{"_id":"615b47838ebc3e626b596596","slug":"preparation-for-navrataras-in-naina-devi-bilaspur-news-sml3861536161","type":"story","status":"publish","title_hn":"नयनादेवी मंदिर में 19 माह बाद श्रद्धालु हवन कुंड में डाल सकेंगे प्रसाद की आहुतियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नयनादेवी मंदिर में 19 माह बाद श्रद्धालु हवन कुंड में डाल सकेंगे प्रसाद की आहुतियां
विज्ञापन
श्री नयनादेवी मंदिर के सजावट कार्य में जुटी हरियाणा के करनाल की समाजसेवी संस्था।
- फोटो : BILASPUR
श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। विख्यात तीर्थ स्थल श्री नयनादेवी जी में शारदीय नवरात्रों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर को भव्य तरीके से सजाया जा रहा है। लगभग 19 महीने बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं को हवन कुंड में आहुतियां डालने की अनुमति प्रदान की है। जबकि बैठकर हवन करने पर मनाही होगी। श्रद्धालुओं को आरटी पीसीआर या वैक्सीन की दोनों डोज का प्रमाण दिखाना होगा।
नवरात्रों के दौरान पूरे नयनादेवी क्षेत्र को 9 सेक्टरों में बांटा गया है। 6 सेक्टर अधिकारी सेवाएं देंगे। डीएसपी नयना देवी पूर्णचंद्र को पुलिस मेला अधिकारी और एसडीएम नयनादेवी को मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है।
उपायुक्त पंकज राय के अनुसार श्रद्धालु मंदिर में स्थित हवन कुंड में बैठकर हवन तो नहीं कर पाएंगे लेकिन प्रसाद की आहुतियां डाल सकेंगे। सरकार की एसओपी कि अनुपालना करते हुए मौली बांधने पर प्रतिबंध रहेगा। जबकि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को आरटी पीसीआर व वैक्सीन की दोनों डोज का प्रमाण दिखाना होगा। तभी उन्हें मंदिर में प्रवेश मिल सकेगा। इसके अलावा मुंडन करने पर प्रतिबंध रहेगा। नयनादेवी मंदिर परिसर में लंगर लगाने और प्रसाद चढ़ाने पर प्रतिबंध रहेगा।
विज्ञापन
उधर, मंदिर अधिकारी विजय गौतम के अनुसार नवरात्रों के दौरान लगभग 150 अस्थायी कर्मचारी रखे जाएंगे। पुजारी अंकुर शर्मा ने बताया कि माताजी के दरबार में हर वर्ष श्रद्धालुओं की ओर से नवरात्र में सजावट का कार्य किया जाता है। इस बार हरियाणा के करनाल की समाजसेवी संस्था मंदिर को सजा रही है। इसमें अभी दो-तीन दिन का समय और लगेगा।
विज्ञापन
नवरात्रों के दौरान पूरे नयनादेवी क्षेत्र को 9 सेक्टरों में बांटा गया है। 6 सेक्टर अधिकारी सेवाएं देंगे। डीएसपी नयना देवी पूर्णचंद्र को पुलिस मेला अधिकारी और एसडीएम नयनादेवी को मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है।
विज्ञापन
उपायुक्त पंकज राय के अनुसार श्रद्धालु मंदिर में स्थित हवन कुंड में बैठकर हवन तो नहीं कर पाएंगे लेकिन प्रसाद की आहुतियां डाल सकेंगे। सरकार की एसओपी कि अनुपालना करते हुए मौली बांधने पर प्रतिबंध रहेगा। जबकि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को आरटी पीसीआर व वैक्सीन की दोनों डोज का प्रमाण दिखाना होगा। तभी उन्हें मंदिर में प्रवेश मिल सकेगा। इसके अलावा मुंडन करने पर प्रतिबंध रहेगा। नयनादेवी मंदिर परिसर में लंगर लगाने और प्रसाद चढ़ाने पर प्रतिबंध रहेगा।
विज्ञापन
उधर, मंदिर अधिकारी विजय गौतम के अनुसार नवरात्रों के दौरान लगभग 150 अस्थायी कर्मचारी रखे जाएंगे। पुजारी अंकुर शर्मा ने बताया कि माताजी के दरबार में हर वर्ष श्रद्धालुओं की ओर से नवरात्र में सजावट का कार्य किया जाता है। इस बार हरियाणा के करनाल की समाजसेवी संस्था मंदिर को सजा रही है। इसमें अभी दो-तीन दिन का समय और लगेगा।