा कि पुलिस का लक्ष्य केवल गिरफ्तारी करना नहीं, बल्कि नशे के शिकार युवाओं को सुधार की राह पर वापस लाना भी है। असली लड़ाई उन तस्करों से है जो युवाओं का भविष्य बेच रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने यातायात नियमों और साइबर क्राइम के बारे में भी बच्चों को जागरूक किया। कार्यक्रम में पत्रकारिता विभाग का विशेष सहयोग रहा। मंच संचालन प्रोफेसर डॉ. रीता ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में डॉ. पीसी गौतम, प्रो. शक्ति, डॉ. पुष्पेंद्र सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इनसेट
छात्र प्रकल्प गौतम ने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि एक-दो बार नशा करने से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन कार्यक्रम के बाद उन्हें समझ आया कि यही शुरुआत लत में बदल जाती है। उन्होंने कहा कि अब वह अपने दोस्तों को भी इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे।
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इनसेट
शैलजा ने कहा कि इंजेक्शन के साझा इस्तेमाल से एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा जानकर वह हैरान रह गईं। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत गलती नहीं, पूरे परिवार की पीड़ा का कारण बनती है।
इनसेट
धीरज ने कहा कि सीमा पार से युवाओं को नशे में धकेलने की बात ने उन्हें झकझोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अब सिर्फ कॅरिअर ही नहीं, राष्ट्र की जिम्मेदारी भी समझनी होगी। सभी को इस लड़ाई में आगे आना पड़ेगा।
इनसेट
वैशाली ने कहा कि उन्हें अच्छा लगा कि पुलिस नशे के शिकार युवाओं को सुधार का मौका देने की बात कर रही है। इससे युवाओं में विश्वास बढ़ता है और वे मदद लेने के लिए आगे आ सकते हैं। सभी को पुलिस का सहयोग करना चाहिए।
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इंजेक्शन से नशा लेने से होती है हेपेटाइटिस और एचआईवी जैसी घातक बीमारियां
कहा, पुलिस का लक्ष्य युवाओं को नशे के दलदल से बाहर लाना
घुमारवीं कॉलेज में हुआ पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। स्वामी विवेकानंद राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय घुमारवीं में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम हुआ, जिसमें एसपी घुमारवीं विशाल वर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे और प्राचार्य प्रो. प्रीतम लाल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए डीएसपी विशाल वर्मा ने कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान यह भलीभांति जानता है कि वह भारत को सीधे युद्ध में पराजित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि हिमाचल और पंजाब जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होकर देश सेवा करते हैं। ऐसे में इन प्रदेशों के युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने की सुनियोजित साजिश रची जा रही है, ताकि देश को भीतर से कमजोर किया जा सके। बताया कि चिट्टा (सिंथेटिक ड्रग) प्रदेश में तैयार नहीं होता, बल्कि बाहरी क्षेत्रों से तस्करी के जरिए यहां पहुंचाया जाता है। यह नशा शरीर और दिमाग दोनों को खोखला कर देता है। निर्णय क्षमता, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन पर इसका गहरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर सिर्फ एक बार से होती है, लेकिन यही प्रयोग धीरे-धीरे जानलेवा लत में बदल जाता है। नशे के स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए डीएसपी ने कहा कि इंजेक्शन के माध्यम से नशा लेने वाले युवाओं में एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी घातक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। एक ही सुई का साझा उपयोग न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। उन्होंने जानकारी दी कि नशे के मामले में एनडीपीएस के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है। सरकार ने नशा तस्करों की सूचना देने वालों का नाम पूरी तरह गोपनीय रखने की व्यवस्था की है। साथ ही सूचना देने पर 10 हजार से 5 लाख रुपये तक का इनाम भी घोषित किया गया है। डीएसपी ने कहा कि पुलिस का लक्ष्य केवल गिरफ्तारी करना नहीं, बल्कि नशे के शिकार युवाओं को सुधार की राह पर वापस लाना भी है। असली लड़ाई उन तस्करों से है जो युवाओं का भविष्य बेच रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने यातायात नियमों और साइबर क्राइम के बारे में भी बच्चों को जागरूक किया। कार्यक्रम में पत्रकारिता विभाग का विशेष सहयोग रहा। मंच संचालन प्रोफेसर डॉ. रीता ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में डॉ. पीसी गौतम, प्रो. शक्ति, डॉ. पुष्पेंद्र सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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छात्र प्रकल्प गौतम ने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि एक-दो बार नशा करने से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन कार्यक्रम के बाद उन्हें समझ आया कि यही शुरुआत लत में बदल जाती है। उन्होंने कहा कि अब वह अपने दोस्तों को भी इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे।
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शैलजा ने कहा कि इंजेक्शन के साझा इस्तेमाल से एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा जानकर वह हैरान रह गईं। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत गलती नहीं, पूरे परिवार की पीड़ा का कारण बनती है।
इनसेट
धीरज ने कहा कि सीमा पार से युवाओं को नशे में धकेलने की बात ने उन्हें झकझोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अब सिर्फ कॅरिअर ही नहीं, राष्ट्र की जिम्मेदारी भी समझनी होगी। सभी को इस लड़ाई में आगे आना पड़ेगा।
इनसेट
वैशाली ने कहा कि उन्हें अच्छा लगा कि पुलिस नशे के शिकार युवाओं को सुधार का मौका देने की बात कर रही है। इससे युवाओं में विश्वास बढ़ता है और वे मदद लेने के लिए आगे आ सकते हैं। सभी को पुलिस का सहयोग करना चाहिए।

घुमारवीं कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते डीएसपी घुमारवीं

घुमारवीं कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते डीएसपी घुमारवीं

घुमारवीं कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते डीएसपी घुमारवीं

घुमारवीं कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते डीएसपी घुमारवीं

घुमारवीं कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते डीएसपी घुमारवीं