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सड़कों पर उतरे मजदूर, जमकर की नारेबाजी

Tue, 10 May 2016 11:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर Updated Tue, 10 May 2016 11:51 PM IST
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protest against finaince seceratry
मांगों को लेकर वित्त सचिव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मजदूर। - फोटो : अमर उजाला

ऑल हिमाचल पीडब्ल्यूडी-आईपीएच एंड कंट्रैच्युल वर्कर्स यूनियन (इंटक) ने मंगलवार को मजदूरों की मांगों लेकर सड़कों पर उतर विरोध प्रदर्शन किया।

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यूनियन ने इंटक अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर की अध्यक्षता रैली निकालकर वित्त सचिव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही उपायुक्त बिलासपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को मांगपत्र भी प्रेषित किया।
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मंगलवार सुबह श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में सैकड़ों मजदूरों ने उपायुक्त कार्यालय तक विरोध रैली निकाली। हाथों में झंडे लिए श्रमिकों ने वित्त सचिव के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे निकालकर अपना गुस्सा निकाला। इंटक अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर, मुख्य संगठन सचिव रतन लाल शर्मा, राज्य महासचिव जगतार सिंह बैंस और राज्य सचिव प्रेम लाल भाटिया ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यूनियन पिछले तीन वर्षों से लगातार सचिव आईपीएच विभाग और लोक निर्माण विभाग को मांग पत्र भेज रही है। साथ ही मुख्यमंत्री को भी पत्र की प्रति भेजी गई।
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उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने भी पांच नवंबर, 2016 को संबंधित सचिव को यूनियन के साथ जल्द बैठक करने के लिए लिखा था, लेकिन सचिव जानबूझ कर इंटक को बैठक के लिए नहीं बुला रहे हैं। इसे लेकर यूनियन 15 मई से धर्मशाला सचिवालय के प्रांगण में भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर हो गई है। इस बारे में यूनियन ने 26 अप्रैल को संबंधित प्रधान और सचिवों को नोटिस भेज दिया गया है।


ये हैं प्रमुख मांगें
पंचायत के माध्यम से आईपीएच विभाग में अंशकालीन आधार पर 31 मार्च को 8 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर चुके वाटर गार्डों को दैनिक भोगी बनाया जाए। 15-5-2003 से पहले नियमित हुए कर्मचारियों को जीपीएफ और 1972 सीसीएस (पेंशन) नियमों के तहत पेंशन सुविधा यथावथ रखी जाए जबकि वित्त विभाग हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 13-1-2016 को जारी निर्देशों को तुरंत रद्द किया जाए।

आईपीएच विभाग के हर अनुभाग में फोरमैन के पद सृजित किए जाएं, ताकि पंप ऑपरेटर, फिटर, मैकेनिकों को पदोन्नति मिल सके। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार राकेश कुमार बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार सीडब्ल्यूडी संख्या 2735 और 2010 के तहत 8 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर चुके क्लास-3 श्रेणी के कर्मचारियों को नियमित किया जाए। वित्त विभाग हिमाचल प्रदेश के पत्र संख्या फिन (पीआर) बी (7)1-98-4 दिनांक 9-1-2007 द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार पीडब्ल्यूडी और आईपीएच विभाग के सभी वृत्त के अधीनस्थ कार्यरत कुशल और अर्धकुशल क्लास-3 श्रेणी के कनिष्ठ तकनीशियनों को 7 वर्ष की रेगलुर सेवा पूर्ण करने के उपरांत तकनीशियन ग्रेड-2 बनाकर उन्हें 2800 रूपये का ग्रेड-पे और उसके बाद तकनीशियन ग्रेड-2 को 5 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने के बाद तकनीशियन ग्रेड-1 बनाकर उन्हें 3200 रुपये का ग्रेड-पे दिया जाए।

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